एटीएम सेवा बदहाल, लोग बेहाल

AmbedkarNagar Updated Sun, 16 Sep 2012 12:00 PM IST
अंबेडकरनगर। लगभग ढाई लाख उपभोक्ताओं के लिए जिले में 45 एटीएम तो स्थापित कर दिए गए, लेकिन जरूरत पर पैसा न मिल पाने का संकट आमतौर पर अभी भी बना हुआ है। उपभोक्ताओं को जो मुश्किल जिला मुख्यालय पर पहला एटीएम शुरू होने पर महसूस होती थी, उसी प्रकार की कठिनाई एटीएम की संख्या में तेजी से हुई बढ़ोतरी के बाद अब भी हो रही है। 10 से अधिक एटीएम तो प्राय: ठप ही रहते हैं। अवकाश के दिनों में यह संख्या 30 को भी पार कर जाती है। उपभोक्ताओं का कहना है कि एटीएम सेवाओं का लोगों को भरपूर लाभ नहीं मिल पा रहा है।
बैंकों से रुपये निकालने वालों की लाइन कम करने के लिए विभिन्न बैंकों की ओर से जगह-जगह एटीएम लगाए गए हैं। जनपद मुख्यालय सहित अन्य क्षेत्रों में विभिन्न बैंकों के 45 एटीएम लगाए गए हैं। लगभग ढाई लाख उपभोक्ता इन एटीएम पर आश्रित हैं। एटीएम लगाने का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को धन निकालने के लिए बैंकों में लाइन लगाने से छुटकारा दिलाना एवं किसी भी समय धन निकासी की सुविधा उपलब्ध करानी है। हालांकि एटीएम उपभोक्ताओं की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं। अकसर तमाम मशीनें या तो खराब पड़ी रहती हैं या फिर उसमें धन नहीं होता। नतीजा यह होता है कि लोगों को धन निकालने के लिए एक से दूसरे एटीएम के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उपभोक्ताओं को एटीएम का लाभ दिलाने के लिए बैंक प्रबंधन गंभीर नहीं है। आलापुर तहसील में लगे स्टेट बैंक के एक व बैंक ऑफ बड़ौदा के दो एटीएम दो माह से खराब पड़े हैं। लोग इनको दुरुस्त कराने की मांग कई बार कर चुके हैं, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। जनपद मुख्यालय पर स्टेट बैंक के छह, एचडीएफसी के तीन,, पीएनबी का एक, यूनियन बैंक का एक, ओरिएंटल का एक, इंडियन का एक व बैंक ऑफ बड़ौदा का एक एटीएम लगा है। इनमें से कई एटीएम अकसर खराब पड़े रहते हैं। कुछ ऐसा ही हाल जलालपुर का भी है। यहां स्टेट बैंक का एक, एचडीएफसी का एक, यूनियन बैंक का एक व बैंक ऑफ बड़ौदा का एक एटीएम लगा है। यहां भी कम ही लोगों को इसका लाभ मिल पाता है। मालीपुर, इल्तिफातगंज, एनटीपीसी, टांडा, सैदापुर, सद्दरपुर व बसखारी आदि बाजारों में भी एटीएम सेवाओं की बदहाली से लोग परेशान हो चुके हैं।

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