सीबीआई जांच के चलते अधर में है कार्य

Azamgarh Updated Wed, 16 May 2012 12:00 PM IST
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आजमगढ़। राष्ट्रीय ग्रामीण मिशन के तहत ग्रामीणों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रस्तावित 50 उपकेंद्र एनआरएचएम का दंश झेल रहे हैं। प्रदेश स्तर पर सीबीआई जांच के चलते उपकेंद्रों का निर्माण दो साल बाद भी अधर में लटका पड़ा है।
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एनआरएचएम के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2010-11 में जिले में अतरौलिया ब्लाक के रतुआपार, बोडरा, प्रातपपुर, प्रानपुर, बिलरियागंज के जेहरापिपरी, पटवध, पल्हनी के छतवारा, चंडेश्वर, लक्षिरामपुर, सठियांव के लारपुर नैठी, सोनपार,रानी की सराय के बधौरा, जहानागंज के बदनपुर, जिगरसंडी, कोयलसा के लालपुर, भीमाकोल, अहरौला के बनरहिया, कोटा, समसाबाद, पवई के गोधना, पूराधानी, अंबारी, मुहम्मदपुर के बेलवा,बिंद्राबाजार, बनगावं, तरवा के कड़सरा, महराजगंज के देवारा जदीद किता, खजियाबर, सिंधुवारा, शंकरपुर, तरवा के ऐराकला, फूलपुर के पुष्पनगर, सिंगारपुर, हरैया के करखिया अराजी देवारा नैनीजोर, करखिया, ठेकमा के जिवली, अजमतगढ़ के अंजानशहीद, अमुवारी नरायनपुर, तहबरपुर के भड़सरा खालसा, मार्टीनगंज ब्लाक के पुरंदरपुर, जगदीशपुर, लसड़ा, महुजा नेवादा गांव में उप केंद्र का निर्माण किया जाना था। प्रत्येक उपकेंद्र की लागत लगभग 8-19 लाख निर्धारित की गई है। वित्तीय वर्ष 2010-11 में ही सभी सब सेंटरों केनिर्माण के लिए लगभग आठ करोड़ नौ लाख 50 हजार शासन स्तर से जारी कर दिए गए थे। शासन की मंशा चार माह के अंदर सभी सब सेंटरों का निर्माण पूरा कर ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की थी। मगर बीच में ही प्रदेश स्तर पर एनआरएचएम घोटाला उजागर होते ही निर्माणाधीन सब सेंटर जांच के दायरे में आ गए। इस दौरान भुगतान पर रोक लगाए जाने पर ठेकेदारों ने हाथ पीछे कर लिया। हालांकि अब तक की जांच में जिले में किसी तरह का घोटाला उजागर नहीं हो पाया।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.वीबी सिंह ने बताया कि सीबीआई जांच की वजह से बीच में कार्यदाई संस्था ने सब सेंटरों का निर्माण कार्य रोक दिया था। बहरहाल 15 सब सेंटरों का निर्माण पूरा हो गया है। बाकी सेंटरों का निर्माण जारी है।
इनसेट
धनाभाव में 25 सब सेंटर भी अधर में लटके
आजमगढ़। एनआरएचएम के तहत वित्तीय वर्ष 2009-10 में भी जिले में 25 सब सेंटरों प्रस्तावित किए गए थे। एक सब सेंटर की लागत आठ लाख 19 हजार निर्धारित की गई थी। स्वास्थ्य विभाग के अवर अभियंता आरएन प्रसाद ने बताया कि वर्ष 2009-10 में प्रस्तावित सब सेंटरों के निर्माण केलिए प्रत्येक उप केंद्र पर 8.19 लाख के सापेक्ष पहली किश्त के रूप में मात्र 2.73 लाख की राशि उपलब्ध कराई गई। शेष राशि जारी न किए जाने से 25 सब सेंटरों का निर्माण दो साल से रुका पड़ा है।
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