विवादों से बचने के लिए आयोग ने बदली उत्तरकुंजी की व्यवस्था

Allahabad Bureauइलाहाबाद ब्यूरो Updated Sat, 06 Jun 2020 01:03 AM IST
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केवल 69 हजार शिक्षक भर्ती ही नहीं, तमाम भर्तियां गलत सवालों को लेकर विवादों में घिरी रहीं। इनमें प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठित पीसीएस परीक्षा भी शामिल है। विवादों के कारण अक्सर मामले कोर्ट में जाते रहे और परीक्षाओं के आयोजन पर संकट मंडराता रहा। इन्हीं विवादों से बचने के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने उत्तर कुंजी जारी करने की व्यवस्था ही बदल दी और जब आयोग ने पीसीएस-2019 की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी किया तो अभ्यर्थियों को इस महत्वपूर्ण बदलाव के बारे में जानकारी मिली।
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आयोग वर्ष 2015 से पहले उत्तर कुंजी जारी नहीं करता था लेकिन, पीसीएस-2015 में गलत सवालों को लेकर काफी विवाद हुआ और आयोग को प्रस्ताव लाना पड़ा कि परीक्षा होने के बाद अनंतिम उत्तर कुंजी जारी की जाएगी। इसके बाद छात्रों से आपत्ति ली जाएगी। आपत्तियों के निस्तारण के बाद परिणाम के दिन संशोधित उत्तर कुंजी जारी की जाएगी। तब से आयोग ने पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा के बाद उत्तर कुंजी पर आपत्तियां लेनी शुरू कर दीं और प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम के साथ संशोधित उत्तर कुंजी जारी की जाने लगी लेकिन पीसीएस-2019 में यह व्यवस्था अचानक बदल दी गई।
आयोग ने पीसीएस-2019 की प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट जारी करने के साथ यह भी स्पष्ट कर दिया कि उत्तर कुंजी अंतिम परिणाम आने के बाद जारी की जाएगी। इसके बाद एपीओ प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में भी यही व्यवस्था लागू कर दी गई। अब स्पष्ट हो चुका है कि आयोग ने उत्तर कुंजी जारी करने की व्यवस्था में स्थायी रूप से बदलाव कर दिया है। इससे पूर्व पीसीएस-2015, पीसीएस-2016, पीसीएस-2017 और पीसीएस-2018 में गलत सवालों के कारण परीक्षाएं विवादों में घिरी रहीं और अभ्यर्थियों को कोर्ट जाना पड़ा। आरओ/एआरओ की भी कई परीक्षाएं गलत सवालों के कारण विवादों में घिरी रहीं।
आयोग की ओर से उत्तर कुंजी जारी किए जाने की नई व्यवस्था लागू होने के बाद अभ्यर्थियों के लिए कोर्ट जाने का मौका कम हो गया है। अब अंतिम परिणाम जारी होने तक स्पष्ट ही नहीं हो सकेगा कि अभ्यर्थियों की अपत्तियों का निस्तारण किस तरह से किया गया। अंतिम परिणाम आने के बाद भी अभ्यर्थियों को संशोधित उत्तरकुंजी के लिए इंतजार करना होगा। इस व्यवस्था में बदलाव के कारण आयोग की पारदर्शी कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय ने आयोग अध्यक्ष से मांग की है कि आयोग को पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूर्व की भांति प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम के साथ ही संशोधित उत्तरकुंजी जारी करनी चाहिए।
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