अधिवक्ता दिवस के रूप में मनाई जयंती

Azamgarh Updated Tue, 04 Dec 2012 05:30 AM IST
आजमगढ़। दीवानी न्यायालय परिसर में सोमवार को देश के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद की जयंती अधिवक्ता दिवस के रूप में मनाई गई। साथ ही 50 वर्ष से अधिक समय तक वकालत करने वाले अधिवक्ताआें को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
दीवानी न्यायालय अभिभाषक संघ भवन में आयोजित जयंती समारोह में अधिवक्ताओं ने राजेंद्र बाबू के जीवन पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व सांसद रामकृष्ण यादव ने कहा कि बिहार प्रांत के जिरदेई गांव जैसे रास्ताविहीन गांव में राजेंद्र बाबू का जन्म हुआ था। वह अपने मेहनत, कर्तव्यनिष्ठा के चलते अच्छे अधिवक्ता बने और संविधान सभा के अध्यक्ष समेत राष्ट्रपति पद को सुशोभित किया। सादा जीवन उच्च विचार ही उनका मूल मंत्र था। संघ के अध्यक्ष सच्चिदानंद राय ने कहा कि राजेंद्र बाबू पैगंबर या धर्म उपदेशक नहीं थी। बल्कि वह भारत के महापुरुष थे। उनके बताए रास्ते पर चलना ही हमारा मार्ग दर्शन होगा।
अन्य अधिवक्ताओं में संघ के चेयरमैन रविंद्रनाथ सिंह, रामजग यादव, प्रगतिशील अधिवक्ता आंदोलन के संरक्षक दीनपाल राय ने भी अपने विचारों को रखा। सम्मानित किए गए अधिवक्ताओं में रामप्यारे उपाध्याय, शाह एजाज, रविंद्र नाथ सिंह, रामकृष्ण यादव, रामजग यादव, लालबहादुर सिंह, मसुदुल हसन अब्बासी, जयप्रकाश पाण्डेय और एजाज अहमद थे। बीजी बिन्नानी, शिवगोविंद यादव, शत्रुघन मिश्रा आदि अधिवक्ता जो किसी कारण वश इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए थे, उन्हें बाद में समारोह आयोजित कर सम्मानित किया जाएगा।

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