विज्ञापन

लक्ष्य के सापेक्ष 10 प्रतिशत ही धान की रोपाई

Azamgarh Updated Sat, 14 Jul 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
आजमगढ़। मौसम की मार से लेकर खाद और पानी की समस्या से जूझ रहे जिले के किसान चाहकर भी धान की रोपाई इच्छा के अनुरुप नहीं कर सके। इसका परिणाम रहा कि कृषि विभाग की तरफ से निर्धारित किए गए लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 10 प्रतिशत ही धान की फसल रोपी जा सकी। हालांकि विभाग का दावा है कि बुआई के समय प्रयुक्त होने वाले खाद डीएपी की पर्याप्त भंडारण है। लेकिन वास्तविकता यह है कि वह किसानों तक नहीं पहुंच सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मौजूदा फसली में कृषि विभाग ने धान की फसल के लिए दो लाख 11 हजार हेक्टेयर भूमि पर धान की रोपनी का लक्ष्य निर्धारित किया था। लेकिन नर्सरी डालने के समय इंद्रदेव ने किसानों का साथ नहीं दिया। इसका परिणाम रहा कि अधिकांश किसान बरसात के इंतजार में रह गए। साधन संपन्न किसानों ने नर्सरी भी डाली तो बिजली कटौती के चलते पानी के अभाव में अधिकांश की नर्सरी खेत में सूख गई। बरसात देर से होने पर बहुतेरे किसान जिसने नर्सरी नहीं डाली थी वे संडा विधि से रोपाई का प्रयास किए। तो उनके सामने खाद और बीज की समस्या आड़े आ गई। ऐसे में जिले के अधिकांश किसान अपनी जमीन को खाली रख उसमें दलहनी फसल आदि लगाने की योजना बना रहे है। जिला कृषि अधिकारी आरएन सिंह ने दावा किया कि जिले में एनपीके और डीएपी की कमी नहीं है। जुलाई माह में जब नर्सरी डालने का समय होता है तभी जिले में मासिक लक्ष्य के हिसाब से 11500 मिट्रिक टन खाद मंगा ली गई थी। उधर विभाग के दावे के विपरीत वास्तविकता यह है कि ब्लाक के अधीन सहकारी समितियों पर खाद और बीज दोनों की उपलब्धता नहीं है। ऐसे में किसान मारे-मारे फिर रहें है।

जतन फिर भी कम संसाधन ने डूबो दी लुटिया
लालगंज। देर से ही सही सावन मास के शुरु होते ही जैसे ही बरसात शुरु हुई साधन विहीन किसान धान की नर्सरी डालने में जुट गए हैं। इस क्रम में12 जुलाई से समितियाें पर एनपीके खाद आनी शुरू हो गई। लालगंज, सिधौना तथा देवगांव समिति पर पहली खेप बीस-बीस टन खाद आई है। लेकिन नरसिंहपुर, मईखरगपुर, चेवार कंजहित, मेहरो जगदीशपुर, बैरीडीह, लहुवां, कलीचाबाद समितियों पर अभी खाद के आने की उम्मीद है। इसका परिणाम हुआ कि लाख जतन करने वाले किसानों की कमर टूट गई। बीज की बात करें तो हाईब्रीड बीज के नाम पर कृषि रक्षा इकाई ने किसानों को पुराने वेरायटी के बीज बेचा है। किसान ओमप्रकाश सिंह, भूपेंद्र, भानु प्रताप सिंह, भृगुनाथ सिंह, विजय यादव, दया यादव, भगौती सिंह की माने तो बरसात से इस बार की खेती प्रभावित हुई है। किसान नहीं संभला तो आगे की भी खेती पिछड़ जाएगी।

सिर्फ पीटी गई मुनादी,नहीं मिली खाद
मेहनगर। मेहनगर तहसील मेें जो बारिश हुई वह धान की नर्सरी के लिए नाकाफी साबित हो रही है। इसके बाद भी साधन संपन्न किसानों को भी खाद-बीज के लिए समितियों का चक्कर काटना पड़ रहा। किसानों के पूछने पर अधिकारी दो टूक जवाब दे रहे कि जैसे ही खाद आएगी बांट दी जाएगी। किसान सभाजीत सिंह, सिताराम, नरेंद्र, अशोक सिंह, हरबंश, प्रवेश, मुकुटधारी यादव, अनील सिंह, दीपचंद यादव ने बताया कि खाद-बीज की जो स्थिति हैं धान की फसल की बुआई का कार्य पिछड़ जाएगा। हालात नहीं सुधरे तो किसान सड़क पर आ जाएंगे।

दौड़ कर थक चुके हैं किसान
फूलपुर। फूलपुर क्षेत्र में मौजूद 12 साधन सहकारी समितियों पर प्रतिदिन किसानों का जमावड़ा हो रहा है। लेकिन खाद नहीं मिल रही। इसका लाभ प्राइवेट दुकानदार उठा रहे है। वहीं इस वर्ष समय से मानसून न आने के कारण कुछ किसानाें ने ट्यूबवेल के सहारे नर्सरी डाल तो दी। लेकिन बारिश न होने से धान की नर्सरी मुरझा रही है। किसान समय से बारिश न होने और खाद न मिलने से इस वर्ष धान की पैदावार कम होने की संभावना जता रहे हैं। क्षेत्र के किसान अली अंसर, सीताराम ने कहा कि समितियों पर खाद नदारत रहने से किसान दर-दर भटक रहे हैं।

मंहगें दाम पर बिक रही खाद
लाटघाट। सगड़ी तहसील के साधन सहकारी समिति मुहम्मदपुर, लाटघाट, रोहुआर, जोकहरा, कांखभार, बदौली, हाजीपुर, करखियां, पारनकुंडा सहित अन्य समितियोें पर समय से खाद न मिलने से किसानों को बाजार से 400 से 500 रुपये बोरी और डाई 1400-1500 रुपये बोरी खरीदना पड़ा। वहीं बिजली के अभाव में नलकूप के सहारे खेतों की रोपाई करानी पड़ी, जिससे किसानों की कमर ही टूट गई। क्षेत्र के किसान रामनगीना सिंह पटेल, बृजभान, राजपत, जयराम यादव, डा. उमाशंकर गुप्ता का कहना है कि बारिश कम हुई है। किसान किसी तरह धान रोपाई किए। इस वर्ष धान की फसल पर प्रभाव पड़ना तय हैं। पानी के अभाव में कुछ किसानों की धान की नर्सरी सुख रही है।

किसानों के लिए बचा है ट्यूबेल का सहारा
निजामाबाद। निजामाबाद तहसील में बारिश कम होने से किसान धान की पैदावार अच्छी न होने की संभावना जता रहे हैं। समितियाें पर खाद-बीज की कमी से वे दर-दर भटक रहे हैं। बारिश न होने से ट्यूबवेल के सहारे खेतों की सिंचाई कर रहे हैं। लेकिन ये भी नाकाफी साबित हो रहे हैं। किसान आसमान से अमृत बरसने का इंतजार कर रहे हैं। क्षेत्र के किसान लाला यादव, बंसता, हीरालाल मौर्या, दिनेश चंद्र प्रजापति, सुरेश चंद्र वर्मा, अशोक यादव ने कहा कि यदि जल्द ही बारिश नहीं हुई तो फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी।

Recommended

क्या आप अपने करियर को लेकर उलझन में हैं ? समाधान पायें हमारे अनुभवी ज्योतिषिचर्या से
ज्योतिष समाधान

क्या आप अपने करियर को लेकर उलझन में हैं ? समाधान पायें हमारे अनुभवी ज्योतिषिचर्या से

जानें क्यों होता है बार-बार आर्थिक नुकसान? समाधान पायें हमारे अनुभवी ज्योतिषिचर्या से
ज्योतिष समाधान

जानें क्यों होता है बार-बार आर्थिक नुकसान? समाधान पायें हमारे अनुभवी ज्योतिषिचर्या से

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Azamgarh

महामूर्ख की उपाधि से नवाजे गए सदर विधायक दुर्गा प्रसाद

महामूर्ख की उपाधि से नवाजे गए सदर विधायक दुर्गा प्रसाद

22 मार्च 2019

विज्ञापन

रायबरेली की आधी आबादी ने गिनाईं अपनी समस्याएं, कहा इन पर सरकार करे काम

अमर उजाला का चुनावी रथ यूपी के रायबरेली पहुंचा। जहां पर आधी आबादी में महिलाओं ने सुरक्षा का सवाल उठाया। साथ ही महिलाओं ने कहा कि महिलाओं को बराबरी का भी दर्जा मिले।

22 मार्च 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree