धान में हो रही ज्यादा टूटन, राइस मिलर्स कैसे दे पाएंगे सीएमआर

Lucknow Bureauलखनऊ ब्यूरो Updated Tue, 27 Oct 2020 10:57 PM IST
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अंबेडकरनगर। जिले के राइस मिलर्स ने मंगलवार को डीएम से मिलकर मौजूदा धान खरीद में संभावित कठिनाइयों का निवारण करने की आवाज उठाई। राइस मिलर्स ने कहा कि धान में टूटन ज्यादा आ रही है। रिकवरी प्रतिशत में इसके मद्देनजर छूट देने की जरूरत है। ऐसा हो पाने पर ही मिलर धान के बदले कस्टम मिल्ड राइस जमा कर सकेंगे। कहा कि प्रशासन इसके लिए धान की रिकवरी का स्तर पता लगाने को एक उच्च स्तरीय टीम गठित करे जो सम्यक जांच कर समुचित आख्या प्रस्तुत कर सके। इसी के अनुरूप प्रशासन जरूरी निर्णय तय करें।
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गौरतलब है कि खरीफ क्रय वर्ष 2020-21 के लिए किसानों के धान की खरीद शुरू हो गई है। हालांकि अभी केंद्रों पर किसानों की आमद इक्का दुक्का ही है, जबकि धान की कटाई का कार्य तेज दौर में है। राइस मिलर्स के अनुसार धान में इस बार टूटन की मात्रा काफी अधिक है। इससे चावल की रिकवरी कम हो रही है। इस स्थिति से जिले के राइस मिलर्स में असमंजस की स्थिति है। उनके अनुुसार चावल की रिकवरी पर्याप्त हो पाना संभव नहीं है।
इसे देखते हुए ही राइस मिलर्स के एक प्रतिनिधिमंडल ने अंबेडकरनगर राइस मिलर्स एसोसिएशन के बैनर तले मंगलवार को कलेक्ट्रेट में डीएम राकेश कुमार मिश्र से मुलाकात की। संरक्षक गोविंद अग्रवाल, अशोक कुमार अग्रहरि, राजमणि साहू व अध्यक्ष दिनेश कुमार अग्रहरि ने डीएम से कहा कि मिलर्स को धान के बदले कुटाई कर 67 प्रतिशत चावल की रिकवरी देना पड़ता है। उसमें भी भारतीय खाद्य निगम सिर्फ 25 प्रतिशत टूटन स्वीकार करता है, जबकि इन दिनों धान में टूटन का प्रतिशत 75 प्रतिशत तक हो गया है। कई रोग के चलते धान की पैदावार ठीक नहीं हुई है। ऐसे में राइस मिलरों के समक्ष शासन द्वारा निर्धारित मानक के अनुरूप सीएमआर अर्थात कस्टम मिल्ड राइस को दे पाना संभव नहीं है।
राइस मिलरों ने डीएम से कहा कि इस समस्या से राइस मिलरों को निदान दिलाने के लिए उच्च स्तरीय टीम का गठन किया जाए। यह टीम जिले के अलग अलग क्षेत्रों में जाकर धान की बाकायदा जांच करे और यह देखे कि औसत कितने प्रतिशत की चावल रिकवरी हो रही है। इसके बाद उसके अनुरूप ही राइस मिलरों से धान के बदले सीएमआर लिया जाए। ऐसा न होने पर राइस मिलर्स द्वारा सीएमआर दे पाना संभव नहीं होगा। राइस मिलरों ने डीएम से कहा कि सभी राइस मिलर शासन द्वारा निर्धारित अन्य मापदंडों का पूरी तरह पालन करने को तैयार हैं, लेकिन रिकवरी प्रतिशत के मामले में जायज मांग पर अविलंब निर्णय लेने की जरूरत है। इस मौके पर नन्दलाल जायसवाल, अनिल जायसवाल, रामस्वरूप मौर्य, यमुना प्रसाद अग्रहरि, रामबहादुर साहू व प्रमोद सिंह आदि मौजूद रहे।
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