कदम-कदम पर दर्ज पुलिसिया बर्बरता की दास्तां

AmbedkarNagar Updated Sat, 26 Oct 2013 05:40 AM IST
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टांडा/विद्युतनगर। एनटीपीसी विस्तारीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर पुलिस व ग्रामीणों के बीच हुई गुरुवार देर सायं हिंसक भिड़ंत में पुलिस की बर्बरता की धमक शुक्रवार को भी सलाहपुर राजौर गांव में दिखाई दी। पूरे दिन चारों तरफ सन्नाटा पसरा रहा। गिरफ्तारी के भय से महिलाएं व पुरुष घर में ताला लगाकर गांव से पलायन कर गए हैं। आलम यह है कि दरवाजे के सामने बंधे हुए मवेशी को चारा खिलाने वाला भी कोई नहीं था। उधर गुरुवार को हुई भिड़ंत को लेकर एनटीपीसी के वरिष्ठ प्रबंधक सिविल की तहरीर पर इब्राहिमपुर थाने में दो नामजद व 350 अज्ञात ग्रामीणों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।
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बताते चलें कि गुरुवार को सलाहपुर राजौर के पुरवा हासिमपुर में भूमि पर कब्जे को लेकर ग्रामीणों व पुलिस के बीच हिंसक भिड़ंत हो गई थी। ग्रामीणों द्वारा किए गए पथराव में दो एसओ समेत पुलिस व पीएसी के जवान घायल हो गए थे। इसकी प्रतिक्रिया यह रही कि पुलिस व पीएसी के जवानों ने न सिर्फ ग्रामीणों पर बर्बरतापूर्ण लाठी चार्ज किया, वरन घरों में घुसकर महिलाओं व बच्चों की जमकर पिटाई भी की। पुलिस के कहर से बचने के लिए गांव के पुरुष व महिलाएं गांव छोड़कर पलायन कर गए। पुलिस का खौफ शुक्रवार को भी गांव में दिखाई दिया। ज्यादातर घरों में ताला बंद था। कुछ बुजुर्ग महिलाएं ही दिखाई दीं। उनकी आंखों में दशहत स्पष्ट दिखाई दे रही थी। पीड़ितों के घरों में पुलिस की बर्बरता साफ दिखाई दी। इन घरों में न सिर्फ रबर की गोलियां वरन आंसू गैस के गोले भी मिले। घरों में मौजूद बुजुर्ग महिलाएं रो-रोकर पुलिस उत्पीड़न की दास्तान बयां कर रही थीं।
‘अमर उजाला की टीम’ ने शुक्रवार को जब गांव का जायजा लिया, तो गांव की गलियों में पूरी तरह सन्नाटा कायम दिखा। घरों के सामने बंधे मवेशी भूखे-प्यासे चिल्ला रहे थे। उन्हें भोजन देने वाला कोई था। गांव में मौजूद 70 वर्षीय कैलाशा ने अपने शरीर पर लाठी की चोटों को दिखाते हुए कहा कि पुलिस ने उन्हें भी नहीं बख्शा। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने उनकी सोने की बाली व नाक की कील भी छीन ली। एक अन्य महिला कौशल्या देवी ने बताया कि उनके घर का दरवाजा तोड़ दिया गया। बताया कि पुलिस की बर्बरता का आलम यह था कि उन्होंने जानवरों तक को नहीं बख्शा। गांव के नरेंद्र तिवारी व रमाकांत तिवारी के घर का दरवाजा न सिर्फ टूटा हुआ मिला, वरन घर के कमरों का सामान चारों तरफ बिखरा पड़ा था। उधर गुरुवार को हुई भिड़ंत में एनटीपीसी के वरिष्ठ प्रबंधक सिविल रमेशचंद्र दुबे की तहरीर पर नरेंद्र तिवारी व रामभेज समेत 350 ग्रामीणों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली है। एसओ ने बताया किा पुलिस छापेमारी कर रही है।
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