लापरवाही से मुश्किल बन जाएगी मुसीबत

Azamgarh Updated Thu, 05 Jul 2012 12:00 PM IST
आजमगढ़। घाघरा नदी से उत्पन्न बाढ़ से निपटने के लिए बाढ़ खंड विभाग भले ही पूरी तरह से तैयार रहने का दावा कर रहा हो, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। शासन से धन उपलब्ध होने के बावजूद पिछले वर्ष आई बाढ़ के दौरान उत्पन्न हुई परेशानियां इस बार भी मुंह खोले हैं। जबकि रैनबसेरा आवारा पशुओं की शरणस्थली बना हुआ है। क्षेत्रीय लोगों को भय है कि यदि इसी प्रकार प्रशासन दावा करता रहा तो मुश्किल मुसीबत में बदल जाएगी।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के देवरांचल में स्थित सैकड़ों गांव घाघरा नदी के किनारे स्थित हैं, जो प्रत्येक वर्ष बाढ़ की त्रासदी से त्रस्त रहते हैं। बाढ़ के दौरान पीडि़तों के लिए रहने के लिए महुला गढ़वल बांध पर रैनबसेरा बनाया गया है। लेकिन ईस्माइलपुर, हैदराबाद, रोशनगंज में बने रैनबसेरों की मरम्मत नहीं हो सकी। उपेक्षा के चलते रैबसेरा आवारा पशुओं का अड्डा बना हुआ है। इसके अलावा बाढ़ को मजबूती प्रदान करने वाले आधा दर्जन नोजों की दशा भी जर्जर है। जिसमें नोज संख्या दो से तीन तक की दशा ज्यादा नाजुक है। पिछले वर्ष आई बाढ़ के दौरान यह सभी जर्जर हो गए थे। इसके अलावा मठियां रिंग बांध भी जर्जर हो चुका है। एक वर्ष बाद भी इनके मरम्मत न होने से महुला गढ़वल बांध की मजबूती को खतरा है। क्षेत्रीय लोग मरम्मत न किए जाने से भयभीत और आक्रोशित हैं।
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता प्रदीप कुमार ने बताया कि बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए शासन से लगभग 50 लाख रुपये दिए गए हैं। जिसमें रेगुलेटरों की ग्रीसिंग आयलिंग, मिट्टी के स्टाक, कुछ बोल्डर, रैनबसेरों की साफ-सफाई सहित अन्य आवश्यक सामान मंगा लिए गए हैं। जर्जर बंधे के मरम्मत के संबंध में उन्होंने कहा कि शासन से धन न मिलने की वजह से बंधे के मरम्मत का कार्य नहीं हो सका।

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अधिकारियों के दौरे में सबकुछ मिला ओके
लाटघाट। मुख्य विकास अधिकारी अब्दुल समद ने बुधवार को सगड़ी तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राहत सामग्रियों का जायजा लेत हुए अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं। इस अवसर पर सीआरओ अच्छेलाल, एडीएम वित्त/राजस्व जेके सिंह, एसडीएम सगड़ी रामनरेश पाठक के अलावा बाढ़ खंड विभाग अधिकारी और जेई मौजूद रहे।

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निगरानी के लिए जेई और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात
आजमगढ़। अचानक आई बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए बाढ़ खंड विभाग द्वारा निगरानी के लिए 30 कर्मचारियों को नियुक्त कर दिया गया है। जिसमें 15 लोग दिन और 15 रात्रिकाल में ड्यूटी करेंगे। निगरानी रखने वालों में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी शामिल है। इसके अलावा जूनियर इंजीनियरों की भी ड्यूटी निर्धारित कर दी गई है। जो किसी भी स्थिति से विभाग के तुरंत अवगत कराएंगे। प्रत्येक लोगों का कार्य क्षेत्र महुला गढ़वल बांध पर तीन से चार किलोमीटर के बीच का होगा।

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