आलू, टमाटर तरेर रहे आंख, प्याज रुला रहा

Kanpur	 Bureauकानपुर ब्यूरो Updated Thu, 29 Oct 2020 12:03 AM IST
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फोटो 28एयूआरपी14- ग्राहक का इंतजार करता टमाटर विक्रेता।
फोटो 28एयूआरपी14- ग्राहक का इंतजार करता टमाटर विक्रेता। - फोटो : AURAIYA

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औरैया। स्थानीय बाजारों में इन दिनों सब्जी की कीमत में वृद्धि हो गई है। 10 रुपये किलो बिकने वाली सब्जी इन दिनों 30 से 40 रुपये प्रति किलो बिक रही है। इससे लोगों के किचन का बजट बिगड़ गया है। लोग किलो की जगह पाव में सब्जी खरीद रहे हैं। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि मंडी में दाम बढ़ने से हमें भी महंगी सब्जी बेचनी पड़ रही है। वहीं, दालों की कीमत बढ़ने से भी लोग दाल में तड़का लगाना भूल गए हैं।
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बीते सात-आठ दिनों में सब्जी व दाल की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी हो गई है। स्थिति यह हो गई है कि 30 रुपये किलो बिकने वाला टमाटर 50 रुपये किलो पहुंच गया है। आलू 30 से 60 रुपये तक पहुंच गया है। सबसे ज्यादा खाई जाने वाली अरहर की दाल 80 रुपये किलो से बढ़कर 125 रुपये पहुंच गई है। इससे घर की थाली का जायका पूरी तरह बिगड़ गया है। दुकानदारों का कहना है कि पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी से भी दामों में असर पड़ा है। जबकि कई दुकानदारों ने दालों की कालाबाजारी की बात भी कही। आम लोगों ने जिला प्रशासन से कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पहले और अब के दामों में अंतर (प्रति किलो)
सब्जी पहले अब
आलू 35 60
टमाटर 30 50
प्याज 40 80
करेला 35 50
भिंडी 30 40
गोभी 30 40
बैंगन 35 40
तरोई 30 50
दालों के बढ़ते दाम (प्रति किलो)
दाल पहले अब
अरहर 80 125
मसूर 60 70
मूंग दाल 75 100
उड़द 90 130
चना दाल 53 68
गृहिणियों ने बयां किया दर्द
मोहल्ला सत्तेश्वर निवासी लकी पोरवाल ने बताया कि सब्जियों के दाम बढ़ने से किचन का बजट बिगड़ गया है। पहले कोरोनाकाल में दाम अधिक हो गए थे। अब कुछ दाम कम होने के आसार थे, तो और अधिक दाम बढ़ गए हैं। समझ में ही नहीं आता है कि कौन सी सब्जी खरीदें। पति का व्यापार भी धीमा चल रहा है, ऐसे में गृहस्थी चलाना बहुत मुश्किल हो गया है।
होमगंज निवासी दीपिका गुप्ता का कहना है कि प्याज के दाम तो आसमान छू रहे हैं, जबकि इसके बिना सब्जी अधूरी रहती है। घर में बच्चों को सब्जी में आलू पसंद है, इन दिनों पहले आलू 10 रुपये किलो मिलता था। लेकिन अब दाम बढ़कर 50 से 60 रुपये किलो पहुंच गया है। किचन को चलाना मुश्किल हो गया है।
मोहल्ला पुराना बजाजा निवासी कृष्णा पोरवाल ने बताया कि दालों की कीमत में अचानक बढ़ोतरी हो गई है। घर में सभी को अरहर की दाल सबसे ज्यादा पसंद है। इस महंगाई में दाल खाना मुश्किल हो गया है। कोरोना संक्रमण के कारण हुई बंदी से पहले ही आर्थिक तंगी झेल रहे हैं। अब महंगाई ने जीना मुहाल कर दिया है।
मोहल्ला समरतपुर निवासी गुंजा पाल का कहना है कि इस महंगाई में परिवार को क्या खाने को दें और क्या न दें। सब्जी के साथ दालों की कीमतों में वृद्धि हो गई है। टमाटर, आलू, प्याज के बिना सब्जी नहीं बन सकती है। इनके बढ़े दामों से किचन का बजट बिगड़ गया है। दालों के दाम भी अधिक हो गए हैं। पहले दाल 25 किलो लेकर आते थे। अब दाम बढ़ जाने से 5 किलो में काम चला लेते हैं।
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