पुलिस व ग्रामीणों के बीच जबरदस्त भिड़ंत

AmbedkarNagar Updated Fri, 25 Oct 2013 05:39 AM IST
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टांडा/विद्युतनगर। एनटीपीसी विस्तारीकरण के लिए सलाहपुर राजौर गांव में सरयू नदी के किनारे भूमि पर कब्जा करने गई एनटीपीसी की टीम व पुलिस प्रशासन की ग्रामीणों से गुरुवार देर सायं भिड़ंत हो गई। पुलिस ने ग्रामीणों पर बर्बर लाठीचार्ज के साथ ही कई चक्र हवाई फायरिंग की और रबर की गोलियों के साथ ही आंसू गैस के गोले भी छोड़े। ग्रामीणों को घर के अंदर से खींच-खींचकर मारा गया। कई घरों में पुलिस व पीएसी के जवानों ने घुसकर महिलाओं तक की पिटाई की। समाचार कवरेज करने गए दो पत्रकार भी पुलिस की बर्बरता का शिकार हो गए। इस घटना में 40 से अधिक ग्रामीणों के घायल होने की सूचना है। दो एसओ समेत सात पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस ने कई ग्रामीणों को हिरासत में भी ले लिया है।
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बताते चलें कि एनटीपीसी विस्तारीकरण के लिए क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई चल रही है। बुधवार को सलाहपुर राजौर गांव के हासिमपुर में एनटीपीसी टीम द्वारा पिलर लगाए जाने के लिए की खोदाई का ग्रामीणों ने एकजुट होकर विरोध किया था। दो थानों की फोर्स के साथ पहुंचे नायब तहसीलदार टांडा ने ग्रामीणों को यह आश्वासन देकर आक्रोश शांत कराया था कि जिन लोगों का करार हुआ है, सिर्फ उन्हीं की भूमि का कब्जा लिया जाएगा। इस बीच गुरुवार को बड़ी संख्या में पुलिस व पीएसी बल के साथ एनटीपीसी व स्थानीय प्रशासन के अधिकारी व कर्मचारी हासिमपुर गांव पहुंच गए। वहां नदी के किनारे खंभा गाड़कर बैरीकेडिंग शुरू कर दी गई। ग्रामीणों को बैरीकेडिंग का पता चला, तो सैकड़ों की संख्या में महिला, पुरुष व बच्चे मौके पर पहुंच गए। उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन मनमानी कर रहा है। इससे बाज आना होगा। काफी देर तक दोनों पक्षों में नोक झोंक चलती रही। इसी बीच दोनों पक्ष आक्रामक हो उठे।
प्रशासन के रवैये से नाराज ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद तो पुलिस व पीएसी के जवानों ने ग्रामीणों पर लाठियां भांजनी शुरू कर दी। ग्रामीण तितर-बितर होकर इसका जवाब देने लगे। इस पर पुलिस ने पहले रबर की गोलियां दागीं और फिर हवाई फायरिंग शुरू कर दी। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। लोग गिरते-पड़ते भाग रहे थे और पुलिस उनकी बर्बरता से पिटाई कर रही थी। आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। ग्रामीणों को मौके से खदेड़ने के बाद पुलिसकर्मी हासिमपुर गांव में भी घुस गए। वहां कई पुरुष सदस्य घर छोड़कर भाग खड़े हुए थे। पुलिस व पीएसी जवान घरों में घुस गए और वहां तोड़फोड़ शुरू कर दी। घरों में जो भी मिला, उसकी निर्ममता से पिटाई की गई। महिलाओं व बच्चों तक को नहीं छोड़ा गया। गांव निवासी नरेंद्रदेव तिवारी के घर में सबसे ज्यादा तोड़फोड़ की गई। पुलिस व पीएसी के जवानों का कहर लगभग डेढ़ घंटे तक चला। इसमें तीन दर्जन से अधिक ग्रामीण घायल हुए हैं। ग्रामीणों के पथराव में जहां एसओ इब्राहिमपुर जावेद इकबाल व एसओ अलीगंज रमेशचंद्र पांडेय घायल हुए हैं, वहीं सिविल पुलिस के तीन सिपाही अमर यादव, जयंत पांडेय व सुनील यादव के अलावा पीएसी के कमांडर अमित कुमार व पीएसी सिपाही अजय कुमार भी घायल हो गया। पुलिस की पिटाई आदि में घायल नरेंद्र तिवारी, रामसरन, दिवाकर द्विवेदी, चुन्नीलाल, रामसहाय, रामभेद, दिनेश, जोखूराम, फेंकूराम, वेदप्रकाश, नोखई, जगदीश व कैलाशपति को टांडा सीएचसी में ले जाया गया। इन सभी को पुलिस अभिरक्षा में ले लिया गया है। इसके अलावा फेंकू, फिरतू, राजू, गुरुचरन व सुनीता आदि घायलों का अन्यत्र अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस की बर्बर कार्रवाई का शिकार पत्रकार कृष्णकुमार कसौधन समेत एक अन्य पत्रकार सुनील सिंह को भी होना पड़ा है। घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल है। एसडीएम टांडा कुमार प्रशांत व सीओ नरेंद्र सिंह एनटीपीसी में कैंप कर रहे हैं।
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