114 टैबलेट खराब, कामकाज बाधित

AmbedkarNagar Updated Fri, 26 Oct 2012 12:00 PM IST
अंबेडकरनगर। जिले में सामाजिक, आर्थिक एवं जातिगत जनगणना योजना संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही का शिकार होकर रह गई है। हालत यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों के 4,422 प्रगणक खंडों में अब तक मात्र 2,447 प्रगणक खंडों की ही जनगणना हो सकी है। मात्र इतना ही नहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में तो जनगणना का कार्य धीमी गति से ही सही प्रारंभ हो गया, लेकिन शहरी क्षेत्रों में यह कार्य प्रारंभ ही नहीं हो सका है।
विभागीय अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह कि जनगणना में लगाए गए 778 पीसी टेबलेट में 664 टैबलेट ही कार्य कर रहे हैं। शेष 114 खराब पड़े टैबलेट को ठीक कराने की सुध नहीं है। जनगणना कार्य में लगाए गए 1109 प्रगणकों में तमाम प्रगणक ऐसे भी हैं, जो ग्राम प्रधानों व चाय की दुकानों पर ही बैठ कर अपनी ड्यूटी को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे में अति महत्वपूर्ण जनगणना का कार्य कितने ठीक तरीके से हो पाएगा, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
केंद्र सरकार ने सामाजिक, आर्थिक एवं जातिगत जनगणना का कार्य कराए जाने की जब घोषणा की, तो लोगों को लगा कि इससे देश की आर्थिक एवं जातिगत स्थिति का सही ढंग से अंदाजा हो सकेगा। जिले में जनगणना का कार्य विगत एक जून से प्रारंभ होना था। हालांकि हाउस सूची एवं पीसी टैबलेट जिले में देर से पहुंचने के चलते यह कार्य जून माह के अंतिम सप्ताह में प्रारंभ हो सका। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जनगणना कार्य के लिए जिले के ग्रामीण क्षेत्रों को कुल 4,422 प्रगणक खंडों में बांटा गया है। इसके लिए 778 पीसी टैबलेट तथा 1109 प्रगणक व इतने ही डटा इंट्री ऑपरेटर लगाए गए। शुरू से ही जनगणना का कार्य लापरवाही की भेंट चढ़ता गया। पीसी टैबलेट खराब होने से कार्य में बाधा उत्पन्न हुई, तो प्रगणकों व डाटा इंट्री ऑपरेटरों की मनमानी भी सामने आती रही। नतीजतन जनगणना का कार्य प्रारंभ हुए लगभग चार माह बीत गए, लेकिन अभी तक मात्र 2447 प्रगणक खंडों में ही जनगणना का कार्य पूर्ण हो सका है। जनगणना को सुचारु तरीके से कराने के लिए विभागीय अधिकारी कितना गंभीर हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जनगणना कार्य के लिए जो 778 पीसी टैबलेट लगाए गए थे, उनमें से 114 पीसी टैबलेट खराब पड़े हैं। इस प्रकार 664 पीसी टैबलेट द्वारा ही जनगणना का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा जिन प्रगणकों व डाटा इंट्री ऑपरेटरों को लगाया गया है, उनमें से तमाम ऐसे हैं, जिन पर लापरवाही बरतने का आरोप ग्रामीण आए दिन लगाते रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रगणक घर तक न आकर प्रधान के घर या फिर चाय की दुकानों पर बैठक जनगणना का कार्य पूर्ण कर ले रहे हैं और वहीं बैठे-बैठे मुखिया को बुलाकर रिसीविंग ले लेते हैं। यही नहीं शहरी क्षेत्रों में अभी तक यह कार्य नहीं शुरू हो सका है। अकबरपुर, जलालपुर व टांडा नगर पालिका सहित अशरफपुर किछौछा व इल्तिफातगंज नगर पंचायत में जनगणना का कार्य प्रारंभ नहीं कराया जा सका है। यहां कब से यह कार्य प्रारंभ होगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।

Spotlight

Most Read

Delhi NCR

बवाना कांड पर सियासत शुरू, भाजपा मेयर बोलीं- सीएम केजरीवाल को मांगनी चाहिए माफी

दिल्ली के औद्योगिक इलाके बवाना में शनिवार देर शाम अवैध पटाखा गोदाम में आग लगने से 17 लोगों की मौत के बाद अब इस पर सियासत शुरू हो गई है।

21 जनवरी 2018

Related Videos

जब रात में CM योगी के आवास के बाहर किसानों ने फेंके आलू

लखनऊ में आलू किसानों को जबरदस्त प्रदर्शन देखने को मिला। अपना विरोध जताते हुए किसानों ने लाखों टन आलू मुख्यमंत्री आवास, विधानसभा और राजभवन के बाहर फेंक दिया। देखिए आखिर क्यों भड़क उठा आलू किसानों का गुस्सा।

6 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper