जहरीले केलों के खिलाफ चला जागरूकता अभियान

AmbedkarNagar Updated Wed, 10 Oct 2012 12:00 PM IST
अंबेडकरनगर। घातक रसायनों से केले को पकाने के विरुद्ध ‘अमर उजाला’ की मुहिम परवान चढ़ने लगी है। मंगलवार को कई विद्यालयों में शिक्षकों ने छात्र-छात्राओं को ऐसे केलों का प्रयोग न करने के प्रति सचेत किया। वहीं जिला मुख्यालय पर अधिवक्ताओं ने जागरूकता अभियान चलाया। सभी ने अभियान का साथ देते हुए कहा कि जब तक सभी लोग ऐसे काले कारनामों के प्रति एकजुट नहीं होंगे, तब तक इस पर अंकुश लगने वाला नहीं है।
बताते चलें कि जिले में घातक रसायनों से केलों को बड़े पैमाने पर पकाया जा रहा है। लगातार लोगों की शिकायत सामने आ रही थी। अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक से शिकायत की गई, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। ‘अमर उजाला’ ने लोगों का दर्द महसूस किया और पूरे खेल को चुनौतीपूर्ण ढंग से बेनकाब किया। खुलासे के बाद से यह प्रकरण पूरे जिले में चर्चा, हैरानी व बहस का केंद्र बिंदु बन गया है। दबाव में आए खाद्य विभाग ने खबर प्रकाशित होते ही छापा मारकर सात कुंतल केला नष्ट किया। वहीं कई संगठनों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर ऐसे केले की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने व दोषी लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की। इस बीच मंगलवार को जहरीले रसायनों से पकाए जा रहे केले की खरीददारी न करने तथा ऐसे फलों से दूर रहने को लेकर कई विद्यालय प्रबंधन व अधिवक्ता आगे आए। जिला मुख्यालय स्थित डॉ. अशोक स्मारक इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य आरके सिंह ने छात्र-छात्राओं को जहरीले केले के सेवन से बचने की जानकारी दी। कक्षाओं में जाकर बताया कि इस प्रकार के केलों के सेवन से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। कहा कि इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जो रसायन महज 24 घंटे में कच्चे केले को पका सकता है, उस जहरीले केले का सेवन करने से आंतों पर क्या प्रभाव पड़ेगा। इसको आसानी से समझा जा सकता है। प्राथमिक विद्यालय अकबरपुर में प्रधानाध्यापक नरेंद्र पांडेय ने भोजनावकाश के दौरान छात्र-छात्राओं से अपील करते हुए कहा कि वे न तो स्वयं इस प्रकार के केलों का सेवन करें और न ही अपने परिवार के सदस्यों को करने दें। कहा कि इस प्रकार के केलों की पहचान है कि यदि इन्हें रख दिया जाए, तो 24 घंटे में ही काले पड़ जाते हैं और इससे पानी रिसने लगता है। उधर पेस्टीसाइड दवाओं से पके केलों का प्रयोग न करने को लेकर मंगलवार को अधिवक्ताओं ने जागरूकता अभियान चलाया। न्यायालय से बाहर आकर उन्होंने न सिर्फ लोगों से इस प्रकार के केलों का सेवन न करने के लिए जागरूक किया, वरन जहरीले केले बेचे जाने की जानकारी मोबाइल फोन द्वारा अधिकारियों को भी दी। अधिवक्ता योगेंद्र प्रताप सिंह, शमशेर सिंह, कृष्णराज यादव, केके गौड़, धीरेंद्र, मकसूदन तिवारी, दिलीप कुमार सिंह, अमर बहादुर व दिनेश दुबे, सुभाष पांडेय ने कहा कि जागरूकता से ही इस प्रकार के केलों की बिक्री पर अंकुश लग सकता है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि आमजन के हित को देखते हुए इस प्रकार के जहरीले केलों की बिक्री पर रोक लगाए जाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

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