विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
चंद्र ग्रहण में छोटा सा दान, बनाएगा धनवान : 5 जून 2020
Puja

चंद्र ग्रहण में छोटा सा दान, बनाएगा धनवान : 5 जून 2020

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

From nearby cities

विज्ञापन
Digital Edition

Prayagraj News: हत्या वाले दिन दिलीप मिश्रा ने किया था डॉ. बंसल को फोन

जीवन ज्योति अस्पताल के निदेशक डॉ बंसल की हत्या मामले से पूर्व ब्लॉक प्रमुख दिलीप मिश्र के कनेक्शन की जांच में जुटी पुलिस को एक अहम जानकारी हाथ लगी है। पता चला है कि हत्या वाले दिन दिलीप ने डॉ बंसल को फोन भी किया था। हिरासत में लिए गए दिलीप के गुर्गे व बर्खास्त सिपाही ने यह जानकारी पूछताछ में दी है। पुलिस अब उसकी ओर से दी गई जानकारी की सच्चाई जानने में जुटी है। 

27 मई को दिलीप मिश्रा के औद्योगिक क्षेत्र में लवायन कला स्थित कॉलेज से एक लाख के इनामी नीरज सिंह के पकड़े जाने के बाद पुलिस दिलीप की तलाश में जुटी थी। सूत्रों के मुताबिक, इसी दौरान शंकरगढ़ में उसका करीबी व पुलिस विभाग का बर्खास्त सिपाही राजेश पांडेय पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
... और पढ़ें

Prayagraj: करेली के नए मामलों से बढ़ा कोरोना के सामुदायिक प्रसार का खतरा

करेली में कोरोना के एक साथ दो नए मामले सामने आने से महामारी के सामुदायिक प्रसार का खतरा मंडरा रहा है। संक्रमित पाई गई करेली की महिला और विचाराधीन कैदी के संक्रमण का सोर्स का पता न चलने से जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से संक्रमण की रोकथाम के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। 

 नैनी जेल में विचाराधीन कैदी और महिला दोनों का यात्रा इतिहास नहीं है। दोनों यहीं रहे हैं और कहीं गए नहीं हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक महिला डायबिटिक और हाइपरटेंशन की मरीज है। हफ्ते भर पहले वह एसआरएन के मेडिसिन विभाग की आईसीयू में भर्ती थी। ठीक होकर घर आई थी।
... और पढ़ें

जिला जज ने  ह़ायर अथॉरिटी को भेजी प्रयागराज कवारंटीन सेंटर की जमीनी हकीकत, दो मरीजों की मौत से मचा था हड़कंप

कालिंदीपुरम स्थित इंस्टीट्यूशनल क़वारंटीन सेंटर और कोटवा बनी स्थित कोविड-19 लेवल वन हॉस्पिटल की वस्तुस्थिति  की रिपोर्ट जिला जज ने हायर अथॉरिटी को भेज दी है। जिला जज और उनकी टीम ने 2 दिन पहले क़वारंटीन सेंटर और एल -1 हॉस्पिटल  का दौरा किया था।

जिला जज  ने  दोनों ही स्थानों पर क़वारंटीन  किए गए और एल -1 हॉस्पिटल में भर्ती लोगों से  बात कर कई जानकारियां ली थीं। दरअसल, कोटवा-बनी एल-1 हॉस्पिटल में  भर्ती मरीजों ने पानी और खाने की व्यवस्था को लेकर हंगामा किया था जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हु आ था। इसके अलावा कालिंदीपुरम स्थित इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन सेंटर में दो लोगों की मौत हो गई थी।
... और पढ़ें

यूपी शिक्षक भर्ती: 67867 अभ्यर्थियों की मेरिट लिस्ट जारी

उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद ने परिषदीय प्राथमिक स्कूलों के लिए 67 हजार आठ सौ 67 सहायक अध्यापकों के चयन/नियुक्ति के लिए अनन्तिम चयन सूची जारी कर दी है। लिखित परीक्षा में 1133 एसटी अभ्यर्थी नहीं मिलने के चलते उनकी सीट खाली रखी गई है।

अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद की आधिकारिक वेबसाइट 
upbasiceduboard.gov.in  पर जाकर पूरी लिस्ट देख सकते हैं। परिषद की ओर से जारी सूची में किस अभ्यर्थी को कौन सा  जिला आवंटित किया गया है उसका विवरण है। शिक्षक भर्ती की 75 जिले की मेरिट कुल 2715 पेज में जारी की गई है।

तीन से छह जून के बीच होने वाली काउंसलिंग के लिए चुने गए अभ्यर्थियों का शिक्षक भर्ती के लिए चयन पक्का नहीं है। अभ्यर्थी को काउंसलिंग के दौरान आवेदन पत्र में प्रस्तुत प्रमाण पत्रों को प्रस्तुत करना होगा। काउंसलिंग में प्रमाण पत्रों को प्रस्तुत नहीं करने पर अभ्यर्थी का चयन नहीं होगा। 69 हजार शिक्षक भर्ती में सफल 1.46 लाख अभ्यर्थियों में से सभी लगभग नौ हजार अभ्यर्थी आवेदन नहीं किए हैं। शिक्षक भर्ती में लगभग 1.37 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इसमें पहली मेेरिट लिस्ट में 67867 अभ्यर्थियों को शामिल किया गया है।

69 हजार शिक्षक भर्ती में 28 मई तक आवेदन लिया गया। शिक्षक भर्ती में तय पद 69 हजार से दो गुने से अधिक अभ्यर्थियों के लिखित परीक्षा पास होने से काउंसलिंग का महत्व बढ़ गया है। पहले चरण की काउंसलिंग में अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों के बदले बाद में काउंसलिंग की तिथि जारी की जाएगी।  तय पदों से कम ही अभ्यर्थी लिखित परीक्षा पास कर पाए हैं लिहाजा काउंसिलिंग आदि जल्दी हो जाएगी। 

तीन से छह जून के बीच होगी काउंसलिंग 

बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से जारी पहले चरण की काउंसलिंग के लिए मेरिट के आधार पर 69 हजार अभ्यर्थियों में से 1133 एसटी की सीट को छोड़कर 67867 को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया है।शिक्षक भर्ती में सफल 1.46 लाख अभ्यर्थियों में से नौ हजार से अधिक ने काउंसलिंग के लिए आवेदन नहीं किया है। इन अभ्यर्थियों में आवेदन पत्र में संशोधन की मांग करने वालों के साथ किसी दूसरी नौकरी के लिए चुन लिए गए अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं। बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि काउंसलिंग की सूची में शामिल होने का मतलब यह नहीं है कि उनका चयन पक्का हो गया है।

काउंसलिंग में जरूरी दस्तावेज

काउंसलिंग में अभ्यर्थी सभी शैक्षिक अभिलेखों की दो सेट में स्व प्रमाणित छाया प्रति, चार पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ एवं सचिव उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज के पदनाम से आवेदन शुल्क (सामान्य, ओबीसी के लिए 500, एससी-एसटी के लिए 200 एवं विकलांग के लिए नि:शुल्क) का बैंकड्राफ्ट लेकर शामिल होंगे। काउंसलिंग में 100 रुपये के नोटरी शपथ पत्र पर इस आशय की घोषणा करनी होगी कि ऑनलाइन आवेदन में भरी सभी सूचनाएं सही हैं। जनपद में नियुक्ति के उपरांत अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की मांग नहीं करेंगे।

हाईकोर्ट में सुनवाई के चलते मेरिट में देरी

सहायक अध्यापक भर्ती की उत्तर कुंजी को लेकर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में सोमवार को ही सुनवाई के चलते बेसिक शिक्षा परिषद एवं एनआईसी के अधिकारियों को मेरिट जारी करने में देरी हुई। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सहित दूसरे अधिकारी मेरिट की तैयारी के लिए रविवार को ही लखनऊ चले गए थे।कोर्ट में सुनवाई के चलते अधिकारियों को मेरिट जारी करने में देरी हुई।

कोर्ट से उत्तरकुंजी वाले मामले में फैसले की तिथि तीन जून तय कर देने के बाद मेरिट जारी करने की प्रक्रिया शुरू हुई।शासन की अनुमति मिलते ही सूची जारी--बेसिक शिक्षा परिषद और एनआईसी की ओर से मेरिट सूची तैयार करके शाम तक शासन को भेज दिया गया था। शासन से अनुमति मिलने के बाद रात 10 बजे मेरिट लिस्ट जारी की गई। ... और पढ़ें
teacher teacher

यूपीः हर जिले में क्वारंटीन सेंटर की निगरानी को तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने का इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिया आदेश

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि वह हर जिले में तीन सदस्यीय निगरानी कमेटी का गठन करे। कमेटी न सिर्फ क्वारन्टीन सेंटरों की व्यवस्था और सुविधाओं का जायजा लेगी बल्कि यह भी देखेगी की किसी को भी निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद आवश्यक रूप से क्वारन्टीन सेंटर में न रोका जाए। ऐसा करना व्यक्ति के मौलिक अधिकार का हनन होगा।

कोर्ट ने कहा कि क्वारंटाइन किये गए व्यक्ति ने यदि अवधि पूरी कर ली है और उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है त्तथा अन्य कोई कानूनी अड़चन नहीं है तो ऐसे लोगो को क्वारंटाइन सेंटर से छोड़ा जाय।\nअधिवक्ता शाद अनवर की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही कोर्ट ने इससे पहले सरकार से क्वारंटाइन सेंटरो में रखे गए तबलीगी जमात के लोगो के बारे में जानकारी मांगी थी।
... और पढ़ें

प्रयागराज में कोविड-19 कोटवां बनी अस्पताल की दुर्व्यवस्था पर प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर योगी सरकार पर साधा निशाना

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रयागराज के कोटवा बनी कोविड 19 हास्पिटल की दुर्व्यवस्था पर ट्वीट कर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि यहां की व्यवस्था को सुधारने की जरूरत है। प्रियंका गांधी के इस ट्वीट के कई मायने निकाले जा रहे हैं। 

प्रियंका गांधी ने कोटवां बनी हास्पिटल में असुविधाओं से नाराज मरीजों के हंगामा का वीडियो भी शेयर किया है। प्रियंका गांधी ने लिखा है कि
प्रयागराज के कोटवा बनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद मरीज सुविधाओं का बुरा हाल बयान कर रहे हैं।

जमीन की सच्चाई मुख्यमंत्री जी के प्रचार से एकदम अलग है। यूपी में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में इन सुविधाओं के हाल को सुधारना बहुत जरूरी है।

ज्ञात है कि कोटवा बनी हास्पिटल में भर्ती मरीजों ने कुछ दिन पूर्व दुर्व्यवस्था को लेकर हंगामा किया था और जमकर नारेबाजी की थी। यहां भर्ती कोरोना मरीजों का आरोप था कि अस्पताल में भर्ती मरीजों को न तो समय से न ही गुणवत्तायुक्त भोजन दिया जा रहा है न ही यहां पर कोई सुविधाएं ही हैं।

मरीजों के हंगामे का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। मरीजों ने यहां की व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन और जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निशाने पर लिया था। प्रियंका गांधी ने इसी मुद्दे को लेकर प्रदेश की योगी सरकार पर तंज कसा है। 

 

  ... और पढ़ें

65 से अधिक आयु वालों को दें बहस की छूट, मुख्य न्यायाधीश से अपने फैसले पर पुनर्विचार का अनुरोध

आठ जून से हाईकोर्ट में प्रतिबंधों के साथ खुली अदालत में मुकदमों की सुनवाई की व्यवस्था को लेकर कई अधिवक्ताओं ने पुनर्विचार की मांग की है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं कांस्टीट्यूशन एंड सोशल रिफार्म के अध्यक्ष अमर नाथ त्रिपाठी ने कहा है कि  65 वर्ष से अधिक आयु के अधिवक्ताओं को हाईकोर्ट परिसर में प्रवेश की अनुमति न देना अनुच्छेद 14, अनुच्छेद 19(1)जी एवं,अनुच्छेद 21 के मूल अधिकारों के विपरीत है।

ऐसा करना आयु के आधार पर वकीलों के बीच भेदभाव करना है। केन्द्र सरकार की गाइड लाइन के पैरा सात में स्वास्थ्य एवं आवश्यक सेवाओं को छूट दी गई है। वादकारी को न्याय आवश्यक सेवाओं में शामिल है जिसे आयु के आधार पर नियंत्रित नहीं किया जा सकता है। जिस वादकारी  के लिए न्याय व्यवस्था है, उसे और उसके प्रतिनिधि को कोर्ट में जाने से रोकना उचित नहीं है। 

सोशल रिफार्म के अध्यक्ष अमरनाथ त्रिपाठी ने मुख्य न्यायाधीश से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है । अधिवक्ता शरदचंद्र मिश्र ने भी स्वास्थ्य की जांच कर 65 वर्ष से अधिक उम्र के वकीलों को भी मुकदमे में बहस करने की अनुमति देने की मांग की है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 8 जून से खुली अदालत में सुनवाई की व्यवस्था की है जिसमें 65वर्ष की आयु से अधिक के वकीलों को कोर्ट परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी है। उन्हें वीडियो कांफ्रेंसिंग से बहस की सुविधा दी गयी है। अन्य आयु के वकीलों को कोर्ट में आकर बहस करने अथवा वीडियो कांफ्रेसिंग से बहस की अनुमति दी गई है।
... और पढ़ें

यूपी सरकार ने हाईकोर्ट को बताई मजदूरों के पुनर्वास की नीति

इलाहाबाद हाईकोर्ट
प्रदेश  सरकार ने हाईकोर्ट को प्रवासी मजदूरों के पुनर्वास तथा कोरोना संक्रमण रोकने को लेकर किए जा रहे उपायों की जानकारी दी। राज्य सरकार के श्रम विभाग तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर अब तक  उठाए गए कदमों के बारे में बताया। कोर्ट ने याची से सरकार की ओर से दी गई जानकारी पर जवाब मांगा है। याचिका की सुनवाई  नौ जून को होगी। 

अधिवक्ता रितेश श्रीवास्वत और गौरव त्रिपाठी की जनहित याचिका पर मुख्य न्यायाधीश गोविन्द माथुर तथा न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा की खंडपीठ ने सुनवाई की।  कोर्ट ने राज्य  सरकार से पूछा था कि दूसरे राज्यों से आ रहे मजदूरों एवं उनके परिवार  के इलाज एवं, पुनर्वास  सहित ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना वायरस फैलने से रोकने की नीति व मानक क्या हैं।

कोर्ट ने यह भी पूछा था कि बाहर से लौट कर आए मजदूरों को जीविकोपार्जन के लिए दूसरे राज्यों में जाने में कमी लाने के लिए प्रदेश में पुनर्वास की क्या योजना है। इसके जवाब मे मुख्य स्थायी अधिवक्ता ने दस्तावेज दाखिल किए हैं।

याचिका में कहा गया है कि प्रत्येक नागरिक को  देश के किसी कोने में जीविकोपार्जन के लिए जाने और निवास का संवैधानिक अधिकार है। मजदूरों की मेहनत के बल पर विकास करने वाले राज्यों का वैधानिक दायित्व है कि वे उन्हें भूखे बेहाल होकर राज्य छोडने को विवश न करें। उनके रहने खाने का इंतजाम करें।

याची का कहना है कि मजदूर सडकों पर भूखे प्यासे परिवार सहित अपने राज्य के लिए निकल पड़े हैं। ट्रेनों में उनके खाने का इंतजाम नहीं है। खाने को लेकर स्टेशनों पर अफरातफरी मचाने की घटनाएं हुई हैं। याचिका में मजदूरों के मानव गरिमा के साथ भोजन की व्यवस्था करने का समादेश जारी करने की मांग की गई है। 
... और पढ़ें

अब जून के तीसरे सप्ताह में होगी निजी स्कूलों में फीस वसूली मामले में सुनवाई 

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लॉकडाउन के दौरान स्कूल कालेजों की ओर से फीस वसूली पर रोक लगाने की मांग में दाखिल जनहित याचिका को नियमानुसार दाखिल करने का आदेश देते हुए राज्य सरकार व निजी स्कूलों से जवाब मांगा है।

कोर्ट ने याचिका को 15 जून से आरंभ होने वाले सप्ताह में पेश करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि लॉकडाउन हटा लिया गया है और राज्य सरकार ने  सात अप्रैल 20 के शासनादेश से लॉक डाउन अवधि में फीस न जमा करने वाले छात्रों का नाम न काटने का निर्देश जारी किया है। ऐसे में याचिका की कोई अर्जेंसी नहीं है।

याचिका में स्कूल प्रबंधन पर जबरन फीस वसूली पर रोक लगाने और कुछ समय के लिए वसूली टालने की मांग की गई थी। यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज मित्तल तथा न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने अधिवक्ता आदर्श भूषण की जनहित याचिका पर दिया है। कोर्ट ने याची से कहा है कि वह ‘इंटरवीनर’ सहित विपक्षियों को पक्षकार बनाते हुए जनहित याचिका दाखिल करे। अभी पत्र याचिका की सुनवाई हो रही थी।
... और पढ़ें

70 दिन बाद गुलजार हुआ संगम, घिसे जाने लगे चंदन, मोक्ष के लिए अस्थि विसर्जन भी आरंभ

सोमवार से शुरू हो रहे लॉकडाउन-5 में भले ही आठ जून से मठ-मंदिर खुलेंगे, लेकिन उससे पहले संगम पर सन्नाटा टूट गया है। गंगा दशहरा से पहले संगम पर डुबकी, दीपदान शुरू होने से रौनक बढ़ गई है। पुरोहितों की चौकियों पर चंदन घिसे जाने लगे हैं।

तिलक-त्रिपुंड लगने के साथ ही मोक्ष के लिए अस्थि विसर्जन भी आरंभ हो गया है। इससे जहां पुरोहितों की आजीविका पर संकट टल गया है, वहीं तीर्थयात्रियों की आवाजाही शुरू होने से धार्मिक पर्यटन को संजीवनी मिलने की उम्मीद पैदा हो गई है।

कोरोना के खौफ के बीच तीन महीने के बाद संगम पर स्नान, ध्यान, पूजा और आरती के लिए लोगों ने हिम्मत बांध कर निकलना शुरू कर दिया है। रविवार को संगम तट पर महिलाएं और युवतियां रेती से शिवलिंग बनाती और पूजती रहीं। एक ओर पूजा-दान और दूसरी ओर मंग कामना केदीप भी जाए जाते रहे।
... और पढ़ें

UNLOCK 1.0: प्रयागराज में खुलेंगे सभी बाजार, संभलेगा कारोबार, सुबह नौ से रात नौ बजे तक होगा व्यापार

लॉक डाउनपार्ट-5 में शहर के कारोबारियों को जिला प्रशासन ने बड़ी राहत दी है। सोमवार एक जून से लागू हो रहे लॉक डाउन पार्ट-5 में शहर की सभी दुकानें रोस्टर के अनुसार सुबह नौ बजे से रात नौ बजे तक खोली जा सकेंगी। अभी शाम छह बजे तक ही दुकानें खुल पा रही थीं।

इतना ही नहीं, शहर के मुख्य बाजार चौक के व्यापारियों को भी जिला प्रशासन ने राहत देते हुए अन्य बाजारों की तरह वहां भी रोस्टर के मुताबिक दुकान खोले जाने की अनुमति दी है। यानी की चौक क्षेत्र समेत संपूर्ण जिले में कपड़े की दुकानें सप्ताह में तीन दिन खुलेंगी। प्रशासन ने सुबह के समय सैर सपाटा करने वालों को अब पार्क में जाने की छूट दी है। चंद्र शेखर आजाद पार्क समेत शहर के सभी पार्क पांच मई से खुल जाएंगे।
... और पढ़ें

5 साल की बच्ची की फिर से होगी कोरोना की जांच, लिया गया नमूना

सैदाबाद की रहने वाली 5 साल की बच्ची की कोरोना संक्रमण की दोबारा जांच कराई जाएगी। इसके लिए रविवार को उसका नमूना लिया गया और जांच के लिए उसे मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। इसके पहले बच्ची का स्वाब सैंपल 27 मई को लिया गया था। शनिवार को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उसकी कम उम्र को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने उसकी दोबारा से जांच कराने का निर्णय लिया है। 

सैदाबाद की बच्ची 16 मई को अपने माता-पिता और भाई के साथ गांव आई थी। जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसे, माता-पिता और भाई समेत कालिंदीपुरम ले जाकर क्वारंटीन करा दिया। 27 मई को उनकी कोरोना जांच के लिए स्वाब सैंपल लिया गया और उसे मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज भेज दिया। 30 मई को चारों की रिपोर्ट आई तो इसमें बच्ची कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई, जबकि उसके माता-पिता और भाई की रिपोर्ट निगेटिव आई। 
बच्ची की उम्र कम होने की वजह से जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने उसकी फिर से जांच कराने का निर्णय लिया है। रविवार को उसका नमूना लेकर मेडिकल कॉलेज में भेजा गया है। कोरोना के नोडल ऑफिसर डॉ. ऋषि सहाय ने बताया कि बच्ची को मुंबई से लौटे 15 दिन हो गए हैं, लिहाजा उसकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आने की संभावना है।

चूंकि बच्ची की उम्र 5 साल है, लिहाजा उसे अकेले हॉस्पिटल में भर्ती रखना ठीक नहीं है। इसीलिए उसकी दोबारा जांच कराई जा रही है। अगर दोबारा जांच में पॉजिटिव आई तो तो फिर उसके लिए  कुछ अलग से इंतजाम किया जाएगा। फिलहाल बच्ची अभी कालिंदीपुरम स्थित इंस्टीट्यूशनल क़्वारंटीन सेंटर में ही अपने अभिभावकों के पास है। लेकिन उसे अलग से आइसोलेट रखा गया है, ताकि बच्ची के संपर्क में और लोग न आ सकें।
... और पढ़ें
Election
  • Downloads

Follow Us