स्वास्थ्य मंत्री करा रहे गैर जनपदों का विकास

AmbedkarNagar Updated Sat, 06 Oct 2012 12:00 PM IST
अंबेडकरनगर। माने तो जाते हैं अंबेडकरनगर कोटे के मंत्री। उन्होंने इसी जिले को अपना नोडल केंद्र भी बना रखा है। यह बात अलग है कि इस जिले का विकास कराने की बजाए उनकी निधि की रकम से कन्नौज व इटावा जैसे दूसरे जिलों का विकास हो रहा है। यहां बात हो रही है सपा सरकार में कैबिनेट स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन की। इनके खाते में 1 करोड़ 25 लाख रुपये निधि के आए हैं। इसमें से अब तक उनके द्वारा जो 30 लाख रुपये खर्च किए गए हैं, वह गैर जनपद में विकास कार्यों के लिए दे दिए गए हैं। तीन बाहरी जनपदोें में लगभग 12 लाख रुपये के कार्यों के प्रस्ताव भी भेजे गए हैं। खास बात यह है कि जिस जनपद से वे जुड़े हैं, उस जनपद के विकास कार्यों के लिए एक भी प्रस्ताव नहीं दिया जा सका है।
बताते चलें कि अंबेडकरनगर जनपद से जुड़े वरिष्ठ सपा नेता अहमद हसन को सूबे में सपा सरकार बनने के बाद कैबिनेट में एक बार फिर से जगह मिली। उन्हें इस बार स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया। उनके मंत्री बनने पर जनपदवासियों में एक उम्मीद जगी कि क्षेत्र में विकास की गंगा बहेगी। जिन सुविधाओं से वह वंचित हैं, वह उन्हें शायद तत्परतापूर्वक मिल जाएं। हालांकि सपा की सरकार बने 6 माह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन एंबुलेंस सेवाओं को छोड़कर उनकी उम्मीदें परवान चढ़ती नहीं नजर आ रही हैं। एक तरफ जहां जिले के विधायकों द्वारा अपनी निधि को खर्च करने में कंजूसी बरती जा रही है। वहीं कैबिनेट मंत्री श्री हसन अपने मूल जनपद को नजरअंदाज करते हुए अन्य जनपदों पर अपनी मेहरबानी दिखा रहे हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनकी निधि से अब तक जो 30 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। वह सभी अन्य जनपदों के विकास कार्यों के लिए गए हैं। बताते चलें एमएलसी व एमएलए किसी भी विधानसभा क्षेत्र में अपनी निधि से विकास कार्य करा सकता है। उन्हें बस किसी एक जिले को अपना नोडल केंद्र बनाना होता है। उसी जिले से निधि की रकम प्रस्ताव के अनुरूप अलग अलग क्षेत्रों में भेजी जाती है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार श्री हसन की निधि में अब तक 1 करोड़ 25 लाख रुपये आ चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने इनमें से 30 लाख रुपये से जो कार्य कराए हैं, उनमें अधिकांशत: उन्होंने सपा सुप्रीमो के विशेष लगाव वाले जिलों पर केंद्रित किया है। उनकी निधि से विगत 17 जुलाई को 15 लाख रुपये कन्नौज, 25 जुलाई को 5 लाख रुपये सीतापुर व 10 लाख रुपये इटावा जनपद को स्थानांतरित किया गया। सिर्फ इतना ही नहीं अहमद हसन ने विकास के जो नए तीन प्रस्ताव भेजे भी हैं, उसमें भी अंबेडकरनगर जनपद का नाम शामिल नहीं है। नए प्रस्ताव में गाजीपुर के लिए 5 लाख, संतकबीरनगर के लिए 5 लाख व फैजाबाद के लिए 1 लाख 50 हजार रुपये के कार्य शामिल हैं। जिले के प्रति उपेक्षा यह हाल तब है जबकि अभी भी जिले में तमाम गांवों ऐसे हैं, जहां आवागमन के लिए सुचारु मार्ग नहीं है। तमाम गांव विद्युतीकरण की बाट जोह रहे हैं, तो नगरीय क्षेत्रों में भी मार्ग प्रकाश व्यवस्था आमतौर पर ध्वस्त हो चुकी है। ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाए जाने से लेकर पेयजल व्यवस्था की मजबूती के कार्य इस निधि से जिले में हो सकते हैं, लेकिन लोग इससे वंचित हैं।

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