गांवों में रुकी स्वजल धारा

AmbedkarNagar Updated Fri, 05 Oct 2012 12:00 PM IST
अंबेडकरनगर। जिले में स्वजल धारा योजना बेपटरी हो गई है। न तो ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल मिल पा रहा है और न ही इसके लिए कोई ठोस कदम संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा उठाया जा रहा है। कई ग्राम पंचायतों में योजना के तहत धन होने के बाद भी कार्य नहीं हो पा रहा है। सिर्फ इतना ही नहीं शुरुआती दौर में जिन गांवों को योजना का लाभ दिलाने के लिए चयनित किया गया था। वहां दूसरी किस्त न पहुंचने पर कार्य ठप पड़ाहै। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि योजना को चलाने के लिए प्रशासन कितना गंभीर हैं।
गांवों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 06 में स्वजल धारा योजना चलाई गई। इसके तहत प्रतापपुर चमुर्खा, पांडेय परकौली, लालापुर, रामडीहसराय, भूलेपुर, खासपुर, हंसवर व खेमापुर का चयन किया गया। योजना का सुचारु लाभ ग्रामीणों को दिलाने के लिए ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति का गठन किया गया। हालांकि यह योजना शुरुआती दौर में ही उपेक्षा का शिकार रही। कुछ गांव में धन की कमी के चलते योजना ठप हो गई। वहीं जहां धन मिला भी वहां सुचारु तरीके से कार्य नहीं कराया गया। सिर्फ इतना ही नहीं लगभग सभी चयनित गांवों में प्रथम किस्त के बाद दूसरी किस्त नहीं भेजी जा सकी। नतीजतन इन गांवों में कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है।
योजना के तहत वर्ष 2008-09 में प्रतापपुर चमुर्खा गांव में 21 लाख 53 हजार रुपये की संस्तुति दी गई। इसके सापेक्ष प्रथम किस्त के रूप में 9.72 लाख रुपये भेजे गए। इसमें 7 बोरिंग, 4 पंप हाउस व 4 सबमर्सिबल पंप लगाए गए। दूसरी किस्त न पहुंचने के चलते कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है। वर्ष 2009-10 में भीटी विकास खंड के पांडेय परकौली को 14.81 लाख के सापेक्ष प्रथम किस्त के रूप में 7.05 लाख रुपये दिए गए। यहां 3 बोरिंग, 3 सबमर्सिबल व 100 मीटर पाइप लाइन बिछाने के बाद धनाभाव के चलते कार्य ठप हो गया। इसी वर्ष अकबरपुर विकास खंड के लालापुर ग्राम पंचायत को 12.89 लाख के सापेक्ष 6.14 लाख ही मिले। इसमें 4 बोरिंग, 1 पंप हाउस व पानी टंकी का निर्माण हुआ। धनाभाव के चलते यहां भी कार्य ठप पड़ा है। वर्ष 2010-11 में बसखारी विकास खंड के रामडीह सराय में 17.59 लाख के सापेक्ष प्रथम किस्त के रूप में 7.49 लाख रुपये समिति को दिए गए। यहां 4 बोरिंग, 1 पानी टंकी, 4 सबमर्सिबल पंप व 1 पंप हाउस का निर्माण किया गया, लेकिन धनाभाव के चलते यहां भी कार्य ठप पड़ा है। इसी वर्ष भूलेपुर ग्राम पंचायत को 18 लाख 4 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई, लेकिन ग्राम प्रधान द्वारा समिति का गठन न किए जाने के चलते योजना का लाभ अभी तक नहीं मिल सका है। टांडा विकास खंड के खासपुर को 18. 83 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई। समिति के गठन में देरी के चलते 6 अगस्त 2012 को प्रथम किस्त के रूप में 9.09 लाख की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। कटेहरी विकास खंड के खेमापुर को 16.61 लाख के सापेक्ष 8 लाख दिए गए। इसमें 2 बोरिंग व 2 सबमर्सिबल पंप का कार्य ही हुआ। पानी टंकी व अन्य कार्य चल रहा है। बसखारी विकास खंड के हंसवर को 19 लाख 16 हजार रुपये की स्वीकृति हुई। यहां का कार्य समिति द्वारा न कराकर जलनिगम द्वारा कराया जाना है। अभी तक कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है।

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