जहर खाने से तीस मवेशियों की मौत

Auraiya Updated Wed, 30 Jan 2013 05:30 AM IST
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औरैया। गल्ला मंडी परिसर में जहरीला पदार्थ खाने से तीस पशुओं की मौत हो गई। शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। गौ संरक्षण समिति के पदाधिकारियों और मंडी के आढ़तियों के रोष जताने पर एएसपी, एडीएम, एसडीएम ने मामले की मौके पर पहुंचकर छानबीन की। एएसपी ने रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ जांच का भी आश्वासन दिया है। कोतवाल बृज मोहन वर्मा ने बताया कि अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
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मंडी समिति परिसर में आवारा जानवर घूमते रहते हैं। सोमवार की रात मंडी परिसर में इन जानवरों ने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया। इससे एक-एक कर तीस मवेशी मर गए। गौवंश के मरने की सूचना मिलते ही गौ संरक्षण समिति के पदाधिकारी ज्ञान सक्सेना, संतोष गुप्ता, अनिल दीक्षित, डा.सर्वेश आर्य ने मौके पर पहुंचने के बाद मंडी परिसर में आक्रोश जताया। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की जांच कराके दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और जानवरों के शवों का पोस्टमार्टम कराए जाने की मांग की।

एसडीएम/मंडी सभापति डा.सीएल सोनकर और कोतवाली प्रभारी बृज मोहन वर्मा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। छानबीन में पता चला कि रात में ही इन मरे हुए मवेशियाें को बुग्गी पर लादकर जालौन रोड स्थित बूचड़ खाने के सामने फेंक दिया गया था। मौके पर आधा दर्जन से अधिक पशु मरे पड़े थे जिनके शरीर से खाल उतारी जा चुकी थी। मंडी परिसर में जहरीला पदार्थ खाने से अधमरी हालत में पड़े दो पशुओं का उपचार कराया गया। मंडी परिसर पहुंचे एएसपी ओपी श्रीवास्तव और एडीएम लालमणि मिश्र ने मामले की जांच कराए जाने, मरे हुए मवेशियों का पोस्टमार्टम कराए जाने के निर्देश दिए। सूत्रों के मुताबिक पुलिस कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

मंडी प्रशासन चेतता तो न होती घटना
औरैया। गल्ला मंडी अध्यक्ष शिव कांत पाठक और महामंत्री जमाली सिंह का कहना है कि अगर समय से मंडी प्रशासन चेत जाता तो जानवरों को मरने से बचाया जा सकता था।

चुपचाप हटा दिए गए मृत जानवर
औरैया। गौ संरक्षण संवर्धन समिति के अनिल दीक्षित, ज्ञान सक्सेना, संतोष गुप्ता और डा.सर्वेश आर्य ने मंडी प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि मंडी परिसर में गौवंश के मरने की जानकारी मंडी प्रशासन ने छिपा ली और गुपचुप तरीके से उनके मृत शरीरों को फिंकवा दिया गया। उन्होंने कहा कि एक हफ्ते पूर्व भी लगभग आठ गौवंश मर गए थे। इसके बाद भी मंडी प्रशासन ने कोई ध्यान देने की जरूरत नहीं समझी।
उधर जानवरों को बुग्गी पर लादकर फेंकने जा रहे बुग्गी चालक सोनू ने बताया कि रात भर चार बुग्गियों से मरे जानवरों को ढोया गया। उसने बताया कि इसके लिए उसे ठेकेदार नईम ने कहा था जबकि नईम का कहना है कि उसे नगर पालिका एसआई आरबी पटेल और मंडी सचिव ने ऐसा करने के निर्देश दिए थे। इस संबंध में मंडी सचिव अशोक सिंह सोलंकी ने फोन पर बताया कि वे औरैया में हैं ही नहीं और न ही उन्होंने ऐसा कोई निर्देश दिया है।

चौबीस घंटे में ले जाएं अपने मवेशी
औरैया। गल्ला मंडी में गौ वंश के मरने के बाद एसडीएम सदर डा.सीएल सोनकर ने कहा कि उन्होंने पहले भी लोगों को सूचना देकर अपने-अपने गौवंश ले जाने की अपील की थी। इसके बावजूद किसी ने ध्यान नहीं दिया। उन्होंने पशु मालिकों को चेतावनी दी कि मंडी परिसर में घूम रहे गौवंश जिनके हैं वे चौबीस घंटे में यहां से ले जाएं अन्यथा उन्हें गौशाला के सुपुर्द कर दिया जाएगा।

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