कटान को लेकर एसडीएम आैर बाढ़ खंड में ठनी

Azamgarh Updated Tue, 14 Aug 2012 12:00 PM IST
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लाटघाट। सगड़ी तहसील में घाघरा नदी के स्थिर होने पर चक्की गांव में कटान थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को भी चक्की गांव में शाम तक कटान जारी रही। इस बीच कटान रोकने के लिए बंधे की सुरक्षा में लगे पत्थरों को खपाने पर एसडीएम सगड़ी और बाढ़ खंड के एक्सईएन के बीच ठन गई है। एक्सईएन का कहना है कि उनके मना करने पर भी बंधे की सुरक्षा के लिए लगाए गए पत्थरों से एसडीएम चक्की गांव में कटान रोकने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में घाघरा के फिर ऊफनने पर महुआ-गढ़वल बांध की सुरक्षा पर भी खतरा पैदा हो सकता है।
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बता दें कि घाघरा नदी के खतरे के निशान से काफी नीचे जाने के बाद सोमवार को जल स्तर स्थिर हो गया। इधर तीन दिनों से चक्की गांव में हो रही कटान को लेकर बाढ़ खंड विभाग के साथ ही एसडीएम सगड़ी गांव में डेरा डाले पड़े हैं। बिना बजट के ही दोनों के संयुक्त प्रयास से पायलिंग का कार्य जारी है। ग्रामीणों के कहने पर सोमवार को एसडीएम सगड़ी ने महुला-गढ़वल बांध की सुरक्षा के लिए बने स्पर नंबर छह पर रखे पत्थरों को भी कटान स्थल पर डालने का निर्देश जारी कर दिया। स्पर नंबर छह के पत्थरों को तीन किमी. दूर चक्की गांव तक नाव से ले जाने पर प्रशासनिक अधिकारियों और बाढ़ खंड के जेई और एई को पसीना आ जा रहा है। इसके बाद भी चक्की गांव में लगभग एक मीटर तक कटान जारी है।
इधर बाढ़ खंड के एक्सईएन प्रदीप कुमार का कहना है कि उन्हें कटान रोकने के लिए न ही विभाग से कोई बजट मिला और न ही जिला प्रशासन ही आपदा मद से फूटी कौड़ी उपलब्ध कराया है। इसके बाद भी अपने स्तर से कटान रोकने का प्रयास किया जा रहा है। मगर एसडीएम सगड़ी ने मना करने के बाद भी महुला-गढ़वल बांध की सुरक्षा में बने स्पर नंबर छह से पत्थर उठवाना शुरू कर दिया है,जिससे भविष्य में बांध के भी कटने से इंकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बगैर अधीक्षण अभियंता के आदेश के स्पर नंबर छह का पत्थर चक्की गांव में हो रही कटान को रोकने के लिए नहीं लगाया जा सकता। इधर एसडीएम सगड़ी रामनरेश पाठक ने बताया कि चक्की गांव को कटने से बचाने के लिए स्पर नंबर छह का पत्थर उठवाना जरूरी हो गया है। गांव के लोग पत्थर का दाम देने का तैयार हैं। यदि कटान नहीं रोका गया, तो एक परिवार का मकान घाघरा की गोद में विलीन हो सकता है। उन्होंने कहा कि बाढ़ खंड के एक्सईएन को अपने बांध की सुरक्षा की चिंता सता रही है। कट रहे गांव की सुरक्षा के लिए अभी तक देखने तक नहीं आए।
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