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जन्म से पहले ही मार दी जा रहीं बेटियां

Azamgarh Updated Fri, 12 Oct 2012 12:00 PM IST
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लाटघाट। सगड़ी तहसील के जोकहरा स्थित श्री रामानंद सरस्वती पुस्तकालय पर गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बेटी दिवस पर साइकिल रैली निकालने के साथ ही कार्यशाला का आयोजन किया गया। साइकिल रैली और कार्यशाला में राजकीय इंटर कालेज जोकहरा, बीआर वर्मा महाविद्यालय जोकहरा, प्राथमिक विद्यालय जोकहरा की छात्राओं ने भाग लिया।
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कार्यशाला में छात्राओं को संबोधित करते हुए श्री रामानंद सरस्वती पुस्तकालय की डायरेक्टर हिना देसाई ने कहा कि 2011 की जनगणना में आजमगढ़ जिले को सराहा जा रहा है। बार-बार यह तर्क दिया जाता है कि आजमगढ़ में लिंग भेद नहीं है और पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या अधिक है। मगर इस बात को नजरदंाज किया जा रहा है कि 6 वर्ष की आयु तक की गणना में जहां 1991 में एक हजार बेटों पर 1021 बेटियां थीं, वहीं 2001 की गणना में यह संख्या एक हजार पर 948 बेटियाें तक पहुंच गई। वर्ष 2011 में तो यह संख्या एक हजार लड़कों पर मात्र 916 लड़कियां ही रह गईं।

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