तीन दशक से मिश्रीपुर माइनर में उड़ रही धूल

Auraiya Updated Fri, 08 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर Free में
कहीं भी, कभी भी।

70 वर्षों से करोड़ों पाठकों की पसंद

ख़बर सुनें
मुरादगंज (औरैया)। मिश्रीपुर माइनर में तीन दशक से पानी नहीं आ रहा है। यह माइनर किसानों के लिए कभी वरदान हुआ करती थी परंतु इस माइनर रजवाहों के निकलने से अब इसमें धूल उड़ रही है। किसान खेतों की सिंचाई के लिए परेशान रहता है।
विज्ञापन

शासन ने उपेक्षित पड़ी जमीन को सिंचित करने की मंशा से निबाडीकला माइनर से अटसू होकर मिश्रीपुर माइनर निकाली थी। इस माइनर को निकालने का मुख्य उद्देश्य अटसू, बीघेपुर, मदन सिंह का पुरवा, सोहरी गढ़िया, चांदपुर ककरैया, नवलपुर, सुर्जनपुर, सतहाड़ी प्रतापपुर, हरसाय का पुरवा, ऊंचा बहादुरपुर, मिश्रीपुर, चमरपुरा, हीरापुर सहित लगभग 30 गांवों और मजरों को हरा भरा बनाना था। शुरूआती दौर में माइनर से सिंचित क्षेत्र में जब खेतों में हरियाली छायी तो किसानों के चेहरे भी खिल उठे।
इस माइनर से जानिशनगर, अजुआपुर के दो रजवाहा निकलवा दिए गए। इन रजवाहों को काफी नीचे रखा गया है जिससे निबाडीकला से जब पानी छोड़ा जाता है तो मिश्रीपुर माइनर का पानी नीचे होने के कारण दोनों रजवाहों में चला जाता है। पानी के अभाव में यहां पिछले 40 वर्षों से धूल उड़ रही है।
बीघेपुर के प्रधान प्रीतम सिंह राजपूत, प्रधान सुबोध कुमार दुबे, प्रधान जयनारायण तिवारी, विनोद कुमार कुशवाहा, रामबाबू राजपूत आदि ने माइनरों का लेवल सही कराए जाने की मांग की है। जिससे रजवाहों और माइनरों में समान रूप से पानी का वितरण हो सके। वहीं प्रधान संगठन के प्रदेश महासचिव कौशल किशोर पांडेय ने कहा कि वे इस मामले से सिंचाई मंत्री को भी अवगत कराएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us