गेहूं खरीद केंद्रों पर पसरा सन्नाटा, बंद रहे कांटे

Auraiya Updated Thu, 08 May 2014 05:30 AM IST
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औरैया। पहले लोकसभा चुनाव और अब मतगणना ने जिले में गेहूं खरीद की चाल को पूरी तरह से रोक दिया है। खरीद नीति में पेचिदगियां और मानक अनुरूप गेहूं न होने पर रिजेक्शन के भय से किसान भी सरकारी क्रय केंद्रों से किनारा कर रहे हैं। इन्हीं परिस्थितियों में बुधवार को अमर उजाला टीम ने क्रय केंद्रों की पड़ताल कर खरीद की स्थिति परखी। केंद्रों पर अधिकांशत: सन्नाटा ही मिला। यहां तक की इलेक्ट्रानिक कांटे भी केंद्र परिसर में रखे हुए नहीं मिले। केंद्र पर किसान नहीं आये तो पल्लेदार भी आराम फरमाते दिखे।
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सीन 1- समय - 12:10 दोपहर-स्थान- मंडी समिति परिसर, औरैया
क्रय केंद्र- राजकीय गेहूं खरीद
केंद्र पर अमर उजाला टीम को केंद्र प्रभारी प्रभा गुप्ता तो न मिली। विपणन सहायक पंकज कुमार ने बताया कि केंद्र प्रभारी पर अजीतमल का भी प्रभार है। केंद्र पर अब तक केंद्र पर 24 कुंतल ही गेहूं खरीद की जा सकी है। केंद्र के बाहर छजना तो रखा था। परंतु इलेक्ट्रानिक कांटा गायब था। किसानों के न आने से केंद्र पूरी तरह सन्नाटे में डूबा था। केंद्र के अंदर पल्लेदार जमीन पर ही आराम फरमाता मिला।
फोटो07एयूआरपी 12- यूपीएसएस केंद्र पर कुछ इस तरह रहे हालात
सीन 2- समय - 12:20 दोपहर-स्थान- मंडी समिति परिसर, औरैया
क्रय केंद्र- यूपीएसएस
इस केंद्र पर थोड़ी सी रौनक दिखाई दी। इक्का-दुक्का किसान फसल लेकर आते हुए दिखे। यहां खरीद जारी मिली। केंद्र पर मौजूद प्रभारी गिरधारी लाल मिश्रा ने बताया कि अब तक 394 कुंतल गेहूं की खरीद की गई है। श्रमिक किसानों की लाई फसल की छनाई में लगे हुए थे।
सीन 3-समय - 12:25 दोपहर- स्थान- मंडी समिति परिसर, औरैया
क्रय केंद्र- एफसीआई
वैसे एफसीआई के इस केंद्र पर अब तक 2042 कुंतल खरीद किया जाना किसानों की आवक होना प्रमाणित करता है। परंतु आज यहां भी सन्नाटा दिखा। केंद्र पर एक मात्र किसान अपनी फसल बेचने के लिये दिखाई दिया। प्रभारी धर्मेद्र प्रताप व तकनीकी सहायक अशोक कुमार दोनों ही कुर्सी संभाले मिले।
सीन 4- समय - 12:30 दोपहर-स्थान- मंडी समिति परिसर, औरैया
क्रय केंद्र - यूपी एग्रो
पिछले एक माह और सात दिनों में इस केंद्र पर मात्र 80 कुंतल ही गेहूं की खरीद की जा सकी है। किसानों ने इस केेंद्र पर पूरी तरह से किनारा कर रखा है। प्रभारी रघुनाथ यादव भी ड्यूटी पर मौजूद नहीं मिले। केंद्र पर मौजूद एक व्यक्ति उमेश कुमार ने खरीद के बारे में जानकारी दी। केंद्र पर पूरी तरह से सन्नाटा बना हुआ था।
दागी और कटौती केे भय से कतरा रहे किसान- औरैया। शासन से निर्धारित 1400 रुपये प्रति कुंतल न्यूनतम समर्थन मूल्य के मुकाबले बाजार में 1390 रुपये प्रति कुंतल भाव होते हुए भी किसान खुले बाजारों को ही तवज्जो दे रहे हैं। खुले बाजार में फसल लेकर आने वाले ग्राम पसईपुर के श्याम किशोर, ग्राम नंदपुर के लालता प्रसाद ने बताया कि भुगतान प्रक्रिया जटिल और फसल की गुणवत्ता पर सवाल उठाये जाने के साथ ही मानक अनुरूप लाने के लिये 18 रुपये प्रति कुंतल की दर से कटौती के प्रावधान से खुले बाजार में ही दस रुपये कम भाव में फसल बेचने में ज्यादा सहूलियत है।
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