एफसीआई पर क्रय एजेंसियों का 341 लाख बकाया

Auraiya Updated Fri, 15 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
औरैया। शासन से निर्धारित गेहूं के समर्थन मूल्य का जिले के किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। बारदाने के बाद अब सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों पर बजट के अभाव में खरीद प्रभावित हो रही है। बजट न होने से जहां किसानों को औने पौने दाम में फसल बेचनी पड़ रही है। वहीं, एफसीआई पर क्रय एजेंसियों का 341 लाख रुपए बकाया होने से केेंद्र प्रभारियों को लक्ष्य पूरा करने का दबाव बढ़ गया है।
विज्ञापन

इस बार 46,500 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष जिले में कुल 36,124 एमटी गेहूं की खरीद की जा चुकी है। भारतीय खाद्य निगम की ओर से क्रय किया गया गेहूं का भुगतान क्रय एजेंसियों को नहीं होने से गेहूं के समर्थन मूल्य का लाभ किसानों को नहीं मिल पाया है। सीमित धनराशि से गेहूं खरीद करने के बाद क्रय एजेंसियों के हाथ खाली हो गए हैं। एफसीआई की ओर से भुगतान में की जा रही देरी के चलते अपनी फसल बेच चुके किसानों का भी भुगतान लंबित पड़ा हुआ है। वहीं बजट न होने से केंद्रों पर गेहूं की खरीद भी प्रभावित हो रही है। उधारी पर फसल बेचने को किसान राजी नहीं है। बजट का अभाव न केवल गेहूं खरीद लक्ष्य को प्रभावित कर रहा है। बल्कि किसानों को भी समर्थन मूल्य के लाभ से वंचित रख रहा है।
इस संबंध में डिप्टी आरएमओ सचिन कुमार ने बताया कि बजट के लिए भारतीय खाद्य निगम को पत्र भेज कर लंबित भुगतान करने को कहा गया है। एफसीआई ने एक-दो दिन में क्रय एजेंसियों को भुगतान करने का भरोसा दिया है। भुगतान प्राप्त होते ही केंद्रों पर गेहूं खरीद प्रक्रिया सामान्य रूप में आ जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us