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आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंसे दो सरकारी अधिकारी

अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज Updated Wed, 15 May 2019 04:35 AM IST
MP MLA Court
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पूर्व मंत्री राकेशधर त्रिपाठी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच करने वाले सतर्कता विभाग के दो विवेचकों पर कानून की तलवार लटक रही है। विरोधाभासी रिपोर्ट देने पर ये दोनों जांच अधिकारी फंस सकते हैं। सतर्कता विभाग की एक जांच में उन पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप सही पाया गया है, जबकि दोबारा जांच में उनको क्लीन चिट दे दी गई। 
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स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने इस मामले की जांच करने वाले सतर्कता विभाग के निरीक्षकों भारत रत्न वार्ष्णेय, श्री प्रकाश सिंह, हवलदार सिंह यादव और रिपोर्ट अग्रसारण अधिकारी एसपी सतर्कता रामपाल गौतम तथा शैलेश कुमार यादव को कारण बताओ नोटिस जारी कर तलब कर लिया है। प्रकरण की सुनवाई छह जून 2019 को होगी।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पूर्व में की गई विवेचना और वर्तमान में की गई विवेचना में विरोधाभास है। कोर्ट ने घटित अपराध के संबंध में दो विपरीत मत के आधार पर वास्तविक घटना की स्थिति बताने के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया है तथा पूछा है कि न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग और विरोधाभासी विवेचना की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के संदर्भ में मुकदमा दर्ज कर क्यों न विधिक कार्यवाही की जाए। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने एडीजीसी राजेश कुमार गुप्ता को सुनकर दिया है।

बसपा सरकार में मंत्री रहे राकेशधर त्रिपाठी के खिलाफ 18 जून 2013 को भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में मुट्ठीगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। सतर्कता विभाग वाराणसी की जांच में पाया गया कि राकेशधर ने लोकसेवक के रूप में कार्य करते हुए अपनी आय के सापेक्ष दो करोड़ 17 लाख 58 हजरी 677 रुपये अधिक व्यय किया। 

इसके बाद 16 मार्च 2016 को आरोपपत्र न्यायालय विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार अधिनियम वाराणसी को भेजा गया। 14 नवंबर 2016 को राकेशधर त्रिपाठी ने कोर्ट में सरेंडर कर जमानत अर्जी पेश की, जिसे कोर्ट ने खारिज कर उन्हें जेल भेज दिया। हाईकोर्ट ने 18 जनवरी 2017 को उनकी जमानत मंजूर कर ली और जेल से उनकी रिहाई हो गई। पत्रावली आरोप तय किए जाने के स्तर पर लंबित है। इसी बीच राकेशधर त्रिपाठी की अर्जी पर प्रकरण की कुछ बिंदुओं पर अग्रिम विवेचना की गई। 

अग्रिम विवेचना में उनकी संपत्ति आय के सापेक्ष चार प्रतिशत अधिक पाई गई। इसे सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रदत्त दस प्रतिशत छूट से कम मानते हुए राकेशधर त्रिपाठी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का अपराध होना नहीं पाया गया। विवेचक हवलदार सिंह यादव की क्लोजर रिपोर्ट को एसपी सतर्कता शैलेश कुमार यादव ने 30 मार्च 2019 को स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए प्रेषित किया।

एक मामले में दो बार हुई जांच में दो विरोधाभासी रिपोर्ट मिलने पर स्पेशल कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए एक प्रर्कीण वाद सरकार बनाम निरीक्षक हवलदार सिंह आदि दर्ज किया है। कोर्ट ने सतर्कता विभाग के निरीक्षकों और दोनों अग्रसारण अधिकारी एसपी को कोर्ट में उपस्थित होकर कारण स्पष्ट करने का आदेश दिया है। सुनवाई के दौरान पूर्व मंत्री राकेशधर त्रिपाठी उपस्थित थे।

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