विज्ञापन

छात्रवृत्ति के लिए भटकने को मजबूर विद्यार्थी

AmbedkarNagar Updated Tue, 16 Oct 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
अंबेडकरनगर। क्या इस बार छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ मिल सकेगा, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है। दरअसल नए शासनादेश के अनुसार कक्ष 1 से कक्षा 8 तक के अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं व कक्षा 9 व कक्षा 11 के सभी वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति उनके खाते में ही दी जाएगी। लेकिन जिले के विद्यार्थियों के लिए जीरो बैलेंस पर खाता खुलवाना आसमान से तारे तोड़ना जैसा हो गया है। अधिकांश बैंक जीरो बैलेंस पर खाता खोलने के लिए तैयार नहीं हैं। इससे छात्र-छात्राएं खाता खुलवाने के लिए इधर-उधर की ठोकरें खा रहे हैं। उन्हें भय है कि यदि समय रहते खाता नहीं खुला, तो उन्हें छात्रवृत्ति के लाभ से वंचित रहना पड़ सकता है। बीते दिनों कलक्ट्रेट में हुई बैठक में सीडीओ ने सभी बैंकों के शाखा प्रबंधकों को जीरो बैलेंस पर खाता खोले जाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन अधिकांश बैंक प्रशासन एलडीएम व सीडीओ के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं।
विज्ञापन
बताते चलें कि पहले इन छात्र-छात्राओं को विद्यालय में ही छात्रवृत्ति मिलती थी। नए फरमान में इनको बैंक में खाता खोले जाने के लिए कहा गया। जीरो बैलेंस पर खाता खोलने के लिए विद्यालय प्रशासन सहित छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों ने बैंकों की दौड़ लगाना प्रारंभ कर दी है। यह अलग बात है कि लगभग सभी बैंकों ने जीरो बैलेंस पर खाता खोलने पर हाथ खड़े कर लिए। किसी ने कर्मचारियों की कमी बताकर असमर्थता जताई, तो किसी ने फॉर्म उपलब्ध न होने का बहाना बनाया। नतीजतन खाता खुलवाने के लिए अभिभावकों को एक बैंक से दूसरे बैंक का चक्कर लगाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
बीते दिनों तमाम अभिभावकों ने बैंकों की मनमानी की शिकायत जिला प्रशासन से की थी। शिकायत को गंभीरतापूर्वक लेते हुए सीडीओ भरतलाल ने सभी बैंक के शाखा प्रबंधकों के साथ बैठक कर उन्हें जीरो बैलेंस पर खाता खोले जाने का निर्देश दिया था। निर्देश के बाद भी अधिकांश बैंक खाता खोलने में आनाकानी करते रहे। इसकी पुन: शिकायत हुई। बीते दिनों एलडीएम की अध्यक्षता में बीएसए कार्यालय पर हुई बैठक में उन बैंकों के उच्चाधिकारियों को इस संबंध में पत्र लिखे जाने की बात कही गई थी। इसके बाद अधिकांश बैंकों द्वारा खाता खोले जाने को लेकर हीलाहवाली की जा रही है। अभिभावक इसरार अहमद, मोहम्मद शमीम व मोहम्मद अफजल ने कहा कि छात्रवृत्ति के लिए भरे जाने वाले फॉर्म की अंतिम तिथि समाप्त होने के करीब है, लेकिन अभी तक खाता नहीं खुल सका है। वह सभी प्रतिदिन बैंक जाते हैं, लेकिन कोई न कोई बहाना बनाकर उन्हें लौटा दिया जाता है। एक विद्यालय के प्रबंधक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि खाता खुलवाने के लिए वे कई बार बैंक का चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन खाता नहीं खोला जा रहा है। इसके चलते वह अब चुपचाप बैठ गए हैं। यदि बैंक खाता खोलने को राजी हुआ, तो योजना का लाभ छात्र-छात्राओं को मिलेगा। यदि नहीं खुलता है, तो उन्हें इससे वंचित रहना पड़ सकता है। कहा कि खाता न खुलने की शिकायत वह डीएम से भी कर चुके हैं, लेकिन इस तरफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election
  • Downloads

Follow Us