भगवान राम की काली मूर्ति है मंदिर की पहचान

Auraiya Updated Thu, 14 Jun 2012 12:00 PM IST
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अजीतमल (औरैया)। अजीतमल विकास खंड के यमुना किनारे बसे सिकरोड़ी गांव में अति प्राचीन राम जानकी का ऐतिहासिक मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। यहां भगवान राम की मूर्ति काले स्वरूप में हैं। जो अपने आप में अनुपम और भक्तों को आकर्षित करने वाली है। इस मंदिर के बारे में मान्यता यह है कि यहां आने वाले पर भगवान राम की कृपा जरूर बरसती है।
सिकरोड़ी के मंदिर में लक्ष्मण व सीता की मूर्ति तो सफेद पत्थर की बनी है किंतु भगवान राम की प्रतिमा काले पत्थर की बनी है। ऐसी मान्यता है कि यहां राम की पूजा के उपरांत प्रथम महंत अनार दास पुजारी की रखी खड़ाऊ पर पान बतासा चढ़ाने से मन्नत पूरी होती है।
इस राम जानकी मंदिर का अपना ऐतिहासिक पौराणिक महत्व भी है। यह मंदिर पूर्व में सेंगर राजाओं की श्रद्धा विश्वास का केंद्र रहा है। भरेह के सेंगर राजा रूप सिंह ने मंदिर को 500 बीघा जमीन दान में दी थी। आजादी के बाद जमींदारी उन्मूलन के कारण मात्र 100 बीघा उपजाऊ जमीन मंदिर के पास है। वर्तमान में क्षेत्र के सेंगरों के घरों में बच्चा पैदा होने और शादी के बाद दूल्हा-दुल्हन की मंदिर में पूजा कराने की परंपरा आज भी कायम है। दशहरा के अवसर पर यमुना में स्नान करने वालाें की भारी भीड़ यहां उमड़ती है।
वर्तमान में मंदिर के 13 वें महंत नारायणदास ने बताया कि श्रद्धालुआें को प्रसाद और भोजन की व्यवस्था कराई जाती है। वर्तमान में मंदिर की आरती की व्यवस्था पुजारी शिव प्रकाश शुक्ल और बालेश्वर दास करते हैं। महंत नारायणदास बताते है कि हर 10 वर्ष बाद यहां महायज्ञ व दो वर्ष में श्रीमद्भागवत का पाठ होता है। सिद्ध भगवान राम की मूर्ति वाला क्षेत्र का यह पहला मंदिर है।

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