धान खरीद के पहले दिन केंद्रों पर रहा सन्नाटा

AmbedkarNagar Updated Tue, 02 Oct 2012 12:00 PM IST
अंबेडकरनगर। धान खरीद के पहले दिन जिले के लगभग सभी क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। अधिकतर केंद्रों के तो ताले ही नहीं खुले थे। और तो और किसी भी केंद्र पर खरीद का बैनर तक नहीं लगा मिला। यह भी सच है कि अभी किसानों का धान पूरी तरह तैयार नहीं हुआ है, लेकिन शासन के निर्देश के मुताबिक प्रशासन को अपनी तैयारियां तो चाक चौबंद रखनी ही चाहिए थीं। लापरवाही का आलम यह कि केंद्रों पर कर्मचारी भी नदारद रहे।
बताते चलें कि प्रदेश सरकार ने किसानों के धान की खरीद के लिए एक अक्तूबर से सभी केंद्रों को शुरू करने का निर्देश पूर्व में ही दे दिया था। इस बार गत वर्ष के 52 केंद्र के सापेक्ष सिर्फ 31 केंद्र ही खरीद के लिए बनाए गए हैं। इनमें पीसीएफ के 17, खाद्य विभाग के 8, राज्य कर्मचारी कल्याण निगम के 3, यूपीएसएस के 2 तथा यूपी स्टेट एग्रो का एक केंद्र शामिल है। खरीद को लेकर शासन ने भले ही एक अक्तूबर की तिथि निर्धारित कर दी, लेकिन वह भी पूरी तरह तैयार नहीं दिखा। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि धान खरीद का कोई लक्ष्य जिले को अब तक नहीं मिल पाया है। धान खरीद को लेकर शासन के निर्देशों का पालन करने को लेकर जिले के अधिकारी कितना गंभीर है, इसका जायजा लेने ‘अमर उजाला की टीम’ सोमवार को क्रय केंद्रों का निरीक्षण करने निकली।
दोपहर बाद टीम अकबरपुर मालीपुर रोड पर स्थित यूपी स्टेट एग्रो के केंद्र पहुंची। यहां केंद्र का शटर तो खुला था, लेकिन कर्मचारी नदारद था। बगल के कक्ष में कांटा-बाट रखा हुआ था। जिसे तौल के लिए अभी तैयार नहीं किया जा सका है। काफी देर रहने के बावजूद न तो वहां कोई किसान दिखा और न ही कर्मचारी। कर्मचारियों की बेफिक्री का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि क्रय केंद्र के बाहर पड़ी खाली जगह का प्रयोग इर्दगिर्द के दुकानदार अपने अपने कार्यों के लिए कर रहे थे। टीम ने इसके बाद अकबरपुर शहर से पांच किमी दूर स्थित पीसीएफ के बरधाभिउरा केंद्र का रुख किया। मुख्य मार्ग के निकट स्थित इस केंद्र का तो ताला ही नहीं खुला था। यहां पर खरीद का कोई बोर्ड नहीं था। लगभग 20 मिनट ठहरने के बाद भी यहां पसरा सन्नाटा द­ूर नहीं हो पाया। जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार खाद्य विभाग के जलालपुर स्थित केंद्र का ताला नहीं खुला मिला। यहां भी बोर्ड लगाने की जरूरत अधिकारी महसूस नहीं कर सके थे। भीटी प्रतिनिधि के अनुसार राज्य कर्मचारी कल्याण निगम के केंद्र श्रवणक्षेत्र व पीसीएफ के केंद्र महरुआ गोला में भी न तो कोई कर्मचारी था और न ही कोई किसान। इन दोनों केंद्रों पर भी किसानों की धान की खरीद शुरू होने की जानकारी देने के लिए बोर्ड नजर नहीं आया।
प्रशासन की इस लापरवाही से हालांकि किसानों के ऊपर कोई फर्क पड़ता नजर नहीं आता, लेकिन शासन के निर्देश के बावजूद कर्मचारियों की मनमानी साफ नजर आती है। राहत की बात यह कि अभी किसानों का धान पूरी तरह तैयार नहीं है। कुछ अगेती फसलें तैयार अवश्य हैं, लेकिन वे पर्याप्त नहीं है। ऐसे में अभी केंद्रों पर किसानों का दबाव नहीं है। हालांकि एक सप्ताह बाद से किसानों की चहलकदमी शुरू होने की उम्मीद है।

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