कलम देने की जगह थमाए जूठे बर्तन

AmbedkarNagar Updated Thu, 02 Aug 2012 12:00 PM IST
अंबेडकरनगर। जिन हाथों में कॉपी-किताब व कलम होना चाहिए उन हाथों को जूठा बर्तन थमा दिया गया। विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने की बजाए उनसे साफ-सफाई का काम लिया जा रहा है। ऐसे में सर्वशिक्षा अभियान का कितना फायदा छात्र-छात्राओं को मिल सकेगा, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। इसी का नतीजा है कि तमाम छात्र छात्राओं एवं अभिभावकाें का परिषदीय विद्यालयों से मोहभंग होता जा रहा है। जिले में सर्वशिक्षा अभियान का पूरी तरह माखौल उड़ाया जा रहा है। नया शिक्षासत्र प्रारंभ हुए एक माह का समय बीत गया, लेकिन अभी तक परिषदीय विद्यालयों में माकूल संख्या में छात्र-छात्राओं का पंजीकरण नहीं हो सका है। सिर्फ इतना ही नहीं, जितने बच्चों का पंजीकरण हुआ भी है, उनकी उपस्थिति विद्यालयों में नहीं हो पा रही है। परिषदीय विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विभागीय अधिकारी व विद्यालय प्रशासन कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक माह बीतने के बाद भी तमाम विद्यालयों में एमडीएम योजना के तहत बच्चों को भोजन नहीं मिल पा रहा है। सिर्फ इतना ही नहीं, बच्चों को सभी पुस्तकें भी अभी तक प्रशासन उपलब्ध नहीं करा सका है। इसका सीधा प्रभाव छात्र-छात्राओं की उपस्थिति पर पड़ रहा है। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को किस प्रकार की शिक्षा दी जा रही है, इसका जायजा लेने को अमर उजाला टीम ने विभिन्न विद्यालयों का दौरा किया। टीम टांडा विकास खंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सूरापुर पहुंची। यहां प्रधानाध्यापक सहित अन्य शिक्षक गपशप में मशगूल दिखे। कुछ बच्चे कक्ष के अंदर थे तो कुछ परिसर में खेल रहे थे। टीम कुछ आगे बढ़ी, तो उसे ठिठक जाना पड़ा। दरअसल कक्षा चार की एक छात्रा के हाथों में बर्तन दिखाई दिया, जिसे वह रगड़-रगड़ कर साफ कर रही थी। पूछने पर बताया कि गुरुजी कहिन है कि इका साफ कर लाओ और पानी भरकर ले आओ। गुरुजी के कहे पर ही ई बर्तन साफ करित है। टीम ने जब इस संबंध में प्रधानाध्यापक से जानकारी चाही तो उन्हें कोई जवाब नहीं सूझा। अध्यापकों की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यहां पंजीकृत 129 छात्र-छात्राओं में से मात्र 25 बच्चे ही उपस्थित मिले। एमडीएम योजना के तहत चूल्हा भी ठंडा पड़ा हुआ था। प्रधानाध्यापक ने बताया कि रक्षा बंधन के बाद भोजन बनना प्रारंभ हो जाएगा। प्राथमिक विद्यालय अरियाबाजार में एमडीएम तो बनता मिला लेकिन बच्चे पढ़ने की बजाए खेलते दिखाई दिए। यहां 219 छात्र-छात्राओं में 115 बच्चे ही उपस्थित मिले। प्रधानाध्यापक ने बताया कि शीघ्र ही सभी बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। प्राथमिक विद्यालय कटरिया याकूबपुर में 118 बच्चों में से मात्र 85 बच्चे ही उपस्थित मिले। यहां भी एमडीएम नहीं बन रहा था। पूछने पर प्रधानाध्यापक ने बताया कि शीघ्र ही योजना का लाभ बच्चों को मिलना प्रारंभ हो जाएगा। जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार प्राथमिक विद्यालय जलालपुर में 119 बच्चों के सापेक्ष 81 बच्चे, प्राथमिक विद्यालय कन्नूपुर में 219 के सापेक्ष 117 बच्चे तथा वाजिदपुर में146 बच्चों के सापेक्ष मात्र 76 बच्चे ही उपस्थित मिले। इन तीनों विद्यालयों में एमडीएम नहीं बन रहा था।

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

16 जनवरी 2018

Related Videos

जब रात में CM योगी के आवास के बाहर किसानों ने फेंके आलू

लखनऊ में आलू किसानों को जबरदस्त प्रदर्शन देखने को मिला। अपना विरोध जताते हुए किसानों ने लाखों टन आलू मुख्यमंत्री आवास, विधानसभा और राजभवन के बाहर फेंक दिया। देखिए आखिर क्यों भड़क उठा आलू किसानों का गुस्सा।

6 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper