मंत्री से जान का खतरा जताते ही घटी सुरक्षा

AmbedkarNagar Updated Wed, 22 Aug 2012 12:00 PM IST
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अंबेडकरनगर। मंत्री से अपनी जान का खतरा बताए जाने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सूर्यमणि यादव की सुरक्षा व्यवस्था में कटौती कर दी गई। उन्हें लगभग तीन माह पूर्व गोली मारे जाने के बाद पांच सशस्त्र पुलिसकर्मी सुरक्षा के लिए मिले थे। इनमें से चार को हटा लिया गया है। अब एक कारबाइनयुक्त गनर ही उनके पास है। सूर्यमणि ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कहा है कि उनके ऊपर पहले से ही तमाम खतरे मंडरा रहे हैं। मंत्री से उन्होंने पहले ही जान का खतरा जताया है। अब ऐसे में यदि उनके साथ कोई हादसा होता है, तो स्वास्थ्य राज्यमंत्री शंखलाल मांझी ही उसके जिम्मेदार होंगे। सूर्यमणि ने इसके साथ ही मंत्री के कॉल की डिटेल निकलवाकर उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है।
सामाजिक कार्यकर्ता सूर्यमणि ने दो दिन पूर्व ही कटेहरी विधायक व प्रदेश के स्वास्थ्य राज्यमंत्री शंखलाल मांझी से अपनी जान का खतरा बताते हुए इसकी शिकायत मुख्यमंत्री व पुलिस अधिकारियों से की थी। इसमें कहा गया था कि मंत्री ने सार्वजनिक तौर पर उनके विरुद्ध एक फर्जी मामले में कार्रवाई के निर्देश महरुआ पुलिस पुलिस को दिए हैं और विभिन्न अपमानजनक शब्दों का भी प्रयोग किया। इसके तमाम प्रत्यक्षदर्शी हैं। हालांकि मंत्री ने इन आरोपों को बेबुनियाद व मनगढ़ंत बताया था। मंत्री के विरुद्ध मोर्चा खोलने का खामियाजा सूर्यमणि को अब अपनी सुरक्षा में कटौती के तौर पर भुगतना पड़ा है। दरअसल गत 23 मई को उनके ऊपर हुए जानलेवा हमले के बाद दो पुलिसकर्मी उनके बंदनडीह स्थित आवास पर तथा दो पुलिसकर्मी इलाज के दौरान लखनऊ में उपलब्ध कराए गए थे। इलाज के बाद वापस आने पर कारबाइन के साथ एक गनर की भी सुरक्षा दी गई थी। यह व्यवस्था लगातार चलती चली आ रही थी। इस बीच सूर्यमणि ने मंगलवार को मुख्यमंत्री व पुलिस महानिदेशक को भेजे पत्र में शिकायत किया है कि मंत्री की शिकायत करने के बाद उनके दबाव में प्रशासन ने उनकी सुरक्षा घटा दी है। जो चार सशस्त्र पुलिसकर्मी उनके साथ लगाए गए थे, उन्हें वापस बुला लिया गया है। अब सिर्फ एक गनर ही उनके साथ है। ऐसे में यदि उनके साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसके जिम्मेदार सीधे तौर पर मंत्री व स्थानीय प्रशासन होगा। एसपी गोविंद अग्रवाल ने कहा कि घर पर व इलाज के दौरान एहतियातन सुरक्षाकर्मी दिए गए थे। उनकी सुरक्षा के लिए एक गनर उपलब्ध कराया गया है। उधर सूर्यमणि ने मुख्यमंत्री को एक पत्र भेजकर कहा है कि राज्यमंत्री शंखलाल मांझी के विभिन्न मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल निकलवाई जाए। इससे उन पर असामाजिक तत्वों को संरक्षण देने का जो आरोप लग रहा है, उसकी सच्चाई सामने आ जाएगी। पत्र में यह भी कहा कि जलालपुर लूटकांड के दिन मंत्री ने जिले के एसपी को कई बार अलग-अलग नंबरों से फोन किया था। राज्यमंत्री ने कहा है कि सुरक्षा का पूरा जिम्मा प्रशासन का होता है। इससे उनका कोई लेनादेना नहीं है।

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