मंत्री से जान का खतरा !

AmbedkarNagar Updated Mon, 20 Aug 2012 12:00 PM IST
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अंबेडकरनगर। सामाजिक कार्यकर्ता सूर्यमणि यादव ने मुख्यमंत्री, डीजीपी, मानवाधिकार आयोग और एसपी को भेजे पत्र में जिले के स्वास्थ्य राज्यमंत्री शंखलाल मांझी से अपनी जान को खतरा बताते हुए प्राथमिकी दर्ज किए जाने का प्रार्थनापत्र दिया है। इसमें उन्होंने मंत्री पर आरोप लगाया है कि वे उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के लिए महरुआ पुलिस पर दबाव बना रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता ने इसके साथ ही मुख्यमंत्री को फैक्स से पत्र भेजकर मंत्री को बर्खास्त करने की मांग करते हुए कहा कि उनके द्वारा जलालपुर लूटकांड में संदिग्ध एक ठेकेदार का साथ दिया जा रहा है। इस बीच महरुआ पुलिस ने स्वीकार भी किया है कि सूर्यमणि के विरुद्ध मंत्री की संस्तुति सहित एक तहरीर पड़ी है, लेकिन अभी प्राथमिकी दर्ज नहीं है। वहीं सूर्यमणी ने मंत्री के खिलाफ अहरौली थाने में तहरीर दी है।
सामाजिक कार्यकर्ता सूर्यमणि यादव ने रविवार को एसपी समेत मुख्यमंत्री, डीजीपी व मानवाधिकार आयोग को भेजे पत्र में कटेहरी विधायक व स्वास्थ्य राज्यमंत्री शंखलाल मांझी पर अपनी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी। लिखा कि गत 17 अगस्त को कटेहरी में आयोजित एक कार्यक्रम में मंत्री ने सार्वजनिक तौर पर महरुआ एसओ को निर्देश दिया कि किसी न किसी मामले में 24 घंटे के भीतर उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करें। ऐसा न करने पर एसओ को भी अंजाम भुगतने की चेतावनी दी गयी। पत्र में कहा गया कि इसके बाद उसी दिन स्कॉर्पियो पर सपा का झंडा लगाकर कुछ लोग उनके घर पहुंचे। उनकी गैर मौजूदगी में परिजनों से दुर्व्यवहार किया। सूर्यमणि ने पत्र में मंत्री से जान का खतरा बताते हुए कहा कि किसी भी समय उसकी हत्या करायी जा सकती है। या फिर किसी फर्जी मुकदमे में फंसाया जा सकता है। सूर्यमणि ने पूरे मामले में प्राथमिकी भी दर्ज कराये जाने की मांग की है।
सूर्यमणि ने एसपी व मुख्यमंत्री समेत कई अन्य अधिकारियों को भेजे पत्र में जलालपुर लूटकांड की जांच एसटीएफ या सीबीआई से कराने की मांग करते हुए कहा कि पूरे प्रकरण में मंत्री की भूमिका अत्यंत अनुचित है। कहा कि मारे गये बदमाश का सरगना सपा का एक नेता व ठेकेदार रहा है, जिससे मंत्री का प्रगाढ़ संबंध है। पत्र में मुख्यमंत्री से कहा गया कि मंत्री के कारनामों से पार्टी की छवि क्षेत्र में धूमिल हो रही है। ऐसे में मंत्री को बर्खास्त कर सरकार की छवि बचाया जाना जरूरी है। उधर एसओ महरुआ ने स्वीकार किया कि सूर्यमणि के विरुद्ध एक शिकायत तो आयी है, लेकिन अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है। एसओ ने यह भी स्वीकार किया कि मामले में मंत्री ने प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिये हैं। एसपी गोविन्द अग्रवाल ने सामाजिक कार्यकर्ता की कोई शिकायत मिलने से इनकार किया। कहा कि तहरीर तो तमाम मामलों में दी जाती है। छानबीन के बाद ही मामले दर्ज होते हैं। फिलहाल कोई प्राथमिकी सूर्यमणि यादव के विरुद्ध दर्ज नहीं है।

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