विज्ञापन

मशीन ने खाद के लिए बढ़ाई किसानों की मुश्किलें

Kanpur Bureau Updated Sun, 09 Dec 2018 12:19 AM IST
ख़बर सुनें
उरई। रबी के सीजन में खाद की किल्लत से जूझ रहे किसानों की परेशानी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। पहले स्टाक न होने की वजह से किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा था और अब खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए लगाई गई है पीओएफ मशीन ही किसानों के लिए जी का जंजाल बनी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क न आने से अधिकांश समितियों में खाद का वितरण पूर्णता बंद है तो वही कुछ समितियों में नेटवर्क धीमा होने से समितियों में किसानों की लंबी-लंबी लाइनें नजर आ रही हैं। जिससे किसानों को खाद होते हुए भी किल्लत से सामना करना पड़ रहा है। समितियों के अधिकारियों का कहना है कि बिना मशीन के खाद देने के निर्देश नहीं है। नेटवर्क न आने से कभी-कभी दिक्कत आ रही है।

मुहम्मदाबाद। डकोर ब्लाक के किसानों को भी इस मशीन की वजह से खाद के लिए भटकना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि समितियों में खाद का स्टाक होते हुए भी किसानों को महंगे दामों में बाजार से खाद खरीदनी पड़ रही है। किसान रामनरेश, दिनेश, प्रकाश आदि का कहना है कि पहले कमी की वजह से खाद नहीं मिल रही थी अब मशीन होते हुए भी किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खाद न मिलने से मजबूरन किसानों को मंहगे दामों में बाजार से खाद खरीदनी पड़ रही है।

एट। समितियों में खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए लगाई गई मशीन में नेटवर्क नहीं आने से किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कस्बे की सहकारी समिति में खाद भारी मात्रा में उपलब्ध है, लेकिन नेटवर्क न आने की वजह से किसानों को खाद लेने के लिए कई बार चक्कर लगाने पड़ रहे है। समिति के कर्मचारियों ने बताया कि समिति में लगभग 2100 सदस्य हैं। इसमें से एक हजार के लगभग ही किसान खाद बीज और नगद का लेनदेन समिति से करते हैं। बता दें कि अक्टूबर माह से शासन के निर्देश पर मशीनों से खाद बीज का लेनदेन अनिवार्य कर दिया गया है, इससे किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

माधौगढ़। जिले के माधौगढ़ ब्लाक के अधिकांश क्षेत्र में रबी की बुआई हो चुकी है। बआई के समय जहां किसानों को डीएपी खाद के लिए परेशान होना पड़ रहा था वहीं अब बुआई के बाद किसानों को यूरिया की जरूरत से जूझना पड़ रहा है। अक्तूबर माह में शासन ने कालाबाजारी रोकने के लिए निर्देश दिए थे कि समितियों में बिना मशीन के खाद का वितरण नहीं किया जाए। शासन ने निर्देश तो दे दिए, लेकिन मशीनों के लिए नेटवर्क व्यवस्था की तैयारी नहीं की। इससे अधिकांश समितियों में नेटर्वक न आने से वितरण व्यवस्था चौपट है। किसानों का कहना है कि नेटवर्क के इंतजार में उनकी फसल चौपट हो रही है, लेकिन मशीनों में नेटवर्क नहीं आ रहा है।


किसान अनिल कुमार का कहना है कि सहकारी समिति से खाद उठाने के लिए वह करीब 15 दिन से समिति के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन पीओएफ मशीन में नेटवर्क ना आने की वजह से उन्हें कई बार आकर फिर लौटना पड़ता है।

किसान गोविंदराम ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश मशीनों में टू जी सिम लगी है, जिससे यहां नेटवर्क की स्थिति काफी खराब है। अगर नेटवर्क आ भी जाता है तो एक किसान को खाद लेने के लिए करीब दो घंटे का समय लग जाता है। इससे अनावश्यक तौर पर समितियों पर भारी भीड़ नजर आती है।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Auraiya

मालगाड़ी के नीचे से मेमो पकडने के लिए निकल रहे यात्री हादसे से बचे

मालगाड़ी के नीचे से मेमो पकडने के लिए निकल रहे यात्री हादसे से बचे

13 दिसंबर 2018

विज्ञापन

अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ पर कसा तंज, सुनिए क्या कहा

अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि अगर वो सभी भगवानों की जाति बता दें तो हमारा काम आसान हो जाएगा। इसके आगे उत्तर प्रदेश में सरकार के काम की भी आलोचना की। सुनिए अखिलेश ने इसके आगे क्या कहा।

13 दिसंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree