एसओ को रंगे हाथ दबोच नहीं पाई टीम

AmbedkarNagar Updated Fri, 25 Oct 2013 05:39 AM IST
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अंबेडकरनगर। महरुआ थाने के एसओ को घूस लेते रंगेहाथ दबोचने की एंटी करप्शन टीम की सारी योजना धरी की धरी रह गई। बुधवार देरसायं लखनऊ से आई एंटी करप्शन टीम ने डीएम से मिलकर दो सरकारी गवाह लिए और 10 हजार रुपये की गड्डी के नोट में पाउडर लगाकर थाने के निकट पहुंच गई। इससे पहले ही सूचना लीक हो जाने के चलते दरोगा न सिर्फ थाने से हट गया, वरन योजना के तहत जब शिकायतकर्ता ने मिलने के लिए फोन किया तो उसे अपशब्दों का प्रयोग करते हुए धमकी भी दी। खुद के पकड़े जाने से बचने के बाद एसओ ने शिकायतकर्ता के पिता व भाई को पकड़कर थाने के हवालात में डाल दिया। इस बीच एसपी के संज्ञान में पूरा मामला आने के बाद उन्होंने एएसपी को जांच सौंप दी है।
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पहले भी कई प्रकरण मेें अवैध वसूली के आरोपों से घिरा थानाध्यक्ष महरुआ जयशंकर सिंह एंटी करप्शन टीम की छापेमारी में पकड़े जाने से बुधवार की सायं बाल-बाल बच गया। एक मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए उस पर 10 हजार रुपये की घूस मांगने का आरोप है। पीड़ित ने इससे पहले प्राथमिकी दर्ज करने के लिए महरुआ पुलिस की मनमानी की शिकायत एसपी से की थी। एसपी ने प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद मेढ़वा रघुवंशी निवासी शिकायतकर्ता अमरनाथ के मुताबिक एसओ द्वारा उससे रकम मांगी जा रही थी। पीड़ित ने सामाजिक कार्यकर्ता सूर्यमणि यादव के साथ बीते दिनों भ्रष्टाचार निवारण संगठन के अपर पुलिस महानिदेशक से मुलाकात कर पूरे प्रकरण की शिकायत की थी। सूर्यमणि के मुताबिक एडीजी ने कार्रवाई के लिए एंटीकरप्शन के डीआईजी संजीव गुप्त के पास मामला संदर्भित किया। इसके बाद एएसपी एंटीकरप्शन लखनऊ सुनीता सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई। एएसपी सुनीता के नेतृत्व में लखनऊ व फैजाबाद इकाई के 20 से अधिक पुलिसकर्मी बुधवार को जिला मुख्यालय पहुंचे। यहां टीम ने डीएम कर्णसिंह चौहान से मुलाकात कर उनसे दो सरकारी गवाह मांगे। टीम ने इस दौरान भी कार्रवाई पूरी तरह गोपनीय रखी। सिर्फ यह बताया गया कि जिले में किसी को ट्रैप करना है। डीएम ने दो गवाह लिखा पढ़ी में उपलब्ध करा दिए। कलेक्ट्रेट में ही 500 व 1000 की नोटों पर पाउडर लगाकर उसे एक लिफाफे में रखा गया। इसके बाद टीम के सभी सदस्य शिकायतकर्ता को लेकर चार वाहनों से महरुआ थाने के नजदीक पहुंचे। थाने से पहले ही शिकायतकर्ता अमरनाथ ने जब एसओ की सीयूजी मोबाइल पर फोन कर बताया कि वह पैसा लेकर आ रहा है, कहां मुलाकात होगी, तो इस पर अमरनाथ के मुताबिक एसओ ने अपशब्दों का प्रयोग शुरू कर दिया। एसओ ने कहा कि मुझे फंसाना चाह रहे हो, सब पता चल गया है। यह कहकर फोन काट दिया। इसके बाद टीम थाने जाने की बजाए वापस लौट गई। उधर बौखलाए एसओ ने अमरनाथ के भाई राजनाथ व पिता मद्दन को उनके गांव जाकर पकड़ लिया। दोनों को थाने लाकर लॉकअप में डाल दिया गया। गुरुवार को अमरनाथ ने इसकी शिकायत प्रमुख सचिव गृह, डीजीपी व एसपी से भी की।
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