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नाव पर सवार 45 लोग 6 बाइक व 3 साइकिलें

AmbedkarNagar Updated Mon, 13 Aug 2012 12:00 PM IST
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टांडा। न जाने क्यों प्रशासन को किसी हादसे के बाद ही सबक आती है। सरयू नदी में प्रतिदिन एक नाव पर क्षमता से अधिक लोग जान हथेली पर रखकर यात्रा कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन इससे अंजान बना हुआ है। हालत यह है कि एक नाव पर 45 लोगों के साथ 6 बाइक व 3 साइकिल सहित बड़ी मात्रा में अन्य सामान भी इस पार से उस पार होता दिखा। ऐसा लगभग प्रतिदिन ही होता है। अब ऐसे में कोई हादसा हो जाए, तो फिर इस दौरान होने वाली जन व धन हानि की सहज कल्पना की जा सकती है। शायद तब ही प्रशासन चेतेगा और फिर नाव के संचालन पर अंकुश लगाने के साथ ही क्षमता के अनुरूप यात्रियों को ढोया जाना कुछ दिन के तय कर सकेगा।
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टांडा तहसील स्थित सरयू नदी को पार करने के लिए प्रतिदिन लोग नाव का सहारा ले रहे हैं। अन्य दिनों में तो वे अस्थाई तौर पर बनाए गए पीपे के पुल का सहारा ले लेते हैं, लेकिन नदी में जलस्तर बढ़ने पर उन्हें नाव का ही सहारा लेना पड़ता है। टांडा के आस पास के कई क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में लोग अपने सामानों के साथ सरयू नदी को प्रतिदिन पार करते हैं। इसमें नाव ही उनकी मदद करती है। बताया जाता है कि बस्ती जिला पंचायत से इसके लिए बाकायदा नीलामी लगती है। इन दिनों बस्ती जिला पंचायत क्षेत्र के अधीन दो बड़ी नावों का संचालन लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए हो रहा है। इस नाव में एक इंजन लगा हुआ है। इसके सहारे ही नाव इस पार से उस पार पहुंचती है। नाव की दिशा तय करने के लिए पतवार का सहारा लिया जाता है। एक नाव पर तीन नाविक होते हैं, जबकि अन्य संख्या सवारियों की होती है।
नाव संचालन में मनमानी यह कि प्रतिदिन क्षमता से कहीं अधिक यात्री ढोये जा रहे हैं। ऐसे में किसी भी दिन बड़े हादसे की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। रविवार को अमर उजाला टीम ने एक ऐसे ही दृश्य को अपने कैमरे में कैद किया, जो अत्यंत चिंताजनक है। एक नाव पर 45 लोग सवार थे। इसमें नाविक भी शामिल हैं। बात यहीं तक सीमित नहीं। नाव पर 6 बाइक व 3 साइकिल भी लादी गई थीं। अन्य यात्रियों ने भी अपने हाथों में तमाम झोले व अन्य सामान ले रखे थे। नाव में कहीं भी हिलने डूलने तक की जगह नहीं थी। नाव के जरा अनियंत्रित होने पर किसी को अपने स्थान से हटकर दूसरे स्थान पर जाने का मौका नहीं मिल सकता था। इन स्थितियों के बीच नाव टांडा से कलवारी की तरफ रवाना हो रही थी। एक खास बात यह भी थी कि नाव में कई जगहों से पानी भी पहुंच रहा था। एक तरफ से उसे नदी में उलचते हुए भी देखा जा सकता था। स्थानीय लोगों ने बताया कि ऐसा दृश्य यहां प्रतिदिन दिखता है, लेकिन प्रशासन बेखबर बना हुआ है।

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