यूरिया संकट: आवंटन 9165, आपूर्ति 3996 मीट्रिक टन

AmbedkarNagar Updated Thu, 02 Aug 2012 12:00 PM IST
अंबेडकरनगर। समितियों से यूरिया नदारद है। किसानों को धान में खाद डालने के लिए समितियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। समितियों पर खाद न मिलने से उन्हें मजबूरी में प्राइवेट दुकानों से अधिक दामों में खरीदनी पड़ रहा है। इसका कारण जिले को निर्धारित मात्रा में खाद न मिलना है। दरअसल शासन से जिले को जुलाई में 9155 मीटिक टन यूरिया आवंटित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन माह समाप्त होने के बाद भी अभी तक मात्र 3969 मीट्रिक टन यूरिया ही उपलब्ध कराई गई है। जिले में खाद का संकट बढ़ता जा रहा है। किसान खाद के लिए एक समिति से दूसरी समिति के चक्कर लगाने के लिए हैं। एक तरफ कम बारिश होने से सिंचाई की समस्या उत्पन्न हो गई है, वहीं दूसरी तरफ खाद की किल्लत से उनकी चिंता और बढ़ गई है। दरअसल धान की रोपाई के बाद खेतों में यूरिया डालना अत्यंत आवश्यक है। शासन से जुलाई में जिले को 9165 मीट्रिक टन यूरिया आवंटित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जुलाई माह समाप्त हो चुका है, लेकिन अभी तक मात्र 3969 मीट्रिक खाद ही उपलब्ध कराई गई है। शेष 5116 मीट्रिक टन खाद अभी तक जिले में नहीं पहुंची है। जिले में धान की रोपाई समाप्ति की तरफ है। किसानों द्वारा टॉप ड्रेसिंग के लिए यूरिया की मांग निरंतर बढ़ती जा रही है। ऐसे में किसानों को मजबूर होकर प्राइवेट दुकानों से खाद खरीदनी पड़ रही है। इन दुकानों पर उन्हें 400 से लेकर 450 रुपये तक देने पड़ रहे हैं जबकि यही खाद उन्हें समिति से 306 में मिलती है।

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