अब लावारिश शवों का भी हो सकेगा डीएनए टेस्ट

Azamgarh Updated Sun, 22 Jul 2012 12:00 PM IST
आजमगढ़। आए दिन हत्या कर फेेंकी जाने वाली शवों की शिनाख्त न होने की दशा में पुलिस शवों को अंतत: फेंक कर ठिकाने लगा देती है। इसी के साथ ही उन शव की पहचान के रास्ते भी दफन हो जाते हैं। इससे अंजान परिजन पथराई आंखों से अपनों के इंतजार में ताउम्र गुजार देते हैं,लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। शासन द्वारा जारी नए फरमान के तहत अब से जिले में पाई जाने वाली हर लावारिश शव की निशानी रखी जाएगी। ताकि जरुरत पड़ने पर शिनाख्त के लिए डीएनए टेस्ट कराकर शव असली हकदार को सौंपा जा सके। नए फरमान से न केवल लावारिश शवों की शिनाख्त हो सकेगी,बल्कि मौत से जुड़ी घटनाओं से पर्दा भी उठ सकेगा।
बता दें कि आपसी रंजिश के चक्कर में न जाने कितने ऐसे लोग हैं जिनकी हत्या करने के बाद शव लावारिश हाल में फेंक दिया जाता है। इसमें ज्यादातर लोग घटना को छिपाने के लिए एक थाना क्षेत्र में वारदात करके शव को दूर-दराज वाले थाना क्षेत्रों में फेंक देते हैं। इससे महिला या पुरुष के शव को दूर-दूर तक पहचानने वाला कोई नहीं होता। नदी, नाला, नहर और झाड़ी आदि में पाई जाने वाली ऐसी लावारिश शव को पुलिस भले ही अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज देती है। लेकिन पहचान न होने के चलते उक्त शव को 72 घंटे तक सुरक्षित रखने के बाद उसकी फोटो खिंचवाकर शव को लावारिश हाल में फेंक देती थी। शव की शिनाख्त न होने के चलते पुलिस उक्त मामले की फाइल भी बंद कर देती है। जिसके साथ ही घटना के पीछे रहस्य का खुलासा नहीं हो पाता है। इन तथ्यों के मद्देनजर शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि लावारिश हाल में पाए जाने वाले प्रत्येक शव की कोई न कोई शरीर की निशानी पुलिस अपने पास रखेगी। ताकि आवश्यकता पड़ने पर उसका डीएनए टेस्ट कराया जा सके।
पुलिस अधीक्षक विजय सिंह मीना ने बताया कि नए शासनादेश के बाद हर थानाध्यक्ष को निर्देश दिया जा चुका है कि वह अपने क्षेत्र में पाए जाने वाले लावारिश शव की कोई निशानी अपने पास मौजूद रखेंगे। ताकि आवश्यकता पड़ने पर शिनाख्त के लिए डीएनए टेस्ट कराया जा सके।


पांच शवों की आज तक नहीं हुई शिनाख्त
लावारिशों में तीन युवती और दो पुरुष शामिल
आजमगढ़। मौजूदा वर्ष की शुरूआत से लेकर अब तक मिले पांच लावारिश शवों की शिनाख्त आज तक नहीं हो सकी। इनमें तीन युवतियां और दो पुरुषों के शव शामिल हैं। शव की शिनाख्त न होने से इन पांच घटनाओं का रहस्य आज भी बरकरार है।
पुलिस रिकार्ड के मुताबिक हत्या के बाद लावारिश हाल में फेंका गया शव वर्ष के जनवरी माह की तीन तारीख को गंभीरपुर थाने में मिली थी। धारदार हथियार से लगभग चालिस वर्षीय व्यक्ति की धारदार हथियार से हत्या के बाद शव फेंक दिया गया था। शिनाख्त न होने पर पुलिस ने शव का अंतिम संस्कार करा दिया। इसी क्रम में 18 मई को मेहनगर थाना क्षेत्र में फेंके गए पुरुष के शव की शिनाख्त नहीं हो सकी। जबकि 20 मई को शहर कोतवाली में युवती की हत्या के बाद शव फेंका मिला। वहीं दो जून को रौनापार थाना क्षेत्र में भी धारदार हथियार से हत्या के बाद फेंकी गई युवती की लाश बरामद हुई थी। जबकि 18 जुलाई को सरायमीर थाना क्षेत्र के नहर में उतराई हुई बाइस वर्षीय युवती की लाश पुलिस ने बरामद किया। यह विडंबना ही कही जाएगी कि पुलिस आज तक इन शवों की शिनाख्त नहीं करा सकी।

Spotlight

Most Read

Bihar

नीतीश के काफिले पर पथराव के बाद जेड प्लस सुरक्षा देगी मोदी सरकार

बिहार के मुख्यमंत्री के काफिले पर कुछ दिनों पहले हुए हमले के मद्देनजर नीतीश कुमार को जेड प्लस श्रेणी सुरक्षा दी जाएगी।

19 जनवरी 2018

Varanasi

मऊ की खबर

20 जनवरी 2018

Related Videos

बिजली कनेक्शन काटने पर SDO की हुई पिटाई

आजमगढ़ में बिजली बिल वसूल करने गए बिजली विभाग के SDO की जमकर पिटाई हो गई।

23 दिसंबर 2017

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper