सुरक्षा के संकट से जूझ रहीं 754 छात्राएं

AmbedkarNagar Updated Fri, 24 Jan 2014 05:46 AM IST
अंबेडकरनगर। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं को संसाधनों के संकट से जूझना पड़ रहा है। चार विद्यालयों में विद्युतीकरण नहीं है, तो वहीं किसी भी विद्यालय में छात्राओं की सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध नहीं। आठ में से पांच विद्यालय के पास अपना भवन नहीं है। भीटी में वार्डेन की तैनाती नहीं हो पाई है। 13 फुल टाइम टीचर के पद भी नहीं भरे जा सके हैं। नौ पार्ट टाइम टीचर समेत छह अन्य पद भी रिक्त चल रहे हैं। आवासीय शिक्षा वाले कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय को लेकर प्रशासन की उदासीनता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कुल आठ विद्यालयों में 754 छात्राओं के अध्ययनरत रहने के बावजूद उनके हितों का पूरा ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
भियांव, कटेहरी, भीटी व अकबरपुर स्थित विद्यालय में अभी तक विद्युतीकरण की सुविधा नहीं है। यहां ऐसे में अंधेरा होने के साथ ही छात्राओं में असुरक्षा की भावना और भी ज्यादा बलवती हो जाती है। भियांव, कटेहरी व अकबरपुर के विद्यालय तो अपने भवन में चल रहे हैं, लेकिन भीटी, जलालपुर, टांडा, रामनगर व जहांगीरगंज के विद्यालयों को परिषदीय विद्यालयों के भवन का सहारा लेना पड़ रहा है।
रामनगर को छोड़ अन्य विद्यालयों के भवन लगभग पूरी तरह बनकर तैयार हैं। तकनीकी अड़चनों की वजह से भवन हैंडओवर न होने का खामियाजा छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। छात्राओं की असुरक्षा को लेकर विभागीय बेफिक्री के चलते किसी भी विद्यालय में सुरक्षाकर्मी की तैनाती नहीं है। आठ में से सात विद्यालय चौकीदार के भरोसे हैं। जबकि जलालपुर विद्यालय में चौकीदार भी नहीं है। जिन भवनों में इस समय विद्यालय चल रहे हैं, उनमें से चार के पास चहारदीवारी तक नहीं है। असुरक्षा के इसी माहौल के चलते बड़ी तादाद में छात्राएं अक्सर अपने घर चली जाया करती हैं। कटेहरी विकास खंड के तिवारीपुर में स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय विभिन्न समस्याओं से जूझ रहा है। विद्युतीकरण न होने से विद्यालय में अध्ययनरत 80 छात्राएं अंधेरे में ही रह रही हैं। जनरेटर मौजूद है, लेकिन कभी-कभार ही चलता है। यहां चार फुल टाइम शिक्षकों के सापेक्ष दो व चार पार्ट टाइम शिक्षकों के सापेक्ष दो पद रिक्त चल रहे हैं। इतना ही नहीं, छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी संबंधित अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं। यहां एक चौकीदार व एक चपरासी की तैनाती तो की गई है, लेकिन बाउंड्रीवाल का निर्माण नहीं हो सका है। और तो और विद्यालय के समक्ष मिट्टी की पटाई न होने से बारिश का पानी एकत्र हो जाता है, जिससे छात्राओं को विभिन्न प्रकार की समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है। वार्डेन रेनू सिंह ने बताया कि शिक्षकों की तैनाती के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। इसके अलावा बाउंड्रीवाल व विद्युतीकरण के लिए भी संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। कहा कि संसाधनों की कमी के बाद भी छात्राओं को समुचित शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में प्रभावी शिक्षा दी जा रही है। जल्द ही सभी को अपना भवन उपलब्ध होगा। अन्य व्यवस्थाएं भी बेहतर की जाएंगी।- एचके मिश्र, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा

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