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हवा में उड़ गया अखिलेश का फरमान

AmbedkarNagar Updated Sat, 18 Aug 2012 12:00 PM IST
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अंबेडकरनगर। दूसरों पर एक अंगुली उठाने के दौरान सपा भूल गई थी कि ऐसा करते समय तीन अंगुलियां उसी की ओर मुड़ रही हैं। प्रदेश की सत्ता में आते ही सपा के झंडे कार्यकर्ताओं के साथ ही अपराध जगत से जुड़े और सवारी ढोने वाले वाहनों तक पर लहरा रहे हैं। जलालपुर में व्यवसायी को लूटकर भाग रहे और मुठभेड़ में ढेर हुए अपराधी के वाहन पर लगे सपा के झंडे ने साबित कर दिया कि इसका उपयोग गलत कार्यों में भी जमकर हो रहा है। सड़क पर सवारी लेकर चलने वाले वाहन भी इस झंडे का उपयोग कर रहे हैं। मकसद पुलिस की बेगारी और उगाही से बचने के साथ ही रौब गालिब करना है। प्रदेश की सत्ता संभालने के बाद सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने झंडा लगाने के लिए गाइड लाइन जारी की थी। बावजूद इसके वाहनों के झंडे उतरे नहीं, बल्कि बढ़ गये। जिलाध्यक्ष के निर्देश का इन पर असर नहीं हुआ। सूबे के मुख्यमंत्री का एक आदेश अमल में आने से पहले ही हवा में उड़कर रह गया। सत्तारूढ़ दल के झंडे का दुरुपयोग चरम पर है, लेकिन पार्टी के जिम्मेदार लोग मौन हैं। प्रदेश की सत्ता में समाजवादी पार्टी के वापसी के दौर को याद करें, तो कई जिलों से कार्यकर्ताओं व नेताओं के उत्पात की खबरें आई थीं। फजीहत से बचने के लिए मुख्यमंत्री व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव को यह कहना पड़ा कि पार्टी के झंडे का दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा। नेतृत्व ने बाकायदा गाइड लाइन जारी कर बताया कि सिर्फ चंद जिम्मेदार लोग ही अपने वाहनों पर पार्टी का झंडा लगा सकेंगे। मुख्यमंत्री की तरफ से जारी निर्देशों का प्रभावी पालन हो, इसके लिए जिले में बाकायदा बैठक बुलाकर पत्र को पढ़ा गया। यह बात अलग है कि जिले में पार्टी की यह गाइड लाइन मानने के लिए कोई कार्यकर्ता तैयार नहीं। छुटभैय्यों से लेकर ठेकेदारों व असामाजिक तत्व धड़ल्ले से सपा का झंडा लगाकर घूम रहे हैं, लेकिन पार्टी का कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा है।
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ठेकेदारों व बिचौलियों के वाहनों पर यह झंडे प्रमुखता से देखे जा सकते हैं। प्रत्येक कार्यदिवस में पीडब्लूडी कार्यालय से लेकर एआरटीओ कार्यालय तथा कलक्ट्रेट से लेकर विकास भवन तक ऐसे चार पहिया वाहनों की भरमार रहती है, जिस पर सपा का झंडा लगा होता है। ऐसे लोगों का मुख्य उद्देश्य पुलिस प्रशासन पर धौंस जमाना होता है। इसके बल पर वे तमाम अवैध व अनैतिक कार्यों को अंजाम देते रहते हैं। ताजा मामला जलालपुर में लगभग 13 लाख रुपये की लूट का है। इसमें बदमाशों ने जिस वाहन का प्रयोग किया था, उस पर सपा का झंडा लगा हुआ था। बदमाश जानते थे कि घटना के बाद वे इसी झंडे के बल पर आसानी से फरार हो जाएंगे। हालांकि घिर जाने के बाद हुई मुठभेड़ में एक बदमाश मारा गया और वाहन भी बरामद हुआ। सत्तारूढ़ दल के झंडे के दुरुपयोग का यह इकलौता मामला नहीं है। लगभग दस दिन पूर्व पट्टी चौराहे पर खाद को लेकर जब ग्रामीणों ने जाम लगा रखा था, तो इससे नाराज अज्ञात युवक हवाई फायरिंग कर जिस बोलेरो वाहन से भागा था, उस पर भी सपा का झंडा लगा हुआ था। अकबरपुर नगर के कटरिया याकूबपुर स्थित कांशीराम आवासीय कॉलोनी में बीते दिनों एक वाहन पर दो लड़कियों को बिठाकर लाया गया था। स्थानीय लोगों ने उन्हें खदेड़ा। बताया गया कि उस वाहन पर भी सपा का झंडा लगा हुआ था। इतना ही नहीं गत दिवस जिला मुख्यालय पर एक पेट्रोलपंप कर्मी से हुई लूट के बाद फरार हुए बदमाशों द्वारा जिस गाड़ी का प्रयोग किया गया था, उस पर भी कुछ लोगों ने सपा का ही झंडा लगा देखा था।
सभी जिम्मेदार लोगों को इस बाबत जानकारी दी जा चुकी है। झंडे का दुरुपयोग रोकने के लिए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखेंगे। झंडों का दुरुपयोग कतई नहीं होने दिया जाएगा। - रामसकल यादव, सपा जिलाध्यक्ष
शासन से मिली गाइड लाइन का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। इसके लिए सभी थाना प्रभारियों को हिदायत दे दी गई है। वे अब इस पर कड़ी नजर रखकर प्रभावी नजर रखेंगे। - गोविंद अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक

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