सुख पाने का प्रयास ही प्राणियों का धर्म

Auraiya Updated Fri, 28 Dec 2012 05:30 AM IST
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औरैया। शहर के संकट मोचन धर्मशाला में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के आखिरी दिन क ी कथा सुनाते हुए आचार्य पीयूष महाराज ने कहा कि भगवान का नाम लेने से सभी दुख समाप्त हो जाते है और सुख पाने का प्रयास ही प्रणियाें का धर्म है। वहीं आखिरी दिन की कथा सुनने की लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद रही।
गुरुवार को आखिरी दिन की कथा सुनाते हुए आचार्य ने कहा कि अध्यात्म विज्ञान के बल से कोई जान लेता है कि मर्त्य क्या है। कौन अथवा क्या विनाश का कारण है। इस विवेक की सहायता से मर्त्य और अमर्त्य को जान वह पुण्य-पथ का अनुशरण करता है और सुख पाने का प्रयास करता है। उन्हाेंने कहा कि तुम्हारी वर्तमान सत्ता के अंदर जो है, इससे उसे न्याय करने की समझ तुम मेें आ जाती है वहीं प्राणी का धर्म है। वहीं उन्हाेंने कहा कि कठिनतम परिस्थितियाें में गीता का स्मरण हमें सार्थक जीवन जीने व कर्म करने की प्रेरणा देता है। वहीं उन्हाेंने कहा कि भगवान का नाम मात्र से ही सभी दुखों का निवारण हो जाता है और भगवान की पूजा करने सभी बिगड़े कार्य बन जाते है। जिस प्रकार किसी फूल की महक को शब्दों में बयां करना कठिन है, उसी प्रकार किसी भी भक्ति का वर्णन करना मुश्किल है। कथा के आयोजक विपिन मिश्र व उत्कल मिश्रा ने बताया कि 28 दिसंबर को हवन एवं भंडारा है जिसमें श्रद्धालुओं से प्रसाद ग्रहण करने की अपील की।

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