विज्ञापन

ठंडे बस्ते में है फसली बीमा योजना

Auraiya Updated Fri, 06 Jul 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
औरैया। प्राकृतिक आपदाओं से फसलों के नुकसान के बाद किसानों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिये पूर्व की बसपा सरकार की ओर से मई 2010 में शुरू की गई मौसम आधारित फसली बीमा योजना अनदेखी के चलते ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है। जिले में योजना प्रभावी न होने से किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। हाईकमान से सैटिंग कर चुकी बीमा कंपनी की निरंकुशता के चलते योजना संचालित करने के लिये कार्यालय तक नहीं खोला गया। कृषि विभाग के अधिकारी भी योजना के बाबत जानकारी होने से पल्ला झाड़ रहे हैं। ऐसे में किसान फसलों के नुकसान की भरपाई न हो पाने से ठगा सा महसूस कर हैं।
विज्ञापन
मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत कृषकों को मौसम की प्रतिकूल घटनाएं जैसे खरीब के समय पर कम या अधिक बारिश, रबी के समय पाला, तापमान, नमी से होने वाली क्षति की पूर्ति करने के लिये शुरू की गई थी। प्रदेश के तीन जिलों बागपत, औरैया एवं एक अन्य जनपद में परीक्षण के रूप में प्रारंभ की गई मौसम आधारित फसल बीमा योजना बीमा कंपनी की निरंकुशता के चलते पहले पायदान पर धड़ाम साबित हो गई। योजना प्रारंभ के समय शासन ने एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लि. नामक बीमा कंपनी को अधिकृत किया गया था। पर हाईकमान तक सैटिंग कर चुकी बीमा कंपनी की ओर से दफ्तर खोलना तो दूर जिले में दोबारा जिले में झांकने तक मुनासिब नही समझा। नतीजतन जिले भर के किसान आज भी योजना के लाभ से वंचित हैं।
कैसे मिलता योजना का लाभ
गेंहू, धान, मक्का, ज्वार, अरहर, उर्द, मूंग, बाजरा व तिलहनी फसलों के नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिये शुरू की गई फसली बीमा योजना का लाभ प्राप्त करने के लिये किसानों को संबंधी सफल के अनुसार प्रीमियम भरना आवश्यक होता है। फसल की बोबाई से लेकर पकने तक दरम्यान हानि होने पर किसान क्ष्ज्ञतिपूर्ति का दावा कर सकता है। बीमा कंपनी को दावा करने के 45 दिनों अंदर नुकसान की भरपाई करनी आवयक है।

कृषि विभाग से संबंधित नहीं योजना
फसली बीमा योजना की वास्तविक प्रगति के बारे में दरयाफ्त करने पर कृषि विभाग ने साफ तौर कहा कि योजना से विभाग का कोई लेना-देना नहीं है। कृषि उप निदेशक डा. बनारसीदास यादव ने बताया कि योजना के शैशव काल के समय बीमा कंपनी का एक नुमाइंदा उनके कार्यालय में आया जरूर था, उसके बाद योजना की जिले में क्या स्थिति है, यह उनके विभागीय कार्य परिक्षेत्र से बाहर का मामला है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election
  • Downloads

Follow Us