आय प्रमाणपत्र में हो रही मनमानी

AmbedkarNagar Updated Thu, 04 Oct 2012 12:00 PM IST
अंबेडकरनगर। तहसीलों में भीड़ भले ही कम हुई है, लेकिन आय प्रमाण पत्र के लिए चुनौती अभी भी बरकरार है। इसमें सबसे ज्यादा मनमानी लेखपाल कर रहे हैं। आय की निष्पक्ष जांच की बजाए उसका आंकलन मनमाने ढंग से किए जाने की कीमत तमाम पात्रों को भुगतनी पड़ रही है। इतना ही नहीं प्रमाण पत्र पर रिपोर्ट लगवाने के लिए लेखपालों को खोज पाना भी टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। सबसे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य यह कि इसे लेकर जिला प्रशासन तक ने मौन साध रखा है। एक भी मामलों में मनमानी बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं की जा सकी है।
बीते दिनों प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए जिले की सभी तहसीलों में मारामारी का माहौल था। कन्या विद्या धन योजना व बेरोजगारी भत्ते को लेकर ही तहसीलों में भीड़ कुछ ज्यादा दिख रही थी। अब हालांकि भीड़ छटी है, फिर भी आवेदकों की मुश्किलें जस की तस हैं। लोगों को समय से जहां प्रमाणपत्र नहीं मिल पा रहा, वहीं आय प्रमाण पत्र में अंकित की जाने वाली राशि को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल यह सब कुछ इसलिए हो रहा है क्योंकि लेखपालों की मनमानी चरम पर है। पूर्व में जहां तहसील स्थित कार्यालय के कर्मचारियों की मनमानी का शिकार आवेदकों को होना पड़ रहा था, वहीं अब उन्हें सिर्फ लेखपालों की मनमानी से जूझना पड़ रहा है। गत दिवस जिला पंचायत में हुई जिला योजना की बैठक में कई जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट तौर पर लेखपालों की मनमानी का तो उल्लेख किया ही था, उससे भी ज्यादा नाराजगी इस बात पर जताई थी कि जिला प्रशासन मौन बना हुआ है। इसका भी कोई असर पड़ता नहीं दिखा है।
बुधवार को अकबरपुर तहसील में कई फरियादी प्रमाणपत्र के लिए भटकते दिखाई दिए। सोनगांव से आए रामजगत ने बताया कि उन्होंने आय प्रमाणपत्र के लिए 10 दिन पूर्व आवेदन किया था। हालांकि बुधवार को तहसील आने पर उन्हें कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसी प्रकार आलोक कुमार, रामसूरत व बृजेश कुमार ने भी आय प्रमाण पत्र बनाए जाने में मनमानी बरते जाने का आरोप लगाया। सैदापुर के निकट से आए हैदर ने कहा कि उसकी आय प्रमाणपत्र 48 हजार रुपये बना दी गई है, जबकि न तो उसके पास पक्का मकान है और न ही ज्यादा खेत। बताया कि सिर्फ दूसरे लोगों से पूछकर ही यह प्रमाण पत्र बना दिया गया। अब उसे ऐसे में छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल पाएगा।
भीटी प्रतिनिधि के मुताबिक डिंपल तिवारी निवासिनी पीठापुर सरैया ने बताया कि उनका आय प्रमाण पत्र भी 48 हजार रुपये का बना दिया गया है, जबकि उनके पास महज दो बीघा ही खेत है। पिता का भी निधन हो चुका है। इसी गांव की सुनीता पुत्री पारसनाथ ने बताया कि उनके पास कोई खेत नहीं है। इसके बाद भी उनका आय प्रमाणपत्र मनमाने ढंग से 40 हजार रुपये का बना दिया गया। टांडा प्रतिनिधि के अनुसार तहसील क्षेत्र के बसखारी निवासी धीरज का आय प्रमाणपत्र भी अधिक रकम का बना दिया गया। तहसील में शिकायत हुई, लेकिन बात नहीं बनीं।

Spotlight

Most Read

National

2019 में कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव नहीं लड़ेगी CPM

महासचिव सीताराम येचुरी की ओर से पेश मसौदे में भाजपा के खिलाफ लड़ाई में कांग्रेस समेत तमाम धर्मनिरपेक्ष दलों को साथ लेकर एक वाम लोकतांत्रिक मोर्चा बनाने की बात कही गई थी।

22 जनवरी 2018

Related Videos

जब रात में CM योगी के आवास के बाहर किसानों ने फेंके आलू

लखनऊ में आलू किसानों को जबरदस्त प्रदर्शन देखने को मिला। अपना विरोध जताते हुए किसानों ने लाखों टन आलू मुख्यमंत्री आवास, विधानसभा और राजभवन के बाहर फेंक दिया। देखिए आखिर क्यों भड़क उठा आलू किसानों का गुस्सा।

6 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper