लोहिया गांवों में भी थमी विकास की रफ्तार

AmbedkarNagar Updated Thu, 21 Nov 2013 05:41 AM IST
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अंबेडकरनगर। जिले के लोहिया गांवों में विकास की रफ्तार थम सी गई है। मौजूदा वित्तीय वर्ष के 29 गांवों के विकास की बात तो दूर पिछले वित्तीय वर्ष में जो 20 गांव स्वीकृत हुए थे, उनमें भी अभी तक सभी कार्य पूरे नहीं हो पाए हैं। कार्य पूरे हों भी तो आखिर कैसे? संपर्क मार्ग, सीसी रोड के तहत पूरा पैसा नहीं मिला, जबकि स्वास्थ्य उपकेंद्र की स्थापना के लिए शत-प्रतिशत रकम का इंतजार है। गांवों में विद्युतीकरण पूरा नहीं हो पाया है, तो वहीं जलनिकासी का संकट भी मुंह बाए खड़ा है। गरीबों के आवास आधे-अधूरे पड़े हैं। कुल मिलाकर जिन उद्देश्यों को लेकर यह योजना शुरू की गई है, वह मौजूदा समय में कहीं भी पूरी होती नहीं दिख रही है।
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प्रदेश सरकार ने विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए समग्र लोहिया ग्राम विकास योजना चलाने का निर्णय ले रखा है। इसके तहत गांवों में विकास के सभी कार्यक्रमों को प्राथमिकता पर लागू किया जाता है। यह बात अलग है कि इस जिले में यह योजना पूरी तरह औंधे मुंह गिरी है। योजना के शुरुआती वर्ष 2012-13 में जिले के कुल 20 गांवों का चयन किया गया। संबंधित गांवों के लोगों में नई उम्मीद जगी लेकिन समय के साथ ही उन्हें करारा झटका भी लगा है। कारण यह कि इन गांवों में उम्मीदों के अनुरूप कार्य नहीं हो पाए हैं। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सभी 20 गांवों में संपर्क मार्ग निर्माण के लिए 621.72 लाख रुपये की जरूरत थी, लेकिन शासन से मिल पाया सिर्फ 352.83 लाख रुपये। नतीजतन संबंधित गांवों में मार्ग निर्माण के कार्य अधूरे पड़े हैं। विद्युतीकरण के लिए 652 लाख की जरूरत थी। संबंधित एजेंसी को रकम दी गई लेकिन कार्य पूरा नहीं हो पाया। सीसी रोड निर्माण के लिए 420 लाख की जरूरत थी। यह रकम भी शासन प्रदान नहीं कर पाया। सीसी रोड निर्माण के लिए सिर्फ 209.82 लाख रुपये प्राप्त हुए। नतीजा यह कि सीसी रोड का निर्माण भी अधूरा है। स्वच्छ पेयजल के लिए 42.72 लाख, आंगनबाड़ी केंद्र के लिए 16.92 लाख, मार्ग प्रकाश के लिए 15.28 लाख, स्वच्छ प्रसाधन कक्ष के लिए 404 लाख व प्राथमिक विद्यालय के लिए 13.46 लाख रुपये की जरूरत थी। शतप्रतिशत रकम स्वीकृत तो कर दी गई लेकिन ये सभी कार्य भी इन गांवों में शतप्रतिशत पूरे नहीं हो पाए हैं। स्वास्थ्य उपकेंद्र के लिए 64.92 लाख रुपये की जरूरत थी। मौजूदा वर्ष 2013-14 के लिए 29 गांव स्वीकृत हुए। इसमें विद्युत, सीसी रोड, स्वच्छ पेयजल, आंगनबाड़ी, मार्ग प्रकाश व स्वास्थ्य उपकेंद्र के लिए रकम नहीं मिल पाई है।
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