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भूलना होगा सोना, यदि आधार कार्ड है बनवाना

Lucknow Bureauलखनऊ ब्यूरो Updated Thu, 20 Jun 2019 12:09 AM IST
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अंबेडकरनगर। भूलना होगा सोना, यदि आधार कार्ड है बनवाना। यह किसी फिल्म का डायलॉग नहीं, बल्कि जमीनी सच्चाई है, जिससे जिले के हजारों लोग हर दिन जूझ रहे हैं। हाल यह है कि कोई आधी रात को घर छोड़कर बैंक व डाकघर के सामने सोने को विवश है तो कोई सुबह से ही पहुंचकर सुबह दस बजे तक बैंक खुलने का इंतजार करने को मजबूर हो रहा है।
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इनमें कई महिलाएं भी अपने दुधमुंहे बच्चों के साथ पहुंच रही हैं। यहां पहुंचने और घंटों अलग-अलग तरह की मुश्किल से जूझने के बाद भी गांरटी नहीं कि आधार कार्ड बनवाने या संशोधन कराने के लिए जरूरी फॉर्म मिल पाएगा। ऐसे में हाथ जोड़ने व पैर पकड़ने से लेकर कर्मचारियों के सामने मिन्नतें करने के बाद भी ज्यादातर लोगों को निराश होकर घर लौटना पड़ रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि जिस बैंक व डाकघर को अधिकृत किया गया है वहां प्रतिदिन सिर्फ अधिकतम दस लोगों को ही फॉर्म देकर उनके आवेदन स्वीकार किए जाते हैं।
विभिन्न प्रकार के कार्यों में आधार की अनिवार्यता बनी हुई है, लेकिन तब भी शासन प्रशासन की तरफ से यह प्रबंध नहीं हो पा रहा कि जरूरतमंदों का आधार कार्ड बिना किसी मुश्किल के बन जाए। पूर्व में जब जनसेवा केंद्रों के माध्यम से नए आधार कार्ड बनने से लेकर संशोधन कराने तक का काम हुआ करता था, तब आम लोगों के सामने मौजूदा समय जैसी मुश्किल नहीं थी।
कुछ दिनों पहले जनसेवा केंद्रों से यह सुविधा हटाकर जिला मुख्यालय पर पूर्व में तीन बैंकों सिंडीकेट, पीएनबी तथा बैंक ऑफ बड़ौदा में आधार कार्ड बनाने व संशोधन कराने की जिम्मदारी दी गई। इसके अलावा डाकघर को भी यह जिम्मा सौंपा गया। इसके बाद से जिले के विभिन्न क्षेत्रों के जरूरतमंद आधार कार्ड बनवाने के लिए जिला मुख्यालय स्थित इन बैंकों व डाकघर पहुंचने लगे। हालांकि पिछले कई दिनों से जरूरतमंदों के सामने यहां जंग जैसी स्थिति बनी है। कारण यह कि एक बैंक की मशीन खराब है, जबकि पीएनबी में तकनीकी दिक्तत के चलते काम नहीं हो पा रहा। ऐसे में पूरा भार सिर्फ डाकघर व बैंक आफ बड़ौदा पर आ गया है।
इन दोनों जगहों पर प्रतिदिन उपभोक्ता जरूरतमंद आधार कार्ड बनवाने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन ज्यादातर को निराश होना पड़ता है। कारण यह कि बैंक व डाकघर अधिकतम दस से ज्यादा फार्म उपलब्ध नहीं करा रहे। ऐसे में इन फार्म को पाने के लिए आधी रात के बाद से ही लाइन लगनी शुरू हो जाती है।
कई दिनों तक दौड़कर निराश होने वाले लोग रात से लेकर भोर तक बैंक व डाकघर के सामने पहुंच जाते हैं। इनमें से कई की पूरी रात जमीन पर सोते, बैठे व करवटें बदलते बीतती है। इसके बाद भी यह गांरटी नहीं रहती कि उनका आधार कार्ड बन भी पाएगा या नहीं। इस स्थिति को लेकर लोगों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है।
बैंक ऑफ बड़ौदा व डाकघर में हरदिन उपभोक्ताओं व कर्मचारियों के बीच नोकझोक की स्थिति बनी हुई है। कारण यह कि दोनों ही जगहों पर कभी पांच तो कभी दस फॉर्म जारी किए जाते हैं, जबकि रात से लेकर सुबह तक औसतन 300 लोगों की लाइन यहां लग चुकी होती है।
ऐसे में निराश होकर वापस लौट रहे उपभोक्ता कर्मचारियों द्वारा तेज आवाज में बात करते ही अपना धैर्य खो बैठते हैं। उपभोक्ताओं ने प्रशासन के रवैये पर भी नाराजगी जताई। कहा कि आधार की अनिवार्यता के बावजूद उसे बनवाने के लिए पर्याप्त अवसर नहीं प्रदान किया जा रहा।

1-बैंक ऑफ बड़ौदा मुख्य शाखा पर आधार कार्ड के लिए लाइन में लगी भगवानपुर गांव निवासिनी वंदना ने कहा कि वह सुबह सात बजे से ही आकर लाइन में लगी है। उसका आधार कार्ड बना है, लेकिन पिता का नाम गलत है। उसे संशोधित कराने के लिए वह एक सप्ताह से चक्कर लगा रहे हैं। लाइन लंबी है और उसका नंबर बहुत दूर है। ऐसे में अब बगैर संशोधन कराए ही वापस लौटना पड़ रहा है।

2-आधार कार्ड बनवाने के लिए बीते पांच दिन से बैंक ऑफ बड़ौदा का चक्कर लगा रहीं उकरा निवासिनी अर्चना ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जिम्मेदार लोगों को इसे लेकर गंभीरता दिखानी चाहिए। कहा कि वह सुबह साढ़े छह बजे ही भाई के साथ आकर लाइन में लग गई। 15वां नंबर है। पता चला है कि दस लोगों के ही कार्ड बनेंगे। ऐसे में अब उसके सामने वापस घर लौटने की मजबूरी है।

3-गत 15 दिन से आधार कार्ड बनवाने के लिए प्रधान डाकघर का चक्कर लगाने वाले सिसवा गांव निवासी रघुवर ने मंगलवार रात डाकघर परिसर में ही सोकर गुजारा। कहा कि वह सोमवार रात ही परिसर पहुंच गया था। रात यहीं बिताई। भोर में लाइन में लग गए। पहला नंबर था सो अब तो बन ही जाएगा।

4-बैंक में खाता खुलवाने के लिए आधार कार्ड बनवाने के लिए चार दिन से चक्कर लगाने को मजबूर अरिया निवासी माला देवी ने बताया कि उनके पति रामजीत बुधवार को तड़के तीन बजे ही लाइन में लग गए। उनका चौथा नंबर था। सुबह जब कार्ड बनने का कार्य प्रारंभ हुआ तो माला अपने पुत्र के साथ मौके पर पहुंचकर लाइन में लग गई।

आधार कार्ड बनने के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएंगे। यह सुनिश्चित होगा कि उपभोक्ताओं को इस तरह की मुश्किलें न उठाना पड़े। जिन अन्य बैंकों में यह सेवा शुरू हो सकती है। उसे अविलंब शुरू कराया जाएगा। यह भी निर्देशित किया जाएगा कि उपभोक्ताओं के साथ कर्मचारी सदभाव का परिचय देंगे।
राकेश कुमार मिश्र, डीएम

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