लाल निशान से 53 सेमी. ऊपर सरयू

AmbedkarNagar Updated Thu, 20 Sep 2012 12:00 PM IST
टांडा/राजेसुल्तानपुर। सरयू का जलस्तर बुधवार को खतरे के निशान से 53 सेमी ऊपर पहुंच गया है। इससे नदी से घिरे माझा उल्टहवा के तीन पुरवे में पानी घुसने लगा है। गांव का प्राथमिक स्कूल जलभराव के कारण बंद कर दिया गया है। लगातार बढ़ते जलस्तर को लेकर ग्रामीणों में खौफ है। अराजीदेवारा गांव में प्रशासन ने ग्रामीणों के आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था की है, जबकि माझा उल्टहवा में पहले ही पांच नाव लगाई जा चुकी है। स्थिति को बिगड़ने से बचाने व तत्काल राहत पहुंचाने के लिए टांडा व आलापुर दोनों तहसील क्षेत्रों में प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। सरयू का जलस्तर लगातार रौद्र रूप ले रहा है। टांडा प्रतिनिधि के मुताबिक मंगलवार को नदी का पानी खतरे के निशान से जहां 42 सेमी ऊपर बह रहा था। वहीं बुधवार को नदी का पानी 53 सेमी ऊपर पहुंच गया। उफनाई सरयू के चलते टांडा विकास खंड क्षेत्र के ग्राम माझा उल्टहवा के लोग सबसे ज्यादा मुश्किल में हैं। हालत यह है कि ग्राम पंचायत के तीन पुरवे बाबूराम का पूरा, दिलशेर का पूरा व पश्चिम पूरा में पानी घुस गया है। गांव के शैलेंद्र, रामचंदर यादव, सुरेमना, अनीता, जुगरा व टेपरादेवी आदि ने बताया कि उनकी धान की सारी फसल पानी में पहले ही डूब चुकी थी। अब तो मवेशियों के चारे तक का संकट उत्पन्न हो गया है। ग्राम पंचायत के प्राथमिक स्कूल तक भी पानी बुधवार को पहुंच गया। इसके चलते प्राथमिक विद्यालय बंद कर देना पड़ा। वहां पर बच्चों को भेजना खतरे से खाली नहीं है। ग्रामीणों ने नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि प्रशासन ने नाव का बंदोबस्त तो कर दिया है, लेकिन उनकी सुध अब तक नहीं ली जा सकी है। ग्रामीणों ने कहा कि लेखपाल, पंचायत सेक्रेटरी व एएनएम तक गांव में नहीं दिखे हैं। नदी के किनारे बसे करमपुर बरसावां, अवसानपुर, आसोपुर, चिंतौरा व छज्जापुर के माझा क्षेत्रों की फसलें जलमग्न हो गईं हैं। नैपुरा, सलोना घाट, डुहिया, फूलपुर, अवसानपुर व केवटला आदि के ग्रामीणों में खौफ का माहौल है। इस बीच नदी का पानी टांडा नगर के हयातगंज, अलीबाग, हनुमानगढ़ी, छज्जापुर व कालीमाता मंदिर क्षेत्र में दस्तक दे रहा है। नदी के किनारे बसे घरों में पानी एक दो दिन के भीतर पहुंचने की आशंका बन गई है। बाढ़ प्रखंड के अवर अभियंता केके पांडेय ने बताया कि बुधवार की सायं 6 बजे नदी का जलस्तर 93.26 मीटर पर दर्ज हुआ, जो खतरे के निशान से 53 सेमी ऊपर है। उधर राजेसुल्तानपुर प्रतिनिधि के मुताबिक माझा कम्हरिया व अराजीदेवारा ग्राम पंचायतों के विभिन्न गांवों के निकट नदी का पानी पहुंचने से दहशत का माहौल बना हुआ है। अराजीदेवारा में प्रशासन ने ग्रामीणों के आवागमन के लिए तीन नाव की व्यवस्था कर दी है। तहसीलदार आरएन मौर्य ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। बताया कि कानूनगो व लेखपाल क्षेत्र में कैंप कर रहे हैं।

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