दम तोड़ रही जननी शिशु सुरक्षा योजना

AmbedkarNagar Updated Sun, 12 Aug 2012 12:00 PM IST
अंबेडकरनगर। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित जननी शिशु सुरक्षा योजना की इस वर्ष जिले में शुरुआत नहीं हो सकी है। सभी सीएचसी व पीएचसी पर योजना के तहत प्रसव के बाद 48 घंटे से अधिक समय तक रुकने वाली महिलाओं को भोजन उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें घर तक पहुंचाने का निर्णय लिया गया है। हालांकि अभी तक यहां इसकी शुरुआत ही नहीं हो पायी है। ऐसे में प्रसूताओं को इस योजना का लाभ मिले बगैर ही लौटना पड़ रहा है।
बताते चलें कि शासन की ओर से राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत जननी शिशु सुरक्षा योजना चलाई गई है। गत वर्ष इसके संचालन के लिए जिला चिकित्सालय समेत टांडा व जलालपुर सीएचसी का चयन किया गया था। इस वर्ष जिला अस्पताल के साथ ही सभी सीएचसी व पीएचसी को योजना में शामिल तो कर लिया गया, लेकिन प्रशासन महिलाओं को समुचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। योजना के तहत इन केंद्रों पर प्रसव कराने व 48 से 72 घंटे तक चिकित्सालय में रुकने वाली प्रसूताओं के भोजन व उन्हें घर तक पहुंचाने की व्यवस्था चिकित्सालय की ओर से जाती है। इतना ही नहीं चार दिनों तक दवाओं आदि का पूरा खर्च भी अस्पताल को वहन करना होता है। इस वर्ष जिले में शासन की यह योजना औंधे मुंह गिर गई है।
‘अमर उजाला’ ने शनिवार को इस योजना की हकीकत जानी तो सच सामने आ गया। चिकित्सालय रजिस्टर में एक से 11 अगस्त तक कुल 32 महिलाओं ने प्रसव कराया है। प्रसव के बाद भर्ती मीठेपुर निवासी सुमन देवी पत्नी विवेक कुमार मिश्र के ससुर हरिकांत मिश्र ने बताया कि उनकी बहू सात अगस्त से चिकित्सालय में प्रसव के बाद भर्ती है। उसे चिकित्सालय की ओर से न तो सभी दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और न ही कभी भोजन ही मिला।
इसी वार्ड में भर्ती प्रसव पीड़िता कंचन देवी पत्नी बब्लू निवासी बरियावन भी मंगलवार से ही भर्ती हैं। उनके पत्नी बब्लू ने भी चिकित्सालय प्रशासन के रवैया पर आक्रोश जताया। कहा कि भोजन की बात तो दूर अन्य सुविधाएं भी मरीजों को सही ढंग से नहीं मिल पा रही हैं। बताया कि जननी शिशु सुरक्षा योजना के तहत केवल प्रसव पीड़ित महिलाओं को दूध देकर खानापूर्ति कर ली जाती है।
उधर, जलालपुर के नगपुर सामुदायिक स्वास्थ्य पर भी जननी सुरक्षा योजना दम तोड़ती नजर आ रही है। निरीक्षण के दौरान प्रसव के बाद भर्ती मिलीं सैदही निवासी उर्मिला व जलालपुर निवासी रेहाना ने बताया कि यहां पर उन्हें ऐसी कोई सुविधा नहीं मिल रही है। दवाएं भी बाहर से मंगाई जाती हैं। भोजन आदि का भी प्रबंध खुद ही करना पड़ता है।

Spotlight

Most Read

Lucknow

यूपी पुलिस भर्ती को लेकर युवाओं में जोश, पहले ही दिन रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन

यूपी पुलिस में 22 जनवरी से शुरू हुआ फॉर्म भरने का सिलसिला पहले दिन रिकॉर्ड नंबरों तक पहुंच गया।

23 जनवरी 2018

Related Videos

जब रात में CM योगी के आवास के बाहर किसानों ने फेंके आलू

लखनऊ में आलू किसानों को जबरदस्त प्रदर्शन देखने को मिला। अपना विरोध जताते हुए किसानों ने लाखों टन आलू मुख्यमंत्री आवास, विधानसभा और राजभवन के बाहर फेंक दिया। देखिए आखिर क्यों भड़क उठा आलू किसानों का गुस्सा।

6 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper