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नई आबकारी नीति से टूटेगा शराब सिंडिकेट

अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Tue, 06 Jun 2017 02:23 AM IST
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आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि शराब कारोबार से सिंडिकेट तोड़ने के लिए अगले वित्तीय वर्ष में नई आबकारी नीति लागू होगी। इसका खाका तैयार हो गया है। दो महीने के अंदर रिपोर्ट शासन को मिल जाएगी, जिसे मंत्रिमंडल की बैठक में अंतिम रूप देकर लागू करा दिया जाएगा। मौजूदा नीति के कारण प्रदेश सरकार को राजस्व की क्षति हो रही है। नई नीति से राजस्व बढ़ने के साथ-साथ अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। दुकानें कम होंगी लेकिन कोटा अधिक होगा, नई डिस्टलरी भी खुलेंगी।
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आबकारी आयुक्त कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए आबकारी मंत्री ने कहा कि विभाग के 36 अधिकारियों को पिछले महीने तेलंगाना, महाराष्ट्र, कर्नाटक सहित नौ राज्यों में वहां की आबकारी नीति का अध्ययन करने के लिए भेजा था। उनकी रिपोर्ट आयुक्त कार्यालय को मिल गई है, जिसका अध्ययन किया जा रहा है। सभी राज्यों की नीति के अच्छे बिंदुओं को शामिल करके यूपी के लिए नई आबकारी नीति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि एक-दो सिंडिकेट ने कई नामों से पश्चिमी यूपी के 32 जिलों की शराब की दुकानों पर कब्जा कर लिया है। पूरे प्रदेश का थोक कारोबार भी उन्हीं के शिकंजे में है। जिस ब्रांड की शराब को वह चाहते हैं, वही उपभोक्ताओं तक पहुंचती है। नई नीति से और डिस्टलरी खुलने की संभावनाएं हैं। मंत्री ने करीब एक घंटे तक नई आबकारी नीति के बारे में अफसरों के साथ समीक्षा की। इससे पहले कार्यालय के हर पटल का जायजा लिया, होलोग्राम बनाने की प्रक्रिया को बारीकी से देखा गया। समीक्षा के दौरान प्रमुख  सचिव आबकारी दीपक त्रिवेदी, आबकारी आयुक्त धीरज शाहू तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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