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बिना आंगन चल रहीं आंगनबाड़ी

AmbedkarNagar Updated Sun, 10 Feb 2013 05:30 AM IST
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अंबेडकरनगर। कटेहरी विकास खंड क्षेत्र में बाल विकास एवं पुष्टाहार योजना दम तोड़ रही है। दरअसल क्षेत्र के तमाम आंगनबाड़ी केंद्र बदहाली के शिकार हैं। अधिकतर केंद्रों के पास अपना भवन तक नहीं है। ऐसे में उनका संचालन प्राइमरी विद्यालयों में ही होता है।
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कटेहरी विकास खंड क्षेत्र की प्रतापपुर चमुर्खा ग्राम पंचायत के लखैचनपुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का भवन अभी तक नहीं बन सका है। गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय या फिर कर्मचारियों के घर पर ही यदाकदा केंद्र का संचालन किया जाता है। यहां तैनात कार्यकर्त्री कुसुम यादव व सहायिका ऊषा सिंह ने बताया कि भवन न होने की वजह से उन्हें गांव के प्राथमिक विद्यालय में ही केंद्र का संचालन करना पड़ता है। भवन के लिए कई बार विभागीय अधिकारियों से मांग की गई, लेकिन अब तक कुछ नहीं हो सका है। कटेहरी व निमामपुर केंद्र के पास भी बाल विकास योजना के संचालन के लिए भवन नहीं है। यहां के प्राथमिक विद्यालय प्रथम में दो आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। आरोप है कि यहां अक्सर हाट कुक्ड योजना के तहत बच्चों को मिलने वाले भोजन की बजाय एमडीएम ही दिया जाता है। वितरण के लिए आने वाली पंजीरी भी यदाकदा ही बच्चों को नसीब हो पाती है। अभिभावक रमेश के मुताबिक आंगनबाड़ी केंद्र सिर्फ कागजों पर ही चलते हैं।

प्रतापपुर चमुर्खा ग्राम पंचायत अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र दुल्लापुर गांव के एक व्यक्ति के घर में संचालित होता है। यहां कार्यकर्त्री शिवकुमारी मौर्य व सहायिका कृष्णाकुमारी की तैनाती है। इस केंद्र पर 85 बच्चों का नामांकन है। गांव के दुलारे व प्रीतम ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र कब खुलता है, यह जानकारी नहीं हो पाती। आंगनबाड़ी केंद्र कघटरवा भी ग्राम पंचायत प्रतापपुर चमुर्खा के अंतर्गत ही आता है। यहां भी केंद्र का भवन मौजूद नही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि केंद्र प्राथमिक विद्यालय में ही चलता है। इस आंगनबाड़ी केंद्र पर कार्यकर्त्री मीना की तैनाती है।
विकास खंड कटेहरी की ग्राम पंचायत तिवारीपुर के आंगनबाड़ी केंद्र तिवारीपुर के पास भी भवन नहीं है। यहां तो बाल विकास परियोजना का लाभ बच्चों को दिलाने के लिए न तो आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री की तैनाती है और न ही सहायिका की। इससे यहां पर केंद्र का कोई नामोनिशान ही नहीं है। बाल विकास परियोजना कटेहरी के बाबू से जानकारी की गई तो पता चला कि यहां तैनाती को लेकर विवाद चल रहा है। इसके चलते ही यहां पद रिक्त है। ऐसी ही हालत मरथुआ सरैया, खोरिया, वजदहां, औरंगनगर, मथानी, नरसिंहपुर आदि आंगनबाड़ी केंद्रों की भी है।

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