अलाव के लिए दो तहसीलों को सिर्फ एक लाख

Auraiya Updated Tue, 18 Dec 2012 05:30 AM IST
औरैया। शासन द्वारा जिले की औरैया और बिधूना तहसीलों को अलाव के नाम पर 50 हजार रुपए का बजट जारी कर दिया गया। लेकिन यह बजट हर वर्ष की तरह ऊंट के मुंह में जीरा साबित होगा। ऐसी स्थिति में सार्वजनिक स्थानों पर सर्दी भर कैसे अलाव जलाए जा सकेंगे, यह सवाल हर जगह उठाया जा रहा है।
सर्दी का मौसम शुरु होते ही शासन स्तर से सभी जिलों को अलाव के नाम पर बजट जारी किया जा चुका है। जिले को भी इस मद में बजट दिया गया है। जिले में दो तहसीलें हैं। इनमें औरैया तहसील क्षेत्र में दिबियापुर, मुरादगंज, अजीतमल, फफूंद और औरैया शहर शामिल है। वहीं बिधूना तहसील के अंतर्गत बिधूना कसबा, सहार, बेला, हरचंदपुर, याकूबपुर, सहायल, रुरुगंज, अछल्दा, एरवाकटरा, कुदरकोट और उमरैन शामिल हैं। इनमें पिछले वर्ष औरैया तहसील के क्षेत्रों को पांच-पांच हजार व शहर को तीस हजार रुपए अलाव के मद में दिए गए थे। दिलचस्प बात यह है पिछले वर्ष भीषण सर्दी में कम बजट मिलने के कारण लेखपाल और कानूनगो को अलाव जलवाने में नाको चने चबाने पड़े थे। आदेश का पालन करने के लिए लकड़ी आढ़तियों से सहयोग लेकर काम चलाया गया था। ऐसी स्थिति में इस बार भी इतने कम बजट में क्या फिर पिछले वर्ष की पुनरावृत्ति होगी। उधर बिधूना के आरके बाबू सुमित नरायन तिवारी ने बताया शासन से मिले बजट से ही काम चलाना पडे़गा।

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