विज्ञापन
विज्ञापन

बाहरी सीटों पर भी ताल ठोक रहें है जिले के दो धुरंधर

Varanasi Bureauवाराणसी ब्यूरो Updated Sun, 21 Apr 2019 11:19 PM IST
ख़बर सुनें
आजमगढ़। जिले की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले नेता इस बार जिले से मौका न मिलने पर बाहरी सीटों से ताल ठोक रहे हैं। नई सीटों पर इनकी स्थिति क्या रहेगी, यह तो आने वाला चुनाव परिणाम ही बताएगा, लेकिन इन धुरंधर नेताओं ने बाहरी सीट पर भी पूरे दमखम के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। जिले के इन धुरंधरों में एक पूर्व सांसद रमाकांत यादव तो दूसरे पूर्व मंत्री चंद्रदेव राम यादव करैली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रमाकांत यादव फूलपुर पवई क्षेत्र से चार बार विधायक रहे तो वहीं आजमगढ़ संसदीय सीट से इन्होंने दलों की अदला-बदली कर चार बार सांसद बनने का भी गौरव प्राप्त किया। 1996 में रमाकांत सपा के टिकट पर आजमगढ़ सीट से लोकसभा का चुनाव लड़े और जीत हासिल की। 1998 का चुनाव वे बसपा के अकबर अहमद डंपी से हार गए। 1999 में आम चुनाव में पुन: सपा के टिकट पर दूसरी पर संसद पहुंचे। 2004 में सपा से इनका मोहभंग हुआ और बसपा का दामन थाम कर चुनाव मैदान में उतरे और तीसरी जीत हासिल की। 2009 का लोकसभा चुनाव इन्होंने भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर लड़ा और जीत दर्जकर जिले में पहली बार भाजपा का खाता खोला। 2014 में भी ये बीजेपी के टिकट पर मैदान में थे लेकिन तत्कालीन सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव से पराजित हो गए। 2019 में भाजपा ने इन्हें टिकट नहीं दिया तो कांग्रेस में शामिल हो गए और अब कांग्रेस के टिकट पर भदोही लोकसभा सीट से ताल ठोक रहे है। जिले के ऐसे ही दूसरे धुरंधर है पूर्व मंत्री चंद्रदेव राम यादव करैली। ये बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे है। लैपफेड घोटाले में नाम आने पर इन्हें जेल भी जाना पड़ा। 2002 में चंद्रदेव राम यादव ने पहली बार मुबारकपुर विस सीट से चुनाव लड़ा और बसपा के टिकट पर जीत दर्ज की। 2007 में भी इन्होंने जीत हासिल की। बसपा की सरकार में इन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया। लैपफेड घोटाले में नाम आने पर इनकी गिरफ्तारी भी हो गई। 2012 के चुनाव के दौरान ये जेल में थे, जिसके चलते बसपा ने इनके स्थान पर मुबारकपुर से शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली को मैदान में उतार दिया और वे जीत भी गए। जेल से बाहर आने पर बसपा ने 2017 के विस चुनाव में निजामाबाद सीट से उतारा और ये चुनाव हार गए। अब 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा ने इन्हें कैसरगंज संसदीय सीट से अपना प्रत्याशी बनाया है। सपा-बसपा गठबंधन के चलते कैंसरगंज सीट बसपा के खाते में गई है।

Recommended

एलपीयू ही बेस्ट च्वॉइस क्यों है इंजीनियरिंग और अन्य कोर्सों के लिए
Lovely Professional University

एलपीयू ही बेस्ट च्वॉइस क्यों है इंजीनियरिंग और अन्य कोर्सों के लिए

क्या आपकी नौकरी की तलाश ख़त्म नहीं हो रही? प्रसिद्ध करियर विशेषज्ञ से पाएं समाधान।
Astrology

क्या आपकी नौकरी की तलाश ख़त्म नहीं हो रही? प्रसिद्ध करियर विशेषज्ञ से पाएं समाधान।

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Azamgarh

छत पर चढ़कर किशोरी से बलात्कार

छत पर चढ़कर किशोरी से बलात्कार

18 जून 2019

विज्ञापन

सांसदों का शपथ ग्रहण : कभी जय श्रीराम और राधे-राधे के नारे तो कभी लगे जय मीम, अल्लाह-हू-अकबर के नारे

सांसदों के शपथ ग्रहण के दौरान कभी लगे जय श्रीराम और राधे-राधे के नारे तो कभी लगे जय मीम, अल्लाह-हू-अकबर के नारे। देखिए ये रिपोर्ट

19 जून 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
सबसे तेज अनुभव के लिए
अमर उजाला लाइट ऐप चुनें
Add to Home Screen
Election