घाघरा गांव में घुसने को आतुर, लोग पलायन को मजबूर

Azamgarh Updated Fri, 03 Aug 2012 12:00 PM IST
लाटघाट। सगड़ी तहसील में घाघरा नदी तेजी से बढ़ाव पर है। गुरुवार को डिघिया गेज पर जल स्तर खतरे के निशान से छह सेमी. पार कर गई। बदरहुआ और उज्लटहवा गेज पर भी बढ़ाव जारी है। हालांकि अभी यहां खतरे का निशान दूर है। नदी के उफान से दर्जनों गांवों को संपर्क मार्ग पहले से ही पूरी तरह डूबा पड़ा है। अब नदी के तटवर्ती गांव बाढ़ के मुहाने पर आ गए हैं। किसी भी समय घरों में पानी घुस सकता है। सबसे भयावह स्थिति चक्की गांव की है, जहां से छिटपुट लोग पलायन करना शुरू कर दिए हैं। इसके बाद भी बचाव और राहत के नाम पर तहसील प्रशासन मौन पड़ा है। जबकि संपर्क मार्ग डूब जाने पर सरकारी नाव की जरूरत महसूस की जाने लगी है।
पिछले एक सप्ताह से घट-बढ़ रही घाघरा नदी मंगलवार को स्थिर हो गई थी, लेकिन बुधवार से फिर उफनने लगी । नदी के पांच प्रमुख गेजों में से तीन गेजों पर जल स्तर बढ़ने से ग्रामीण सकते में हैं। डिघिया गेज पर गुरुवार की सुबह आठ बजे 70.26 सेमी. पर जल स्तर रिकार्ड किया गया था, जो गुरुवार को 20 सेमी. और बढ़ जाने से खतरा बिंदु 70.40 सेमी. पार कर 70.46 सेमी. पर पहुंच गई। इधर बदरहुआ गेज पर बुधवार को जल स्तर 71.30 सेमी. रिकार्ड किया गया था, जो गुरुवार को बढ़ कर 71.40 सेमी. पर पहुंच गया, जो खतरा बिंदु 71.68 से मात्र 28 सेमी. और नीचे रह गया है। बढ़ाव की यही स्थिति रही, तो शनिवार तक बदरहुआ गेज पर भी खतरा बिंदु पार हो सकता है। डिघिया गेज पर नदी के खतरे के निशान से पार हो जाने पर चक्की, हाजीपुर, शाहडीह, सहनूपुर, अभनपट्टी, देवारा खास राजा के दर्जन भर पुरवे से अधिक गांवों के संपर्क मार्ग टापू में तब्दील हो गए हैं। अब लोगों के दरवाजे पर घाघरा नदी की धारा बहने लगी है। सबसे भयावह स्थिति नदी के तटवर्ती चक्की गांव की है, जहां पिछले साल कटान से कई परिवार बेघर हो गए थे। घाघरा का रौद्र रूप देख गुरुवार को गांव से कुछ लोग निकल कर महुला-गढ़वल बांध पर ठिकाना ढूढ़ते नजर आए। एक परिवार तो रहने के लिए मड़ई डालने में जुटा रहा।

गेज स्थल न्यूनतम खतरा बिंदु वर्तमान जल स्तर
डिघिया 64.90 सेमी. 70.40 सेमी. 70.46 सेमी.
बदरहुआ 70.25 सेमी. 71.68 सेमी. 71.40 सेमी.
उल्हटवा 75.17 सेमी. 76.60 सेमी. 75.40 सेमी.
इस्माइलपुर 72.70 सेमी. 73.70 सेमी. अभी गेज से दूर
गांगेपुर 71.50 सेमी. 73.00 सेमी. अभी गेज से दूर

एसडीएम को बाढ़ चौकियां सक्रिय नहीं मिली
अमर उजाला ब्यूरो
आजमगढ़। घाघरा नदी के डिघिया गेज पर खतरे के निशान से पार हो जाने पर गुरुवार को एसडीएम रामनरेश पाठक ने बाढ़ चौकियों के साथ ही गेज स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान महुला-गढ़वल बांध पर एक भी बाढ़ चौकियां सक्रिय नहीं मिली। कर्मचारी नदराद थे। इस पर एसडीएम ने बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को हिदायत दी कि 12 घंटे के अंदर ड्यूटी पर नहीं आए, तो कार्रवाई की जाएगी।
बता दें घाघरा नदी की बाढ़ के मद्देनजर महुला-गढ़वाल बांध पर 10 बाढ़ चौकियां खोली गई हैं। प्रत्येक चौकी पर बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए लेखपाल, ग्राम पंचायत अधिकारी, पशु चिकित्सक और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की तैनाती की गई है। गुरुवार को नदी के खतरे के निशान से ऊपर पहुंच जाने पर एसडीएम सगड़ी रामनरेश पाठक ने बाढ़ का जायजा लिया। साथ ही बाढ़ चौकियों का निरीक्षण किया। बाढ़ चौकियों के सक्रिय न रहने पर मातहतों को 12 घंटे के अंदर चौकियों को पूरी तरह सक्रिय रहने का निर्देश दिया।

अभी सरकारी नाव लगाने की जरूरत नहीं
लाटघाट। घाघरा की बाढ़ से संपर्क मार्ग के डूब जाने पर बाढ़ पीड़ितों के लिए सरकारी नाव चलाने के सवाल पर एसडीएम सगड़ी रामनरेश पाठक ने बताया कि अभी सरकारी नाव लगाने की जरूरत नहीं है। वैसे 21 नाव और एक मोटर बोट की व्यवस्था की गई है। जरूरत पड़ने पर नाव और मोटर बोट लगाया जाएगा।

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