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मुख्तार अंसारी की वीडियो कांफ्रेंसिंग से गवाही कराए जाने की मांग नामंजूर

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 28 Jan 2021 01:03 AM IST
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मुख्तार अंसारी।
मुख्तार अंसारी। - फोटो : अमर उजाला।

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पंजाब की जिला रोपड़ जेल में बंद मुख्तार अंसारी की वीडियो कांफ्रेंसिंग से गवाही कराए जाने की अर्जी पर सुनवाई हुई। स्पेशल कोर्ट ने साफ कर दिया कि मुख्तार अंसारी की गवाही अभी स्थगित रहेगी।  हाईकोर्ट के आदेश के अनुरूप बाद में कराई जाएगी। मुख्तार अंसारी को छोड़कर अन्य गवाहों की गवाही प्रस्तुत किए जाने का आदेश अभियोजन को दिया है। गवाहों की सुरक्षा के संबंध में कोर्ट ने एसपी गाज़ीपुर और  एसएसपी प्रयागराज को निर्देश जारी किया है।
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यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज आलोक कुमार श्रीवास्तव ने मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता और अभियुक्त बृजेश सिंह के अधिवक्ता प्रमोद सिंह नीरज तथा अभियोजन को सुन कर दिया है। प्रकरण गाजीपुर जिले के मोहम्मदाबाद थाने का है। मुकदमा वादी मुख्तार अंसारी ने हत्या का एक मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें बृजेश सिंह आरोपित है। जो वर्तमान में भाजपा का एमएलसी है। पत्रावली 2013 से मुकदमा वादी मुख्तार अंसारी की गवाही के लिए विचाराधीन है।


मुख्तार अंसारी की ओर से अर्जी दी गई थी कि उनकी गवाही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कराई जाए और उन्होंने अपनी जान का खतरा बताया था अभियुक्त बृजेश सिंह के अधिवक्ता की ओर से वीडियो कांफ्रेंसिंग से गवाही कराए जाने का विरोध किया गया और इस संबंध में विधि व्यवस्था भी प्रस्तुत की गई। सुनवाई के बाद अदालत ने कहा कि इस न्यायालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं है। कोर्ट ने इस संबंध में जिला जज महोदय को पत्र लिखे जाने के लिए निर्देश दिया है। कोर्ट ने अभियोजन को निर्देश दिया कि गवाहों की उपस्थिति  3 फरवरी 2021 को कराई जाए।

यह  मामला है

गाजीपुर जिले के मोहम्मदाबाद थाने में वर्ष 2001 में बृजेश सिंह व अन्य के विरुद्ध कातिलाना हमला करने हत्या करने का मुकदमा मुख्तार अंसारी ने दर्ज कराया। जिसमें आरोप लगाया गया है कि मोहम्मदाबाद गाजीपुर में बृजेश सिंह व त्रिभुवन सिंह तथा उसके साथियों के द्वारा एके-47 जैसे स्वचालित घातक हथियारों से घात लगाकर किए गए हमले में वह घायल हो गए। कई अन्य  भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। अंगरक्षक सहित दो व्यक्तियों की मृत्यु हो गई है।

इस मामले में सत्र न्यायालय गाजीपुर में बृजेश सिंह व अन्य के विरुद्ध 13 जनवरी 2013 को आरोप भी तय कर दिया गया था। इसके बाद से लगातार पत्रावली गवाही के लिए विचाराधीन है। पुलिस ने आरोप पत्र में कुल 46 गवाहों को नामित किया है। जिसमें चोटहिल साक्षी मुख्तार अंसारी का भी नाम शामिल है। हाईकोर्ट ने मुकदमे को एक वर्ष में पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया है। अदालत ने आदेश  दिया है कि मुख्तार अंसारी को छोड़कर शेष अन्य गवाहों की गवाही दर्ज की जाए।

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