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घर के सामने से निकली सड़क की जमीन को लेकर था विवाद

Kanpur	 Bureauकानपुर ब्यूरो Updated Fri, 19 Apr 2019 12:02 AM IST
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औरैया। रमपुरा में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत के पीछे की वजह हालांकि सिक्योरिटी गार्ड के पिता ने कई घंटे तक पुलिस को पड़ोसियों से सड़क की जमीन का विवाद बताया पर देर रात जब तहरीर दी तो पलट गया। उसने पुत्र पर गृह कलह की वजह से वारदात को अंजाम देने की तहरीर दी। उधर जब वह पुलिस को हत्या की वजह सड़क का विवाद बता रहा था तो किसी के गले यह नहीं उतर रहा था। तर्क यह था कि जमीन के विवाद में कोई अपनी व परिवार के सदस्यों की हत्या क्यों करेगा। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मृतक के बहन-बहनोई भी इससे सहमत नहीं थे। उन्होंने भी वारदात की वजह पति-पत्नी का आपसी विवाद ही बताई। हालांकि पुलिस का कहना है कि हर बिंदु पर जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सिक्योरिटी गार्ड विश्राम सिंह ने पत्नी रेखा, बेटे वंश व बेटी प्रांशी की गोली मारकर हत्या कर दी। एक पुत्री अंशी गंभीर रूप से घायल है। मृतक के पिता लाखन सिंह ने पुलिस को बताया कि उसके पड़ोस में तीन लोगों से घर के सामने निकली सड़क की जमीन को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद उसके पुत्र ने यह कदम उठाया। हालांकि एएसपी कमलेश दीक्षित ने बताया कि विश्राम के बहनोई अनुज यादव उर्फ टिंकू निवासी गोगलपुरा (इटावा) ने बताया कि ग्राम प्रधान के जेठ नेम सिंह, जो कि हिस्ट्रीशीटर है, की बात में आकर लाखन सिंह गांव के लोगों का नाम ले रहे हैं, जो गलत है। वास्तव में विवाद पति-पत्नी के बीच का सामने आ रहा है। देर शाम अपर एसपी कमलेश दीक्षित ने बताया कि एरवा कटरा थाने में तहरीर देकर पिता लाखन सिंह ने पुत्र विश्राम पर गृह कलह में वारदात को अंजाम देने की बात कही है।

एएसपी कमलेश दीक्षित ने बताया कि घटना के दौरान ग्राम निवासी मकरंद, जो विश्राम सिंह का दोस्त है, ने पुलिस को बताया कि वह विश्राम के घर के पास से निकल रहा था तभी गोली चलने की आवाज सुनकर वह जब घर के अंदर पहुंचा तो विश्राम बच्चों को गोली मार रहा था। उसने विश्राम सिंह को ऐसा करने से मना किया तो विश्राम सिंह ने उसके ऊपर भी फायर झोंक दिया। तभी वह जमीन पर गिर गया। इससे गोली उसके ऊपर से निकल गई और वह बाल-बाल बच गया।


एरवाकटरा। ग्रामीणों ने बताया कि विश्राम सिंह गुस्सैल प्रवृत्ति का था। घर के सामने निकली सड़क, जो पांच-छह माह पूर्व प्रधान ने बनवाई थी, से किसी के भी निकलने पर विश्राम को ऐतराज था। बुधवार को गांव के लोगों से पंचायत की बात कही थी। ग्रामीणों के एकत्रित न हो पाने से पंचायत नहीं हो सकी थी। रेखा ने भी ग्रामीणों को समझाया था कि जब उसके पति घर पर हों तो वह सड़क से होकर न गुजरें। कयास यह भी लगाया जा रहा है कि गुरुवार को जब विश्राम रेखा को दिखाकर लौटा तो गांव का निवासी सुभाष ट्रैक्टर लेकर निकला, इससे विश्राम सिंह आपा खो बैठा और तमंचा निकाल लाया। विश्राम सिंह घर में सबसे बड़ा था। उसके दो और भाई व एक बहन है। भाई प्रवीण (30) व ब्रह्म प्रकाश उर्फ कल्लू (26) किसी प्राइवेट कंपनी में दिल्ली में नौकरी करते हैं। एक बहन बबली है। उसकी शादी इटावा में हुई है।


एरवाकटरा। विश्राम सिंह यादव इंटर कालेज के प्रबंधक अनिल यादव ने बताया कि प्रांशी व अंशी उनके ही विद्यालय में कक्षा चार व तीन में पढ़ते हैं। गुरुवार को छुट्टी के बाद उनको दूसरी शिफ्ट में स्कूल वाहन से घर भेजा गया था। बताया कि अगर 20 मिनट वाहन देरी से घर पहुंचता तो हो सकता है कि प्रांशी की जान बच जाती और अंशी भी घायल न होती।

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