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बाला जी और अवंतिका अस्पताल में इलाज पर रोक, पंजीकरण निरस्त

अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 08 Sep 2018 01:54 AM IST
mahant indresh hospital
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पार्क रोड स्थित एक ही भवन में चल रहे दो अस्पतालों के संचालन पर सीएमओ ने रोक लगा दी गई है। बाला जी और अवंतिका अस्पताल का पंजीकरण निलंबित करते हुए मरीजों के इलाज पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। छात्र नेताओं की शिकायत पर कराई गई जांच के दौरान इन दोनों अस्पतालों में कई खामियां मिली हैं। इस संबंध में शासन को भी रिपोर्ट भेजी गई है।  सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेयी के मुताबिक इविवि के छात्र नेता अजीत यादव आदि ने बाला जी और अवंतिका अस्पताल (किडनी केयर सेंटर) में अनियमितताओं की शिकायत की थी। इसकी जांच के लिए टीम गठित की गई थी। कई आरोप पड़ताल में प्रथम दृष्टया पुष्ट हुए हैं। बाला जी और अवंतिका अस्पताल एक ही बिल्डिंग में संचालित मिले। इन अस्पतालों की फाइलों (बीएसटी) के कॉलम खाली मिले। डॉक्टरों के हस्ताक्षर भी नहीं थे। आरोप है कि इन अस्पतालों में मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जाता है। सीएमओ के मुताबिक मरीजों के बयान भी कार्रवाई के आधार बने। दोनों अस्पतालों का पंजीकरण निरस्त कर नोटिस जारी किया गया है। समय पर सही जवाब न मिला तो पंजीकरण निरस्त किया जा सकता है।   
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मरीजों ने जांच टीम को बताया कि परामर्श, परीक्षण मेडिकल कॉलेज के डॉ. दिलीप चौरसिया और डॉ. अरविंद गुप्ता करते हैं। डायलिसिस भी इन्हीं डॉक्टरों की देखरेख में की जाती है। डॉ.दिलीप चौरसिया के मुताबिक बाला जी चिकित्सालय उनकी पत्नी विदुला दिलीप के नाम है, जबकि अवंतिका की संचालिका डॉ. रचना हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल के पंजीकरण के निलंबन संबंधी पत्र या नोटिस अभी नहीं मिला है। बता दें कि दोनों अस्पतालों के खिलाफ जांच में ढिलाई और जानबूझ कर कार्रवाई न करने का आरोप लगाकर बुधवार को शिकायत करने वाले छात्र नेताओं ने सीएमओ दफ्तर पर नारेबाजी की थी। यहां से छात्र नेताओं ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रमुख सचिव की वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान हंगामा किया था। वहीं सीएमओ का घेराव कर प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे मेडिकल कॉलेज के डॉ. दिलीप चौरसिया ,डॉ. अरविंद गुप्ता और अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग दोहराते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी थी। विरोध करने वालों में अवनीश यादव, विवेकानंद पाठक, अखिलेश गुप्ता, अरविंद सरोज, रवि सिंह, धीरज यादव, चौधरी संदीप यादव, अविनाश विद्यार्थी, राहुल पटेल समेत बड़ी संख्या में छात्र शामिल थे।  

मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के डॉ. दिलीप चौरसिया और डॉ. अरविंद गुप्ता पर एक बार फिर प्राइवेट प्रैक्टिस करने के आरोप लगे हैं। सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेयी के मुताबिक शिकायतों के आधार पर जांच कराई गई है। सरकारी डॉक्टरों के प्राइवेट प्रैक्टिस करने का मामला संज्ञान में आया है। इस संबंध में कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। जानकारी के मुताबिक डॉ.दिलीप मेडिकल कॉलेज शिक्षक एसोसिएशन के अध्यक्ष और डॉ. अरविंद वर्तमान में मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष हैं। दोनों चिकित्सक गुर्दा रोग विशेषज्ञ हैं।

बाला जी अस्पताल का विवादों से पुराना नाता है। पिछले वर्ष शहर के एक प्रमुख व्यवसायी के भतीजे की मौत के बाद इलाज में लापरवाही के आरोप लगे थे। हाल ही में एक अन्य मरीज की मौत पर यहां हंगामा हो चुका है। आरोप है कि संचालक मेडिकल कॉलेज के नामचीन डॉक्टरों के नाम पर मरीज भर्ती करते हैं, लेकिन इलाज बिना डिग्री वाला स्टाफ करता है। 

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